{"_id":"63388fc6d861aa000a25205a","slug":"proposal-to-build-a-pucca-ghat-in-tigri-sent-to-the-union-ministry-gajraula-news-mbd4430421173","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिगरी में पक्का घाट बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय को भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तिगरी में पक्का घाट बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय को भेजा
सार
गंगा धाम तिगरी में पांच सौ मीटर लंबा और 21 मीटर चौड़ा पक्का घाट बनाया जाएगा।जिसकी गिनती उत्तर भारत के प्रमुख मेलों में की जाती है।जिसके कारण कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेला का स्थल भी स्थायी होगा, जबकि अब तक कटान के कारण हर साल काफी बदलाव होता रहता है।
विज्ञापन
विस्तार
गंगा धाम तिगरी में पांच सौ मीटर लंबा और 21 मीटर चौड़ा पक्का घाट बनाया जाएगा। इसके साथ तीन आरती घाट बनाए जाएंगे। जिससे कार्तिक पूर्णिमा, अमावस्या, ज्येष्ठ दशहरा, पितृ विसर्जन अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के बीच भव्य आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। महिला श्रद्धालुओं को कपड़े बदलने के लिए 20 चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। 20 टायलेट भी बनाए जाएंगे। इस पर 72 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
भाजपा विधायक राजीव तरारा ने बाढ़ खंड विभाग के जेई से इस्टीमेट बनवाकर डीएम को भिजवाया। डीएम ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। इलाके के लोग खासे गदगद हैं। कहते हैं कि इससे तिगरी में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले की भव्यता और बढ़ेगी।
तिगरी का प्राचीन इतिहास है। यहां पर सदियों से कार्तिक पूर्णिमा पर हर साल विशाल गंगा मेला लगता है। जिसकी गिनती उत्तर भारत के प्रमुख मेलों में की जाती है। करीब 15 दिन तक पांच किमी के दायरे में गंगा किनारे तंबुओं का शहर बस जाता है। घाट कच्चे होने के कारण खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मेला स्थल को समतल करने में ही लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। पक्के घाट बन जाने पर तिगरी पर्यटन के रूप में विकसित होगी।-डॉ. जयपाल सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, शिव इंटर कॉॅलेज गजरौला
विज्ञापन
पक्के घाट बन जाने से तिगरी गंगा किनारा भव्य और आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही हर साल गंगा द्वारा किए जाने वाला कटान भी रुकेगा। जिसके कारण कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेला का स्थल भी स्थायी होगा, जबकि अब तक कटान के कारण हर साल काफी बदलाव होता रहता है। एक बार खर्च होने के बाद जिला प्रशासन की हर साल की परेशानी दूर होगी।-पंडित गंगा शरण शर्मा, पुरोहित तिगरी
तिगरी में पक्के घाट बन जाने पर सबसे अधिक फायदा गंगा में स्नान करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को होगा। कार्तिक पूर्णमा पर दस से पंद्रह लाख श्रद्धालु प्रतिदिन गंगा में डुबकी लगाते हैं। महिलाओं को कपड़े बदलने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ज्येष्ठ दशहरा और पितृ विसर्जन अमावस्या पर तीन से चार लोग स्नान करते हैं। इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्नान करने वाले श्रद्धालु नावों से गंगा का भ्रमण करेंगे।-ओमपाल सिंह केवट, निवासी तिगरी
भाजपा विधायक के कहने पर तिगरी में पांच सौ मीटर लंबा, 21 मीटर चौड़ा पक्का घाट, तीन आरती घाट बनाए जाने के लिए एस्टीमेट बनाकर जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया गया है। डीएम ने प्रस्ताव को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में भेज दिया है। इसके अलावा एक गेस्ट हाउस भी तिगरी में बनाया जाएगा। पक्के घाट, आरती घाट पर 72 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।-सुभाष चंद्र गहलोत, जेई बाढ़ खंड गजरौला अमरोहा
तिगरी में गंगा घाट को पक्का बनाए जाने के लिए पूर्व में प्रस्ताव तैयार कराया था। जिसमें कुछ बदलाव किए गए। पूर्व में एक आरती घाट बनाए जाने की बात थी लेकिन अब तीन आरती घाट बनाए का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इसके अलावा एक गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। जिससे तिगरी में आने वाले किसी अति महत्वपूर्ण व्यक्ति या बड़े अधिकारी को ठहराया जा सके। प्रस्ताव तैयार करा कर जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भिजवा दिया गया है।- राजीव तरारा, भाजपा विधायक मंडी धनौरा
विज्ञापन
भाजपा विधायक राजीव तरारा ने बाढ़ खंड विभाग के जेई से इस्टीमेट बनवाकर डीएम को भिजवाया। डीएम ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। इलाके के लोग खासे गदगद हैं। कहते हैं कि इससे तिगरी में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले की भव्यता और बढ़ेगी।
विज्ञापन
तिगरी का प्राचीन इतिहास है। यहां पर सदियों से कार्तिक पूर्णिमा पर हर साल विशाल गंगा मेला लगता है। जिसकी गिनती उत्तर भारत के प्रमुख मेलों में की जाती है। करीब 15 दिन तक पांच किमी के दायरे में गंगा किनारे तंबुओं का शहर बस जाता है। घाट कच्चे होने के कारण खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मेला स्थल को समतल करने में ही लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। पक्के घाट बन जाने पर तिगरी पर्यटन के रूप में विकसित होगी।-डॉ. जयपाल सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, शिव इंटर कॉॅलेज गजरौला
विज्ञापन
पक्के घाट बन जाने से तिगरी गंगा किनारा भव्य और आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही हर साल गंगा द्वारा किए जाने वाला कटान भी रुकेगा। जिसके कारण कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेला का स्थल भी स्थायी होगा, जबकि अब तक कटान के कारण हर साल काफी बदलाव होता रहता है। एक बार खर्च होने के बाद जिला प्रशासन की हर साल की परेशानी दूर होगी।-पंडित गंगा शरण शर्मा, पुरोहित तिगरी
तिगरी में पक्के घाट बन जाने पर सबसे अधिक फायदा गंगा में स्नान करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को होगा। कार्तिक पूर्णमा पर दस से पंद्रह लाख श्रद्धालु प्रतिदिन गंगा में डुबकी लगाते हैं। महिलाओं को कपड़े बदलने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ज्येष्ठ दशहरा और पितृ विसर्जन अमावस्या पर तीन से चार लोग स्नान करते हैं। इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्नान करने वाले श्रद्धालु नावों से गंगा का भ्रमण करेंगे।-ओमपाल सिंह केवट, निवासी तिगरी
भाजपा विधायक के कहने पर तिगरी में पांच सौ मीटर लंबा, 21 मीटर चौड़ा पक्का घाट, तीन आरती घाट बनाए जाने के लिए एस्टीमेट बनाकर जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया गया है। डीएम ने प्रस्ताव को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय में भेज दिया है। इसके अलावा एक गेस्ट हाउस भी तिगरी में बनाया जाएगा। पक्के घाट, आरती घाट पर 72 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।-सुभाष चंद्र गहलोत, जेई बाढ़ खंड गजरौला अमरोहा
तिगरी में गंगा घाट को पक्का बनाए जाने के लिए पूर्व में प्रस्ताव तैयार कराया था। जिसमें कुछ बदलाव किए गए। पूर्व में एक आरती घाट बनाए जाने की बात थी लेकिन अब तीन आरती घाट बनाए का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इसके अलावा एक गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। जिससे तिगरी में आने वाले किसी अति महत्वपूर्ण व्यक्ति या बड़े अधिकारी को ठहराया जा सके। प्रस्ताव तैयार करा कर जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भिजवा दिया गया है।- राजीव तरारा, भाजपा विधायक मंडी धनौरा