अमरोहा। यौमे कुद्स पर शिया समुदाय के लोगों ने फिलिस्तीन पर हो रहे इजराइली जुल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त राष्ट्र संघ से बैतूल मुकद्दस की आजादी और आतंकवाद के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की।
शुक्रवार को शिया जामा मस्जिद में नमाज के बाद यौमे कुद्स मनाया गया। इमाम जुमा वल जमात मौलाना डॉ सियादत नकवी ने कहा कि यौमे कुद्स जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने का मौका है। रमजान के आखिरी जुमे को इसकी शुरुआत आयतुल्लाह खुमैनी ने की थी। कहा कि इजराइल की फौज सालों से फिलिस्तीन पर जुल्म कर रही है। निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। यह सब अमेरिका की शह पर हो रहा है और आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है। पूरी दुनिया में जहां-तहां हो रहे जुल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ से इन सभी मामलों में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की बात कही। इस दौरान डॉ एहसन अख्तर, मौलाना एजाज, मौलाना शादाब हैदर, गुफरान मेहदी, डॉ शहजाद, खुर्शीद हैदर जैदी, अबुल हसन आदि मौजूद रहे। वहीं, नौगावां सादात की शिया जामा मस्जिद से भी यौमे कुद्स पर जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई गई। आतंकवाद और जुल्म के खिलाफ तकरीर पेश इमाम मौलाना मसरूर अब्बास ने की। इस दौरान हैदर हुसैन, तनवीर इमाम, मौलाना आबिद, मौलाना मुस्लिम, मोहम्मद अब्बास, हाजी नासिर अब्बास, नूर अब्बास राणा, जामिन अब्बास आदि मौजूद रहे।