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आदमपुर पुलिस को मृतकों व सजायफ्ता लोगों से भी शांतिभंग की आशंका
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ढबारसी (अमरोहा)। आदमपुर पुलिस को विधानसभा चुनाव में मृतकों व न्यायालय से उम्रकैद की सजा में जेल में बंद लोगों से भी शांतिभंग की आशंका सता रही है। यह मामला ढबारसी पुलिस चौकी के कस्बा ढबारसी का है।
ढबारसी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह व सिपाही राहुल यादव ने विधानसभा चुनाव में ढबारसी कस्बे के 59 लोगों से शांतिभंग की आशंका जताते हुए न्यायालय को दो-दो लाख रुपये के मुचलकों पर पाबंद करने की चालान रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में निर्दोष कुमार पुत्र निशा पति का नाम भी मुचलके में पाबंद करने के लिए भेजा है। जबकि, निर्दोष कुमार की मृत्यु 13 सितंबर को हो चुकी है। उसकी मृत्यु को चार माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन पुलिस की नजर में वह जिंदा है। विधानसभा चुनाव को वह प्रभावित सकता है। मतदान में शांतिभंग करने की पुलिस को आशंका है।
इसके अलावा रज्जाक पुत्र नूर अहमद (60) की मौत लगभग दो माह पूर्व बीमारी के कारण हो गई थी, लेकिन पुलिस को इस चुनाव में उनसे भी शांतिभंग की आशंका है। वहीं इस्लाम पुत्र अबरार को 26 नवंबर को जनपद न्यायाधीश ने बालक की हत्या में दोषी करार ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसी दिन न्यायालय से मुरादाबाद की जेल भेज दिया था, लेकिन पुलिस को खतरा है कि वह जेल की चारदीवारी से भागकर चुनाव में व्यवधान डाल सकता है। मुदित गुर्जर पुत्र अक्षय कुमार नाम का कोई व्यक्ति ढबारसी कस्बे में नहीं है, लेकिन पुलिस को इससे भी परेशानी है।
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आदमपुर पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र में चुनाव के मद्देनजर की गई निरोधात्मक कार्रवाई संदेह के घेरे में आ गई है। जिसमें चुनावी गतिविधियों से दूर लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
यह चालान रिपोर्ट मेरे कार्यकाल से पूर्व में भेजी गई थी। लापरवाही के चलते जिन लोगों के गलत नाम भेजे गए हैं, उनके नाम कटवा दिए जाएंगे। - कृपाल सिंह, थानाध्यक्ष आदमपुर।
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ढबारसी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह व सिपाही राहुल यादव ने विधानसभा चुनाव में ढबारसी कस्बे के 59 लोगों से शांतिभंग की आशंका जताते हुए न्यायालय को दो-दो लाख रुपये के मुचलकों पर पाबंद करने की चालान रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में निर्दोष कुमार पुत्र निशा पति का नाम भी मुचलके में पाबंद करने के लिए भेजा है। जबकि, निर्दोष कुमार की मृत्यु 13 सितंबर को हो चुकी है। उसकी मृत्यु को चार माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन पुलिस की नजर में वह जिंदा है। विधानसभा चुनाव को वह प्रभावित सकता है। मतदान में शांतिभंग करने की पुलिस को आशंका है।
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इसके अलावा रज्जाक पुत्र नूर अहमद (60) की मौत लगभग दो माह पूर्व बीमारी के कारण हो गई थी, लेकिन पुलिस को इस चुनाव में उनसे भी शांतिभंग की आशंका है। वहीं इस्लाम पुत्र अबरार को 26 नवंबर को जनपद न्यायाधीश ने बालक की हत्या में दोषी करार ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसी दिन न्यायालय से मुरादाबाद की जेल भेज दिया था, लेकिन पुलिस को खतरा है कि वह जेल की चारदीवारी से भागकर चुनाव में व्यवधान डाल सकता है। मुदित गुर्जर पुत्र अक्षय कुमार नाम का कोई व्यक्ति ढबारसी कस्बे में नहीं है, लेकिन पुलिस को इससे भी परेशानी है।
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आदमपुर पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र में चुनाव के मद्देनजर की गई निरोधात्मक कार्रवाई संदेह के घेरे में आ गई है। जिसमें चुनावी गतिविधियों से दूर लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
यह चालान रिपोर्ट मेरे कार्यकाल से पूर्व में भेजी गई थी। लापरवाही के चलते जिन लोगों के गलत नाम भेजे गए हैं, उनके नाम कटवा दिए जाएंगे। - कृपाल सिंह, थानाध्यक्ष आदमपुर।