{"_id":"66e49d2529315a7686001884","slug":"national-highway-authority-is-responsible-for-waterlogging-in-mda-colony-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-125643-2024-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: एमडीए कॉलोनी में जल भराव के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: एमडीए कॉलोनी में जल भराव के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जिम्मेदार
विज्ञापन
गजरौला (अमरोहा)।
एमडीए कॉलोनी में जलभराव से निजात दिलाने के लिए बनाए गए नाले की गहराई का ध्यान नहीं रखा गया। एडीएम की गठित टीम द्वारा आठ स्थानों पर कराई गई नाप में उसकी गहराई 40 सेंटीमीटर से लेकर 125 तक पाई गई। ईओ ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी किया है।
नगर की एमडीए कॉलोनी में जलभराव से निजात दिलाने के लिए हाईवे की सर्विस रोड किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नाला निर्माण कराया, मगर नाला बनाते समय यह ध्यान नहीं किया गया कि इसका तल कहां पर ऊंचा बन रहा है कहां पर नीचा रह गया। जिससे कॉलोनी का जल बाहर नहीं निकलने की बजाय अंदर भरा रहता है। मामूली बारिश में कॉलोनी के पार्क, सड़क जलमग्न हो जाते हैं। कॉलोनी के लोगों ने ईओ दीपिका शुक्ला से मिलकर जलभराव से निजात दिलाने की मांग की।
ईओ ने यह समस्या एडीएम के सामने उठाई। एडीएम ने टीम गठित की। टीम में ईओ, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जेई और एसडीएम मंडी धनौरा और एमडीए के जेई को शामिल किया। टीम काे नाले का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। एडीएम की गठित टीम ने नाले का निरीक्षण किया। देखा कि आखिर किस वजह से पानी की निकासी नहीं हो रही है। आठ स्थानों पर नाले की गहराई की नाप कराई। एमडीए की तरफ से कराई गई नाप में उसकी गहराई में बड़ा अंतर पाया गया। पहले स्थान पर नाला 40 सेंटीमीटर गहरा, दूसरे स्थान पर 85 सेंटीमीटर, 105 और 125 सेंटीमीटर गहरा पाया गया। आखिरी छोर का मुहाना ऊंचा होने के कारण जल निकासी में रोड़ा बन रहा है। इसके अलावा बीते एक साल से नाले की सफाई भी नहीं पाई गई। ईओ ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी किया गया है। जवाब मांगा गया है कि नाला बनाते समय उसके लेवल का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। साल भर से नाले की सफाई क्यों नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमडीए कॉलोनी में जलभराव से निजात दिलाने के लिए बनाए गए नाले की गहराई का ध्यान नहीं रखा गया। एडीएम की गठित टीम द्वारा आठ स्थानों पर कराई गई नाप में उसकी गहराई 40 सेंटीमीटर से लेकर 125 तक पाई गई। ईओ ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी किया है।
नगर की एमडीए कॉलोनी में जलभराव से निजात दिलाने के लिए हाईवे की सर्विस रोड किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नाला निर्माण कराया, मगर नाला बनाते समय यह ध्यान नहीं किया गया कि इसका तल कहां पर ऊंचा बन रहा है कहां पर नीचा रह गया। जिससे कॉलोनी का जल बाहर नहीं निकलने की बजाय अंदर भरा रहता है। मामूली बारिश में कॉलोनी के पार्क, सड़क जलमग्न हो जाते हैं। कॉलोनी के लोगों ने ईओ दीपिका शुक्ला से मिलकर जलभराव से निजात दिलाने की मांग की।
विज्ञापन
ईओ ने यह समस्या एडीएम के सामने उठाई। एडीएम ने टीम गठित की। टीम में ईओ, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जेई और एसडीएम मंडी धनौरा और एमडीए के जेई को शामिल किया। टीम काे नाले का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। एडीएम की गठित टीम ने नाले का निरीक्षण किया। देखा कि आखिर किस वजह से पानी की निकासी नहीं हो रही है। आठ स्थानों पर नाले की गहराई की नाप कराई। एमडीए की तरफ से कराई गई नाप में उसकी गहराई में बड़ा अंतर पाया गया। पहले स्थान पर नाला 40 सेंटीमीटर गहरा, दूसरे स्थान पर 85 सेंटीमीटर, 105 और 125 सेंटीमीटर गहरा पाया गया। आखिरी छोर का मुहाना ऊंचा होने के कारण जल निकासी में रोड़ा बन रहा है। इसके अलावा बीते एक साल से नाले की सफाई भी नहीं पाई गई। ईओ ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी किया गया है। जवाब मांगा गया है कि नाला बनाते समय उसके लेवल का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। साल भर से नाले की सफाई क्यों नहीं की गई।
विज्ञापन