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नौगांवा सादात के मोहम्मद रजा और तूबा फुरकान की भी हुई वतन वापसी
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कस्बे के रहने वाले एमबीबीएस के छात्र मोहम्मद रजा और तूबा फुरकान भी यूक्रेन से सकुशल वतन वापस लौट आए हैं। एयरपोर्ट से ही मोहम्मद रजा परिजनों के साथ दिल्ली स्थित फ्लैट रुके। जबकि तूबा एयरपोर्ट से सीधे अपने घर पहुंची। दोनों बच्चों के परिजनों ने उनका स्वागत किया।
नौगावां सादात की नई बस्ती निवासी फुरकान अहमद की बेटी तूबा फुरकान युक्रेन की एक मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। तूबा पिछले चार दिन से हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में एक शेल्टर हाउस में थीं। शुक्रवार की सुबह घर पहुंचने पर तूबा ने यूक्रेन के हालात बयां किए। उन्होंने बताया कि रूसी का यूक्रेन पर हमला दिनों दिन तेज होता जा रहा है। वहां के हालात ठीक नहीं हैं। हमले का सायरन बजते ही हॉस्टल से सीधे बंकर की तरफ दौड़ लगानी पड़ती थी। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को छात्रों ने निजी खर्चे पर दो बस की व्यवस्था की। सकुशन घर पहुंचने की दौड़ में आधा अधूरा सामान पैक कर हंगरी के लिए निकल पड़े थे। वहां बड़ी-बड़ी इमारतें जमीन पर बिखरी पड़ी हैं। 28 फरवरी को हंगरी बॉर्डर तक पहुंचे और किसी तरह हंगरी में एंट्री ली। तभी से हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के पास शेल्टर होम में रुके हुए थे। बृहस्पतिवार को फ्लाइट मिलने के बाद वतन वापसी हुई है। नौगावां सादात निवासी छात्र मोहम्मद रजा भी गुरुवार रात सकुशल घर वापसी हो गई है। रूसी हमले के बीच वह तीन दिन से पोलैंड के शेल्टर होम में रुके हुए थे। एयरपोर्ट से रजा के परिजन उन्हें सीधे अपने दिल्ली स्थित फ्लैट पर ले गए। रजा के सकुशल वापस आने से परिजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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नौगावां सादात की नई बस्ती निवासी फुरकान अहमद की बेटी तूबा फुरकान युक्रेन की एक मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। तूबा पिछले चार दिन से हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में एक शेल्टर हाउस में थीं। शुक्रवार की सुबह घर पहुंचने पर तूबा ने यूक्रेन के हालात बयां किए। उन्होंने बताया कि रूसी का यूक्रेन पर हमला दिनों दिन तेज होता जा रहा है। वहां के हालात ठीक नहीं हैं। हमले का सायरन बजते ही हॉस्टल से सीधे बंकर की तरफ दौड़ लगानी पड़ती थी। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को छात्रों ने निजी खर्चे पर दो बस की व्यवस्था की। सकुशन घर पहुंचने की दौड़ में आधा अधूरा सामान पैक कर हंगरी के लिए निकल पड़े थे। वहां बड़ी-बड़ी इमारतें जमीन पर बिखरी पड़ी हैं। 28 फरवरी को हंगरी बॉर्डर तक पहुंचे और किसी तरह हंगरी में एंट्री ली। तभी से हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के पास शेल्टर होम में रुके हुए थे। बृहस्पतिवार को फ्लाइट मिलने के बाद वतन वापसी हुई है। नौगावां सादात निवासी छात्र मोहम्मद रजा भी गुरुवार रात सकुशल घर वापसी हो गई है। रूसी हमले के बीच वह तीन दिन से पोलैंड के शेल्टर होम में रुके हुए थे। एयरपोर्ट से रजा के परिजन उन्हें सीधे अपने दिल्ली स्थित फ्लैट पर ले गए। रजा के सकुशल वापस आने से परिजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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