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Amroha News: किसान को जिंदा जलाकर हत्या करने में दोषी मां और चार बेटों को उम्रकैद

Fri, 21 Jul 2023 11:59 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 21 Jul 2023 11:59 PM IST
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Life imprisonment to mother and four sons convicted of burning farmer alive
अमरोहा। छह साल पहले डिडौली गांव में किसान श्रीपाल सिंह को जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने दोषी मां और चार बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही चालीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही मुख्य आरोपी जेल में बंद है। जबकि जमानत पर छूटे चार दोषियों को न्यायालय का फैसला आने के बाद कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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ये घटना डिडौली गांव में 10 जून 2017 की रात को हुई थी। गांव में किसान जयपाल सिंह और अंगद सिंह के परिवार रहते हैं। दोनों परिवारों के बीच मकान के रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाली रात जयपाल सिंह के 42 वर्षीय छोटे बेटे श्रीपाल सिंह अपने घर की दूसरी मंजिल पर आराम कर थे। तभी अंगद सिंह का बेटा भूरा, कालिया, बबलू, ओमपाल सिंह और इनकी मां पुष्पा देवी ने घर में घुसकर श्रीपाल सिंह पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। बचाव के लिए आए श्रीपाल सिंह के भाई रनवीर सिंह और उनकी बेटी वाटिका को भी जिंदा जलाने की धमकी दी। किसी तरह परिजनों ने श्रीपाल सिंह को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उन्हें दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल ले जाया गया। लेकिन 14 जून 2017 को इलाज के दौरान श्रीपाल की मौत हो गई। मरने से पहले श्रीपाल सिंह ने तहसीलदार को आरोपियों के खिलाफ अपने बयान दर्ज कराए थे। इस मामले में मृतक के बड़े भाई रनवीर सिंह की तहरीर पर आरोपी भूरा, कालिया, बबलू, ओमपाल और इनकी मां पुष्पा देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन बाद में कालिया, बबलू, ओमपाल सिंह और पुष्पा देवी को जमानत मिल गई थी। लेकिन मुख्य आरोपी भूरा को तमाम प्रयासों के बाद भी जमानत नहीं मिल सकी। गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में बंद है। ये मुकदमा जनपद न्यायाधीश संजीव कुमार की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य व सबूतों के आधार पर पांचों को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। साथी पांचो पर 8- 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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