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Amroha News: हाईवे पर अवैध कट बने हादसों का शॉर्टकट

Thu, 21 Nov 2024 02:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 21 Nov 2024 02:50 AM IST
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Illegal cuts on the highway become shortcuts to accidents
जोया में हाईवे पर बने अवैध कट से होकर जाते बाइक सवार। संवाद - फोटो : संवाद
अमरोहा। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बने अवैध कट खतरनाक साबित हो रहे हैं। शॉर्टकट के चक्कर में लोग हादसों का शिकार हो रहे है। यह स्थिति तब है जब हर साल यातायात सप्ताह या यातायात माह के तहत लोगों को जागरूक किया जाता है।
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वहीं, प्रशासनिक स्तर पर अवैध कटों को बंद कराने की कवायद भी की जाती है, लेकिन जिम्मेदारियों को बखूबी नहीं निभाया जाता। हाईवे के दोनों ओर पड़ने वाले गांव, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप के सामने अवैध कट बने हैं। यही, वजह है कि हर साल सबसे अधिक हादसे हाईवे पर होते हैं। हाईवे पर अवैध कट बंद होंगे तो हादसों पर लगाम लग सकेगी।
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जिले में हादसों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले पांच सालों में जिले के सड़कों पर 1693 हादसे हुए हैं। इनमें 1107 लोगों की मौत हुई है। जबकि, 586 लोग घायल हुए हैं। हाईवे पर लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। इसे प्रशासन की उदासीनता कहेंगे या फिर लोगों में जागरूकता का अभाव। मुरादाबाद-दिल्ली हाईवे पर डिडौली से लेकर गजरौला तक कई नामचीन रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल हैं। ज्यादातर के सामने अवैध कट बना लिए गए हैं। इनसे होकर जब गाड़ियां मुड़ती हैं तो हादसे की आशंका बनी रहती है। विभागीय अधिकारी रेस्टोरेंट और होटल मालिकों के प्रभाव में कार्रवाई नहीं करते हैं। इन अवैध कटों को बंद करने की बजाय एनएचएआई, पुलिस, परिवहन व पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आंख बंदकर बैठे रहते हैं।
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छह लेन के हाईवे पर बने अवैध कट हादसों का शॉर्टकट बन रहे हैं। ब्रजघाट से लेकर मुरादाबाद की सीमा तक अवैध कट बने नजर आते हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों के बीच यहां से गुजरना हादसे का सबब बन जाता है। बावजूद इसके न तो एनएचआई रोकथाम कर रही है और न ही ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं। जबकि हाईवे पर खून के छींटों का दायरा बढ़ता जा रहा है।
कोहरे में होते हैं ज्यादा हादसे
कोहरे में रोजाना ही कोई न कोई हताहत हो जाता है। हाईवे पर डिवाइडर कम चौड़े और उन पर पेड़ न होने से दूसरी लेन पर जाने वाले वाहन की लाइट भी सीधी आंखों पर पड़ती है। ये भी हादसे होने की मुख्य वजह है।
अमरोहा में 62 किमी के हाईवे पर करीब 25 अवैध कट
पाकबड़ा से ब्रजघाट तक 62 किलोमीटर लंबे हाईवे की दोनों लेन पर 25 अवैध कट तो ऐसे है, जिन्हें मौत का कट कहना गलत नहीं होगा। इन कट से दोपहिया वाहनों के साथ भारी वाहन भी गुजरते हैं। इस दूरी के 12 फ्लाईओवर को छोड़ दें तो डिवाइडर भी खतरे से खाली नहीं हैं।
स्टेट हाईवे, रिंग रोड पर अव्यवस्था
हाईवे पर वाहन लंबी दूरी पर जाने वाले वाहन तेज रफ्तार से जाते हैं। सामने अचानक वाहन आने से हादसे होते रहते हैं। कोहरे में तो रोज ही कोई न कोई क्षतिग्रस्त वाहन मिल जाता है। इसके अलावा स्टेट हाईवे, रिंग रोड और संपर्क मार्गों पर भी खूब अव्यवस्थाएं हैं। इन पर लाइटों की व्यवस्था नहीं हैं।
लोगों ने अपनी सुविधा के लिए बनाए अवैध कट
हाईवे पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए अवैध कट बना लिए हैं। रोजाना एक दो हादसे होते हैं। प्रशासन को इन कट को बंद करने के साथ ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें। इतना ही नहीं सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल गड्ढे में पत्थर और बजरी डाल दी जाती है। हाईवे पर कई जगह दोनों तरफ गांव की आबादी घनी है। कोई स्पीड ब्रेकर भी नहीं है और न ही गांव में मोड़ के लिए कोई संकेतक बोर्ड है।

- पुलिस कांवड़ यात्रा, गंगा स्नान व अन्य कई मौके पर अवैध कट बंद कराती है। एनएचआई के अधिकारियों को भी हाईवे पर बने अवैध कट बंद कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने गजरौला क्षेत्र के कट बंद भी कराए हैं। अब ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा जो अपने फायदे के लिए अवैध कट बना लेते हैं और उनकी वजह से हादसे होते हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। -राजीव कुमार सिंह, एएसपी
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