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अमरोहा में जल्द अपने भवन में होगा बाट-माप विभाग कार्यालय
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गजरौला/अमरोहा। बाट-माप विभाग का कार्यालय जल्द ही अपने भवन में संचालित होने की उम्मीद जगी है। बीते ढाई दशक से जमीन की तलाश कर रहे विभाग को कांठ रोड पर तीन सौ वर्ग मीटर भूमि एसडीएम ने चिह्नित कर दी है। भवन और कार्यालय निर्माण के लिए बाट-माप विभाग ने अपनी सहमति दे दी है।
जनपद का वर्ष 1997 में सृजन होने के बाद बाट-माप विभाग का कार्यालय किराए के भवन में चल रहा है। बीते ढाई दशक से विभाग ने कई बार यह कोशिश की कि उसका कार्यालय अपने भवन में संचालित किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग से भूमि मुहैया कराने की गुहार लगाई। कई बार शासन को भी पत्र लिखा, लेकिन भूमि नहीं मिली, जिसके चलते कार्यालय किराए के भवन से बाहर नहीं आ सका। भवन स्वामी भी किराया बढ़ाने या खाली करने का दबाव बना रहा है।
उधर भूमि की तलाश भी लगातार जारी रही। अब एसडीएम सदर विवेक यादव ने बाट-माप विभाग कार्यालय के लिए कांठ रोड पर तीन सौ वर्ग मीटर भूमि चिह्नित कर दी है। भवन निर्माण के लिए बाट-माप निरीक्षक कुलदीप दिनकर व अन्य कर्मचारियों ने भी सहमति दे दी है। कुलदीप दिनकर का कहना है कि जल्द ही भवन निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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कई बार वापस हुई निधि
बाट-माप विभाग कार्यालय के लिए भवन निर्माण को शासन शुरू से ही गंभीर रहा है। शासन की मंशा थी कि खुद के भवन में कार्यालय संचालित किया जाए। क्योंकि किराया काफी महंगा पड़ रहा है। शासन ने कई बार 40 लाख रुपये भवन निर्माण के लिए भेजी, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण निधि वापस कर दी गई। मगर अब जल्द ही निर्माण की उम्मीद जगी है।
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जनपद का वर्ष 1997 में सृजन होने के बाद बाट-माप विभाग का कार्यालय किराए के भवन में चल रहा है। बीते ढाई दशक से विभाग ने कई बार यह कोशिश की कि उसका कार्यालय अपने भवन में संचालित किया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग से भूमि मुहैया कराने की गुहार लगाई। कई बार शासन को भी पत्र लिखा, लेकिन भूमि नहीं मिली, जिसके चलते कार्यालय किराए के भवन से बाहर नहीं आ सका। भवन स्वामी भी किराया बढ़ाने या खाली करने का दबाव बना रहा है।
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उधर भूमि की तलाश भी लगातार जारी रही। अब एसडीएम सदर विवेक यादव ने बाट-माप विभाग कार्यालय के लिए कांठ रोड पर तीन सौ वर्ग मीटर भूमि चिह्नित कर दी है। भवन निर्माण के लिए बाट-माप निरीक्षक कुलदीप दिनकर व अन्य कर्मचारियों ने भी सहमति दे दी है। कुलदीप दिनकर का कहना है कि जल्द ही भवन निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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कई बार वापस हुई निधि
बाट-माप विभाग कार्यालय के लिए भवन निर्माण को शासन शुरू से ही गंभीर रहा है। शासन की मंशा थी कि खुद के भवन में कार्यालय संचालित किया जाए। क्योंकि किराया काफी महंगा पड़ रहा है। शासन ने कई बार 40 लाख रुपये भवन निर्माण के लिए भेजी, लेकिन जमीन नहीं मिलने के कारण निधि वापस कर दी गई। मगर अब जल्द ही निर्माण की उम्मीद जगी है।