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Amroha News: छोड़ दी थी बचने की उम्मीद... घायलों ने बयां किया खौफनाक मंजर
Mon, 09 Jun 2025 02:08 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 09 Jun 2025 02:08 AM IST
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नौगांवा सादात (अमरोहा)।
कुतुबपुर हमीदपुर में तेंदुए के हमले से घायल छह लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी की हालत नाजुक बनी हुई है। एक घायल के चेहरे से खून बंद नहीं हो रहा। अभी भी तेंदुए के हमले को याद कर घायलों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि तेंदुए का हमला होने के बाद सोचा नहीं था कि अब जान बचेगी। उन्होंने जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। तेंदुए ने छह में से पांच लोगों के मुंह, गर्दन और बाजु पर हमला किया। जबकि, एक की कमर पर पंजे मारे थे।
कुतुबपुर हमीदपुर गांव निवासी कोविन शनिवार सुबह करीब सात बजे अपने खेत में टमाटर तोड़ रहे थे। बराबर के ही खेत में कृपाल सिंह और हेतराम सिंह काम कर रहे थे। इसी बीच छिपते-छिपाते तेंदुआ कोविन के पास पहुंच गया। सामने तेंदुआ देखते ही वह सहम गया। कोविन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही तेंदुए ने उसके ऊपर छलांग लगाकर हमला कर दिया। उनके मुंह को नोच लिया।
अस्पताल में भर्ती कोविन ने बताया कि तेंदुआ के हमला करते ही वह जमीन पर गिर गया। तेंदुए ने उनकी गर्दन पकड़नी चाहिए। गिरने की वजह से उनके चेहरे पर तेंदुए के पंजा मुंह व दांत गड़ गए। इस बीच उनके चिल्लाने पर पास ही खेत में काम कर रहे हेतराम और अन्य लोग दौड़कर आए। उन्होंने तेंदुए को पकड़ने के लिए शोर मचाया, तो तेंदुए ने कोविन को छोड़कर हेतराम पर हमला कर दिया। किसी तरह हेतराम ने अपनी गर्दन बचाई। लेकिन, उनका चेहरा लहूलुहान हो गया।
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इस बीच बचाव के लिए आए कृपाल पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए ने उनकी कमर पर पंजे मारे। हमले से उनकी पीठ पर जख्म बन गए। घायलों के मुताबिक उन पर हमला करने के दौरान तेंदुआ टमाटर के पौधों के बीच छिप जाता था और कुछ सेंकेंड बाद ही पूरी ताकत से हमला कराता था। उनका कहना है कि ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर न आते तो तेंदुआ उन तीनों को मार डालता।
बचने के लिए पेड़ पर चढ़े कृपाल सिंह तेंदुए ने पंजा मारकर गिरा दिया था
कृपाल सिंह तेंदुए के हमले से बचने के लिए लिप्टिस के पेड़ पर चढ़ गए, लेकिन तेंदुए ने छलांग लगाकर उनके कमर पर पंजे मार दिए। इससे वह जख्मी हो गए और पेड़ से नीचे गिर गए। इसके बाद तेंदुआ उन पर हमला करने के लिए दौड़ा, लेकिन ग्रामीणों को आता देख भाग गया।
गर्दन पर किया हमला, बाजु पर पंजे लगे
अरविंद कुमार के दाहिने कान और बाएं तरफ गर्दन पर तेंदुए ने हमला किया। उनकी बाह में भी पंजे लगे हैं। जबकि, हेमराज के हाथ, कमर और गर्दन पर तेंदुए ने हमला किया था। इसके अलावा धर्म सिंह पर तेंदुए ने हमला किया तो उन्होंने अपने हाथ से तेंदुए को रोकने की कोशिश की, लेकिन तेंदुए ने बाह और मुंह पर जख्म बना दिए। जबकि, हेतराम सिंह के मुंह पर हमला कर पूरी तरह घायल कर दिया था। उनके चेहरे पर गहरे घाव है। प्राथमिक उपचार के बाद भी उनके चेहरे का खून बंद नहीं हो रहा है। अस्पताल में भर्ती घायलों का कहना है कि तेंदुए ने जैसे ही हमला किया तो उम्मीद ही खत्म हो गई थी की अब जान बचेगी। उन्होंने बताया कि तेंदुए का भजन करीब दो क्विंटल के करीब होगा।
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कुतुबपुर हमीदपुर में तेंदुए के हमले से घायल छह लोगों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी की हालत नाजुक बनी हुई है। एक घायल के चेहरे से खून बंद नहीं हो रहा। अभी भी तेंदुए के हमले को याद कर घायलों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि तेंदुए का हमला होने के बाद सोचा नहीं था कि अब जान बचेगी। उन्होंने जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। तेंदुए ने छह में से पांच लोगों के मुंह, गर्दन और बाजु पर हमला किया। जबकि, एक की कमर पर पंजे मारे थे।
कुतुबपुर हमीदपुर गांव निवासी कोविन शनिवार सुबह करीब सात बजे अपने खेत में टमाटर तोड़ रहे थे। बराबर के ही खेत में कृपाल सिंह और हेतराम सिंह काम कर रहे थे। इसी बीच छिपते-छिपाते तेंदुआ कोविन के पास पहुंच गया। सामने तेंदुआ देखते ही वह सहम गया। कोविन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही तेंदुए ने उसके ऊपर छलांग लगाकर हमला कर दिया। उनके मुंह को नोच लिया।
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अस्पताल में भर्ती कोविन ने बताया कि तेंदुआ के हमला करते ही वह जमीन पर गिर गया। तेंदुए ने उनकी गर्दन पकड़नी चाहिए। गिरने की वजह से उनके चेहरे पर तेंदुए के पंजा मुंह व दांत गड़ गए। इस बीच उनके चिल्लाने पर पास ही खेत में काम कर रहे हेतराम और अन्य लोग दौड़कर आए। उन्होंने तेंदुए को पकड़ने के लिए शोर मचाया, तो तेंदुए ने कोविन को छोड़कर हेतराम पर हमला कर दिया। किसी तरह हेतराम ने अपनी गर्दन बचाई। लेकिन, उनका चेहरा लहूलुहान हो गया।
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इस बीच बचाव के लिए आए कृपाल पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए ने उनकी कमर पर पंजे मारे। हमले से उनकी पीठ पर जख्म बन गए। घायलों के मुताबिक उन पर हमला करने के दौरान तेंदुआ टमाटर के पौधों के बीच छिप जाता था और कुछ सेंकेंड बाद ही पूरी ताकत से हमला कराता था। उनका कहना है कि ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर न आते तो तेंदुआ उन तीनों को मार डालता।
बचने के लिए पेड़ पर चढ़े कृपाल सिंह तेंदुए ने पंजा मारकर गिरा दिया था
कृपाल सिंह तेंदुए के हमले से बचने के लिए लिप्टिस के पेड़ पर चढ़ गए, लेकिन तेंदुए ने छलांग लगाकर उनके कमर पर पंजे मार दिए। इससे वह जख्मी हो गए और पेड़ से नीचे गिर गए। इसके बाद तेंदुआ उन पर हमला करने के लिए दौड़ा, लेकिन ग्रामीणों को आता देख भाग गया।
गर्दन पर किया हमला, बाजु पर पंजे लगे
अरविंद कुमार के दाहिने कान और बाएं तरफ गर्दन पर तेंदुए ने हमला किया। उनकी बाह में भी पंजे लगे हैं। जबकि, हेमराज के हाथ, कमर और गर्दन पर तेंदुए ने हमला किया था। इसके अलावा धर्म सिंह पर तेंदुए ने हमला किया तो उन्होंने अपने हाथ से तेंदुए को रोकने की कोशिश की, लेकिन तेंदुए ने बाह और मुंह पर जख्म बना दिए। जबकि, हेतराम सिंह के मुंह पर हमला कर पूरी तरह घायल कर दिया था। उनके चेहरे पर गहरे घाव है। प्राथमिक उपचार के बाद भी उनके चेहरे का खून बंद नहीं हो रहा है। अस्पताल में भर्ती घायलों का कहना है कि तेंदुए ने जैसे ही हमला किया तो उम्मीद ही खत्म हो गई थी की अब जान बचेगी। उन्होंने बताया कि तेंदुए का भजन करीब दो क्विंटल के करीब होगा।