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Amroha News: जीएसटी की भी होगी जांच, जवाब नहीं देने पर होगी पंजीकरण निरस्तीकरण की कार्रवाई

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2025 12:58 AM IST
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GST compliance will also be investigated, and failure to respond will lead to cancellation of registration.
अमरोहा। जिले में बाहरी प्रदेशों से नशीली दवाओं का कारोबार बड़े स्तर पर हो रहा है। पिछले कुछ माह में तीन इस तरह के मेडिकल स्टोरों के मामले सामने आ चुके हैं। गैर प्रदेशों के मेडिकल स्टोर से इन सभी को दवाओं की बिलिंग की गई। जांच के दौरान सभी मेडिकल स्टोर बंद पाए गए।
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हैरत की बात है इन सभी मेडिकल स्टोर के संचालक गैर प्रदेशों के रहने वाले हैं। औषधि निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल स्टोर के जीएसटी की जांच भी कराई जाएगी। साथ ही जवाब न देने पर पंजीकरण के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में औषधि विभाग व एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने छापे के दौरान बीते आठ अगस्त को वहां रैपिड रिलीफ मेडिकोज पर छापा मार कर कोविटाडॉल 100 एसआर (ट्रामाडॉल एचसीएल) टैबलेट बरामद की थी। दवा का कोई बिल न होने के कारण टैबलेट की मार्केटिंग कंपनी पीबी लाइफ साइसेंज से इस दवा की बिक्री के बिल लिए तो इसमें अमरोहा में जोया स्थित मोहल्ला चौधरियान के केयर मेडिकोज व एएस फार्मा के नाम भी सामने आए। कंपनी ने इन दोनों मेडिकल स्टोर को करीब एक हजार टेबलेट की बिक्री थी।
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इसके अलावा 22 नवंबर को अंबाला में नारकोटिक्स सेल टीम ने वहां मैसर्स ट्राइडेंट ड्रग्स पर छापे के दौरान वहां से जिले के हसनपुर क्षेत्र के बिजोरा स्थित दयावली खालसा के यश फार्मा को करना पाया गया। अलग-अलग बैच के स्पासमेड ब्राउन व स्पासमेड ब्लू कैप्सूल 11 नवंबर को बिलिंग होना पाया गया। करीब चार लाख रुपये की कीमत के कैप्सूल यश फार्मा को बिलिंग हुए थे। तीनों मामलों में दो मेडिकल स्टोर के संचालक दिल्ली व एक मुंबई का रहने वाला है।
डीआई रुचि बंसल ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक से जवाब तलब किया गया है। निर्धारित समय में क्रय विक्रय के बिल न दिखाने पर मेडिकल के पंजीकरण के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जीएसटी की जांच के लिए भी विभागीय अधिकारियों का कहा जाएगा।

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गैर प्रांतों से मेडिकल पंजीकरण कराने पर होगा पुलिस वेरिफिकेशन
गैर प्रदेशों से यहां आकर लोग नशीली दवाओं के कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे तीन मामले सामने आने के बाद औषधि निरीक्षक रुचि बंसल ने गैर प्रदेशों से यहां आकर पंजीकरण कराने वाले कारोबारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है। कहा कि अब पुलिस वेरिफिकेशन होने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके साथ की दुकान का किरायानामा करने वाले भवन स्वामियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
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