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Amroha News: बिजली विभाग में टेंडर दिलाने का झांसा देकर 12.67 लाख रुपये हड़पे
Sat, 22 Jul 2023 12:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:03 AM IST
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जोया (अमरोहा)। बिजली विभाग में टेंडर दिलाने का झांसा देकर झांसी, गोरखपुर और देवरिया के तीन लोगों ने दो युवकों से 12.67 लाख रुपये ठग लिए। एक साल बाद भी न तो टेंडर मिला और न रुपये। अब आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। मामले में एसपी के आदेश पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव इकौंदा में प्रशांत कुमार का परिवार रहता है। प्रशांत कुमार सरकारी नौकरी की तलाश में थे। 2021 में प्रशांत कुमार सीआईएसएफ की भर्ती के लिए सोनभद्र गए थे। वहां पर उनकी मुलाकात झांसी जनपद के थाना सदर के गांव खजराजा बुजुर्ग रामपुर निवासी राजेंद्र कुमार से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। जिसके बाद दोनों का घर भी आना-जाना शुरू हो गया। आरोप है कि राजेंद्र ने प्रशांत को बताया कि लखनऊ में अधिकारियों से उसके चाचा राजेश के अच्छे संबंध हैं। यदि टेंडर लेना हो तो बता दे, इसमें वह मदद कर देंगे। राजेंद्र की बातों में आकर प्रशांत कुमार और रजबपुर के गांव अतरासी निवासी शुभम कुमार ने बिजली विभाग में टेंडर लेने के तैयार हो गए। उसके बाद प्रशांत ने दोनों की मुलाकात हेमंत दूबे निवासी बांसगांव जनपद गोरखपुर और धीरेंद्र सिंह निवासी गांव कौसड़ थाना लार जिला देवरिया से कराई। तीनों लोगों ने बिजली विभाग में टेंडर दिलाने का झांसा देकर 4 अक्तूबर 2021 से 21 जून 2022 तक सात लाख 67 हजार रुपये अपने खातों में जमा करा लिए। इसके अलावा 9 जून 2022 को लखनऊ बुला कर पांच लाख रुपये नकद ले लिए। तीनों आरोपी लगातार टेंडर दिलाने का आश्वासन देते रहे। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी टेंडर नहीं मिला। लिहाजा पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से इन्कार कर दिया। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों ने एसपी आदित्य लांग्हे से कार्रवाई की मांग की। सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि इस मामले में राजेंद्र कुमार, हेमंत दूबे और धीरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच करके आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव इकौंदा में प्रशांत कुमार का परिवार रहता है। प्रशांत कुमार सरकारी नौकरी की तलाश में थे। 2021 में प्रशांत कुमार सीआईएसएफ की भर्ती के लिए सोनभद्र गए थे। वहां पर उनकी मुलाकात झांसी जनपद के थाना सदर के गांव खजराजा बुजुर्ग रामपुर निवासी राजेंद्र कुमार से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। जिसके बाद दोनों का घर भी आना-जाना शुरू हो गया। आरोप है कि राजेंद्र ने प्रशांत को बताया कि लखनऊ में अधिकारियों से उसके चाचा राजेश के अच्छे संबंध हैं। यदि टेंडर लेना हो तो बता दे, इसमें वह मदद कर देंगे। राजेंद्र की बातों में आकर प्रशांत कुमार और रजबपुर के गांव अतरासी निवासी शुभम कुमार ने बिजली विभाग में टेंडर लेने के तैयार हो गए। उसके बाद प्रशांत ने दोनों की मुलाकात हेमंत दूबे निवासी बांसगांव जनपद गोरखपुर और धीरेंद्र सिंह निवासी गांव कौसड़ थाना लार जिला देवरिया से कराई। तीनों लोगों ने बिजली विभाग में टेंडर दिलाने का झांसा देकर 4 अक्तूबर 2021 से 21 जून 2022 तक सात लाख 67 हजार रुपये अपने खातों में जमा करा लिए। इसके अलावा 9 जून 2022 को लखनऊ बुला कर पांच लाख रुपये नकद ले लिए। तीनों आरोपी लगातार टेंडर दिलाने का आश्वासन देते रहे। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी टेंडर नहीं मिला। लिहाजा पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से इन्कार कर दिया। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों ने एसपी आदित्य लांग्हे से कार्रवाई की मांग की। सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि इस मामले में राजेंद्र कुमार, हेमंत दूबे और धीरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच करके आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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