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प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करे सरकार, कलक्ट्रेट पर किसानों का प्रदर्शन
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प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए भाकियू असली के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम बीके त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग की। कहा कि किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दी जाए। किसानों के बिजली बिल एवं कृषि संबंधित ऋण को माफ किया जाए, जिससे आने वाले समय में खेती के काम को आगे बढ़ाया जा सके। इसके अलावा विद्युत संशोधन बिल 2022 को विधानसभा में निरस्त कर प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए। निजी नलकूपों पर लगाए जा रहे बिजली मीटरों को तुरंत तत्काल हटाया जाए। साथ ही प्रदेश के किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं। आवारा पशुओं के द्वारा फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसनों को मुआवजा भी दिया जाए। इस दौरान चौधरी जयकीरत सिंह, शरद यादव, यशपाल सिंह, राजीव कुमार, रघुवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, दीपक यादव, कैलाश त्यागी आदि किसान मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम बीके त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश को सूखा ग्रस्त घोषित करने की मांग की। कहा कि किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दी जाए। किसानों के बिजली बिल एवं कृषि संबंधित ऋण को माफ किया जाए, जिससे आने वाले समय में खेती के काम को आगे बढ़ाया जा सके। इसके अलावा विद्युत संशोधन बिल 2022 को विधानसभा में निरस्त कर प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए। निजी नलकूपों पर लगाए जा रहे बिजली मीटरों को तुरंत तत्काल हटाया जाए। साथ ही प्रदेश के किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं। आवारा पशुओं के द्वारा फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसनों को मुआवजा भी दिया जाए। इस दौरान चौधरी जयकीरत सिंह, शरद यादव, यशपाल सिंह, राजीव कुमार, रघुवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, दीपक यादव, कैलाश त्यागी आदि किसान मौजूद रहे।
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