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किशोरी से छेड़खानी में दोषी को चार साल की सजा
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अमरोहा। घर में घुसकर किशोरी के छेड़खानी के मामले में न्यायालय ने दोषी को चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी जमानत पर बाहर था, फैसला आने के बाद कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है।
यह मामला गजरौला थानक्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाले किसान की 15 वर्षीय बेटी क्षेत्र के दूसरे गांव में रहने वाली अपनी मौसी के घर गई थी। दो अगस्त 2016 को आरोपी संजीव कुमार दोपहर में वहां पहुंच गया। इस दौरान किशोरी की मौसी और मौसा खेत पर गए थे। किशोरी को अकेला देखकर संजीव ने उसे पकड़ लिया और छेड़खानी की। किशोरी के शोर मचाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ फरार हो गया। मौसा-मौसी के घर पहुंचने पर पीड़िता ने आपबीती सुनाई। बाद में किशोरी के चाचा ने गजरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी संजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था।
यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। मंगलवार को अदालत ने सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की थी। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी संजीव कुमार को दोषी करार दिया और चार साल की सजा सुनाई। साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह मामला गजरौला थानक्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाले किसान की 15 वर्षीय बेटी क्षेत्र के दूसरे गांव में रहने वाली अपनी मौसी के घर गई थी। दो अगस्त 2016 को आरोपी संजीव कुमार दोपहर में वहां पहुंच गया। इस दौरान किशोरी की मौसी और मौसा खेत पर गए थे। किशोरी को अकेला देखकर संजीव ने उसे पकड़ लिया और छेड़खानी की। किशोरी के शोर मचाने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ फरार हो गया। मौसा-मौसी के घर पहुंचने पर पीड़िता ने आपबीती सुनाई। बाद में किशोरी के चाचा ने गजरौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी संजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था।
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यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। मंगलवार को अदालत ने सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की थी। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी संजीव कुमार को दोषी करार दिया और चार साल की सजा सुनाई। साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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