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Amroha News: फैक्टरी सुपरवाइजर की हत्या में पांच दोषियों को उम्रकैद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:13 AM IST
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Five accused get life imprisonment for killing factory supervisor
अमरोहा। चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने की रंजिश में गजरौला में फैक्टरी सुपरवाइजर अमरेंद्र कुमार की हत्या कर शव को छिपाने वाले पांच दोषियों को कोर्ट ने शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया।
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बिहार के बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के रौनी गांव निवासी अमरेंद्र कुमार गजरौला की एक फैक्टरी में सुपरवाइजर थे। वह गजरौला में पत्नी पूजा और तीन बच्चों के साथ रहते थे। 15 अप्रैल 2011 को अमरेंद्र सिंह का शव गजरौला क्षेत्र के मुरीदपुर अटारी निवासी रामसिंह के खेत में ट्यूबवेल के पास पड़ा मिला था। उनकी रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई थी। मामले में अमरेंद्र के पिता हीरालाल ने उसकी पत्नी पूजा पर हत्या का शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में पूजा की नामजदगी गलत पाई गई थी।
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जबकि, मामले में वाराणसी जिले के लकसा थाना क्षेत्र के नई सड़क सूरजकुंड निवासी अमित श्रीवास्तव, चंदौली जनपद में छीना थाना क्षेत्र के बहोरा चंदेल निवासी हरिशंकर, अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के काफूरपुर निवासी सरजीत व गजराज और गजरौला क्षेत्र के वारसाबाद बाद निवासी दीपक गिरी के नाम सामने आए थे। जिसके आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने अमरेंद्र सिंह की मोगा होटल के पीछे पेड़ में रस्सी से लटका कर हत्या करने के बाद शव को ट्यूबवेल के पास छिपाने की बात कही थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, सभी जमानत पर जेल से बाहर थे।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित द्वितीय ज्योति की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्य व सबूतों के आधार पर आरोपी दीपक गिरी, गजराज, सरजीत, हरिशंकर, अमित श्रीवास्तव को दोषी करार दिया। शुक्रवार को कोर्ट ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

अमरेंद्र ने फैक्टरी से सीमेंट के कट्टे चोरी होने की दर्ज कराई थी रिपोर्ट
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि हत्याकांड से कुछ दिन पहले अमरेंद्र फैक्टरी में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। इस दौरान फैक्टरी से सीमेंट के 50 कट्टे चोरी हुए थे। मामले में अमरेंद्र सिंह ने फैक्टरी में ही नौकरी करने वाले अमित श्रीवास्तव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से अमित श्रीवास्तव रंजिश रखने लगा था। अमरेंद्र सिंह ने पत्नी पूजा को भी बताया था कि अमित श्रीवास्तव उसकी हत्या कर सकता है। वहीं, चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के कुछ दिन बाद अमरेंद्र को फैक्टरी में सुपरवाइजर बनाया गया था।

दोषी गजराज के कब्जे से बरामद हुई थी साइकिल व रस्सी
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने पहले अमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने चारों साथियों के नाम बताए थे। इसके बाद पुलिस ने दीपक गिरी, गजराज, सरजीत और हरिशंकर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने अमित श्रीवास्तव के कब्जे से मृतक अमरेंद्र सिंह का मोबाइल बरामद किया था। जबकि, हत्यारोपी गजराज के कब्जे से अमरेंद्र की साइकिल और वह रस्सी बरामद की थी जिसे उसका गला घोटा गया था।
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