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हर ओर अफरातफरी, पेट्रोल पंपों पर हंगामे की स्थिति
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:52 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार और जाली नोटों के खेल पर अपना मास्टर स्ट्रोक चलते हुए एक हजार और पांच सौ का नोट बंद कर दिया है। मंगलवार की रात्रि से ये आदेश प्रभावी हो गया है।
आदेश के प्रभावी होते ही पहले दिन ही आमजन को भारी परेशानी हुई है। चाय की दुकान से लेकर, फल, सब्जी, अंडा, दूध मक्खन, बाजार में दुकानों पर सन्नाटे जैसी स्थिति रही। विक्रेताओं के एक हजार और पांच सौ का नोट लेने से इंकार करने से खरीदारी न के बराबर हुई।
वहीं, अधिकांश वाहन चालक एक हजार और पांच सौ को नोट लेकर सौ रुपये का पेट्रोल लेने पंप पर पहुंचे। छोटे नोट न होने के कारण पंप स्वामियों ने पेट्रोल और डीजल देने इंकार कर दिया। पांच सौ और एक हजार का नोट देने पर पूरे का डीजल-पेट्रोल लेना पड़ा। वाहन चालकों ने विरोध किया तो हंगामे की स्थिति बनी रही। पंप स्वामियों को पुलिस बुुलानी पड़ी तब जाकर मामला शांत हुआ। दिनभर सभी पेट्रोल पंपों पर पुलिस तैनात रही।
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मंगलवार की आधी रात से पांच सौ और एक हजार का नोट बंद कर दिया गया है। इसके बंद होते ही पूरे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। यूं तो लोगों में रात से खलबली मची गई थी, सुबह होने पर भारी परेशानी झेलनी पड़ी। चाय की दुकान से लेकर मक्खन, ब्रेड, फल, सब्जी, दूध की दुकानों से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। पांच सौ और एक हजार का नोट नहीं लिया। छोटे पैसे न होने के कारण दुकानों ने सामान देने से इंकार कर दिया। बाजार से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। सौ और पचास के नोटों की व्यवस्था करने को लोग परेशान रहे।
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आदेश के प्रभावी होते ही पहले दिन ही आमजन को भारी परेशानी हुई है। चाय की दुकान से लेकर, फल, सब्जी, अंडा, दूध मक्खन, बाजार में दुकानों पर सन्नाटे जैसी स्थिति रही। विक्रेताओं के एक हजार और पांच सौ का नोट लेने से इंकार करने से खरीदारी न के बराबर हुई।
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वहीं, अधिकांश वाहन चालक एक हजार और पांच सौ को नोट लेकर सौ रुपये का पेट्रोल लेने पंप पर पहुंचे। छोटे नोट न होने के कारण पंप स्वामियों ने पेट्रोल और डीजल देने इंकार कर दिया। पांच सौ और एक हजार का नोट देने पर पूरे का डीजल-पेट्रोल लेना पड़ा। वाहन चालकों ने विरोध किया तो हंगामे की स्थिति बनी रही। पंप स्वामियों को पुलिस बुुलानी पड़ी तब जाकर मामला शांत हुआ। दिनभर सभी पेट्रोल पंपों पर पुलिस तैनात रही।
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मंगलवार की आधी रात से पांच सौ और एक हजार का नोट बंद कर दिया गया है। इसके बंद होते ही पूरे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। यूं तो लोगों में रात से खलबली मची गई थी, सुबह होने पर भारी परेशानी झेलनी पड़ी। चाय की दुकान से लेकर मक्खन, ब्रेड, फल, सब्जी, दूध की दुकानों से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। पांच सौ और एक हजार का नोट नहीं लिया। छोटे पैसे न होने के कारण दुकानों ने सामान देने से इंकार कर दिया। बाजार से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। सौ और पचास के नोटों की व्यवस्था करने को लोग परेशान रहे।