{"_id":"685c53afed81d38fb101e6ac","slug":"emergency-is-a-chapter-that-will-never-be-forgotten-malik-jpnagar-news-c-284-1-jpn1002-142488-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"कभी न भूलने वाला अध्याय है आपातकाल : मलिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कभी न भूलने वाला अध्याय है आपातकाल : मलिक
Thu, 26 Jun 2025 01:23 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 26 Jun 2025 01:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा (अमरोहा)। प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता, उस दौर में जिन लोगों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की वे वास्तव में हमारे समाज के प्रेरणा स्रोत हैं। वह कलक्ट्रेट सभागार में आपातकाल दिवस के मौके पर बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रममें लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान जिन लोगों ने अपनी आजादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की कीमत पर देश को लोकतांत्रिक रास्ते पर बनाए रखा उनका योगदान अतुलनीय है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज का दिन हमें इस बात का संकल्प लेने का अवसर देता है, कि हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी आदि ने अनेकों बार संविधान की हत्या की। यह आपातकाल चुनाव को पलटने के फैसले के दृष्टिगत लगाई गई थी, जिसमें भारतवासियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा।
शिक्षक विधायक डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने कहा कि सन 1975 में संविधान की हत्या की गई। जिसे काला दिवस के रूप में मनाते हैं। विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने कहा कि आपातकाल कांग्रेस सरकार के उत्पीड़न का सबसे बड़ा उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों व उनके आश्रितों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष शशि जैन, एडीएम वित्त व राजस्व ब्रजेश त्रिपाठी, एडीएम न्यायिक धीरेंद्र प्रताप, एसडीएम सदर भगत सिंह, डीडीओ सरिता द्विवेदी, सीवीओ डॉ. आभा दत्त आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज का दिन हमें इस बात का संकल्प लेने का अवसर देता है, कि हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी आदि ने अनेकों बार संविधान की हत्या की। यह आपातकाल चुनाव को पलटने के फैसले के दृष्टिगत लगाई गई थी, जिसमें भारतवासियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
शिक्षक विधायक डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने कहा कि सन 1975 में संविधान की हत्या की गई। जिसे काला दिवस के रूप में मनाते हैं। विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने कहा कि आपातकाल कांग्रेस सरकार के उत्पीड़न का सबसे बड़ा उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों व उनके आश्रितों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष शशि जैन, एडीएम वित्त व राजस्व ब्रजेश त्रिपाठी, एडीएम न्यायिक धीरेंद्र प्रताप, एसडीएम सदर भगत सिंह, डीडीओ सरिता द्विवेदी, सीवीओ डॉ. आभा दत्त आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन