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Amroha News: कैलसा ओवरब्रिज का चुनावी एलान ...एक इंच भी नहीं शुरू हुआ काम
Fri, 13 Oct 2023 01:47 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 13 Oct 2023 01:47 AM IST
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अमरोहा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एलान के तीन साल बाद भी कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर टू लेन का ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। घोषणा क्षेत्र के लोगों के लिए केवल उम्मीद बनकर रह गई है। ओवरब्रिज नहीं होने के कारण रोजाना हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस रेलवे क्रॉसिंग पर अधिक भीड़ होने के कारण हादसे होते रहते हैं। कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
ये स्थिति तब है जब ओवरब्रिज निर्माण के लिए संस्था का भी चयन कर दिया गया है। निर्माण की लागत 55 करोड़ 40 लाख रुपये रखी गई है। जिसमें बीएसएनल केबल, बिजली के तार-खंभे को शिफ्टिंग के लिए भुगतान करने वाली रकम भी शामिल है। हालांकि की जिम्मेदार जल्द की कार्य शुरू करने का दावा कर रहे हैं।
जिले के गाजियाबाद-मुरादाबाद रेल लाइन पर स्थित कैलसा रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग की जगह रेल उपरिगामी सेतु बनाया जाना है। दरअसल ट्रेनों के आने जाने से रेलवे क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इस मार्ग से अमरोहा-मुरादाबाद आने जाने के लिए वाहनों का सर्वाधिक दबाव रहता है। कुछ मिनट रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से काफी देर तक जाम लग जाता है। राजनीतिक दलों के अलावा स्थानीय लोगों ने रेल उपरिगामी सेतु बनाने की मांग कर चुके हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अक्तूबर 2020 के विधानसभा उप चुनाव के दौरान पूर्व विधायक संगीता चौहान के समर्थन में रैली के दौरान रेलवे ओवरब्रिज बनाने का ऐलान किया था, जिसके बाद नौगांवा सादात की विधायक संगीता चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार ने कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु बनाने के लिए सहमति जताई थी। इसके बाद सेतु निगम लिमिटेड की ओर से 55 करोड़ 44 लाख 99 हजार रुपये का प्रारंभिक बजट भी तैयार कर लिया गया। डिप्टी सीएम की घोषणा के तीन साल बाद भी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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शिफ्टिंग पर 72.64 लाख होंगे खर्च
बीएसएनएल-- -- -- -- -- 7.64 लाख
बिजली निगम-- -- -- -25 लाख
वन विभाग-- -- -- -- -- -40 लाख
रेल उपरिगामी सेतु की कुल लंबाई-- -- -- -852.50 मीटर
मुख्य सेतु-रेलवे पोर्शन की लंबाई-- -- -- -- -70 मीटर
ये होगा फायदा
कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर टू लेन ओवरब्रिज के निर्माण से आवागमन में लोगों को राहत मिलेगी। ट्रेनों के आवागमन के चलते जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।लोग निर्माण के बाद सीधे फ्लाईओवर से होकर आएंगे जाएंगे। हादसों को खतरा भी कम हो जाएगा।
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ये स्थिति तब है जब ओवरब्रिज निर्माण के लिए संस्था का भी चयन कर दिया गया है। निर्माण की लागत 55 करोड़ 40 लाख रुपये रखी गई है। जिसमें बीएसएनल केबल, बिजली के तार-खंभे को शिफ्टिंग के लिए भुगतान करने वाली रकम भी शामिल है। हालांकि की जिम्मेदार जल्द की कार्य शुरू करने का दावा कर रहे हैं।
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जिले के गाजियाबाद-मुरादाबाद रेल लाइन पर स्थित कैलसा रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग की जगह रेल उपरिगामी सेतु बनाया जाना है। दरअसल ट्रेनों के आने जाने से रेलवे क्रॉसिंग को बंद करना पड़ता है। इस मार्ग से अमरोहा-मुरादाबाद आने जाने के लिए वाहनों का सर्वाधिक दबाव रहता है। कुछ मिनट रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से काफी देर तक जाम लग जाता है। राजनीतिक दलों के अलावा स्थानीय लोगों ने रेल उपरिगामी सेतु बनाने की मांग कर चुके हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अक्तूबर 2020 के विधानसभा उप चुनाव के दौरान पूर्व विधायक संगीता चौहान के समर्थन में रैली के दौरान रेलवे ओवरब्रिज बनाने का ऐलान किया था, जिसके बाद नौगांवा सादात की विधायक संगीता चौहान की पहल पर प्रदेश सरकार ने कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर रेल उपरिगामी सेतु बनाने के लिए सहमति जताई थी। इसके बाद सेतु निगम लिमिटेड की ओर से 55 करोड़ 44 लाख 99 हजार रुपये का प्रारंभिक बजट भी तैयार कर लिया गया। डिप्टी सीएम की घोषणा के तीन साल बाद भी ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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शिफ्टिंग पर 72.64 लाख होंगे खर्च
बीएसएनएल
बिजली निगम
वन विभाग
रेल उपरिगामी सेतु की कुल लंबाई
मुख्य सेतु-रेलवे पोर्शन की लंबाई
ये होगा फायदा
कैलसा रेलवे क्रॉसिंग पर टू लेन ओवरब्रिज के निर्माण से आवागमन में लोगों को राहत मिलेगी। ट्रेनों के आवागमन के चलते जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।लोग निर्माण के बाद सीधे फ्लाईओवर से होकर आएंगे जाएंगे। हादसों को खतरा भी कम हो जाएगा।