{"_id":"67cc92f9cd4c6d41af09cb38","slug":"demand-for-investigation-from-adm-on-the-sale-of-two-mortgaged-plots-of-mda-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-135720-2025-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: एमडीए के बंधक दो प्लॉटों के बेचे जाने की एडीएम से जांच की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: एमडीए के बंधक दो प्लॉटों के बेचे जाने की एडीएम से जांच की मांग
Sun, 09 Mar 2025 12:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 09 Mar 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
गजरौला। एमडीए के बंधक दो प्लॉट पर मकान बनाए जाने का मामला सामने आने पर एमडीए के अधिकारी हैरत में हैं। वह यह पता लगाने में जुट गए हैं कि इस खेल में कौन-कौन शामिल हैं। एमडीए की सचिव ने एडीएम को पत्र लिखा है। उनसे बंधक प्लॉट बेचे जाने और उनकी रजिस्ट्री कराए जाने की जांच की मांग की है।
एमडीए की सचिव अंजु लता का कहना है कि उन्होंने 22 फरवरी को एमडीए कॉलोनी के निकट निजी कॉलोनी का निरीक्षण किया। कॉलोनी में एमडीए के बंधक प्लॉट देखे। जानकारी करने पर मकान मालिकों ने उनको बताया था कि उन्होंने प्लॉट खरीदकर ही उन पर मकान बनाए हैं। सचिव ने एमडीए के बंधक दो प्लॉट पर अवैध रूप से मकान बनाए जाने की जानकारी वीसी शैलेष कुमार को दी। वीसी ने नगर नियोजक को कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर सचिव ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को पत्र लिखा है। उनसे जांच कराने को कहा है कि बंधक दो प्लॉट किस आधार पर बेच दिए गए। उनकी रजिस्ट्री भी कैसे करा दी गई, यह भी जांच कराने को कहा है। जिससे खुलासा हो सके कि इस खेल में कौन-कौन शामिल हैं। इस बावत रजिस्ट्रार कार्यालय को भी पत्र लिखा गया है।
11 साल पूर्व विकसित की गई थी कॉलोनी
गजरौला। एमडीए की सचिव अंजु लता ने बताया कि प्राधिकरण से 2014 में अनुमति लेकर कॉलोनाइजर ने एमडीए कॉलोनी के निकट कॉलोनी विकसित की थी। कॉलोनाइजर ने वादा किया था कि वह कॉलोनी में सभी सुविधाएं मुहैया कराएगा। बिजली का इंतजाम करने के साथ ही चौड़े रास्ते व पार्क बनाकर देने का वादा किया था। एमडीए ने उसके आठ प्लॉट अपने पास अनुबंध के रूप में रखे थे। उसे चेतावनी दी गई थी कि सुविधाएं पूर्ण नहीं होने पर उसके प्लॉट जब्त कर लिए जाएंगे। उनको बेचकर कॉलोनी में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। मगर उसने अधिकारी और कर्मचारियों को अंधेरे में रखकर बीते साल एमडीए से अनुमति प्राप्त किए बिना कई प्लॉट बेच दिए थे।
विज्ञापन
एमडीए के दो बंधक प्लॉट किस तरह बेच दिए गए। उनकी रजिस्ट्री कैसे कर दी गई। इसकी जांच कराने के लिए उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व को पत्र लिखा है। रजिस्ट्रार कार्यालय को भी पत्र लिखा गया है।- अंजु लता, सचिव एमडीए मुरादाबाद-गजरौला।
विज्ञापन
एमडीए की सचिव अंजु लता का कहना है कि उन्होंने 22 फरवरी को एमडीए कॉलोनी के निकट निजी कॉलोनी का निरीक्षण किया। कॉलोनी में एमडीए के बंधक प्लॉट देखे। जानकारी करने पर मकान मालिकों ने उनको बताया था कि उन्होंने प्लॉट खरीदकर ही उन पर मकान बनाए हैं। सचिव ने एमडीए के बंधक दो प्लॉट पर अवैध रूप से मकान बनाए जाने की जानकारी वीसी शैलेष कुमार को दी। वीसी ने नगर नियोजक को कार्रवाई के निर्देश दिए। उधर सचिव ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को पत्र लिखा है। उनसे जांच कराने को कहा है कि बंधक दो प्लॉट किस आधार पर बेच दिए गए। उनकी रजिस्ट्री भी कैसे करा दी गई, यह भी जांच कराने को कहा है। जिससे खुलासा हो सके कि इस खेल में कौन-कौन शामिल हैं। इस बावत रजिस्ट्रार कार्यालय को भी पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
11 साल पूर्व विकसित की गई थी कॉलोनी
गजरौला। एमडीए की सचिव अंजु लता ने बताया कि प्राधिकरण से 2014 में अनुमति लेकर कॉलोनाइजर ने एमडीए कॉलोनी के निकट कॉलोनी विकसित की थी। कॉलोनाइजर ने वादा किया था कि वह कॉलोनी में सभी सुविधाएं मुहैया कराएगा। बिजली का इंतजाम करने के साथ ही चौड़े रास्ते व पार्क बनाकर देने का वादा किया था। एमडीए ने उसके आठ प्लॉट अपने पास अनुबंध के रूप में रखे थे। उसे चेतावनी दी गई थी कि सुविधाएं पूर्ण नहीं होने पर उसके प्लॉट जब्त कर लिए जाएंगे। उनको बेचकर कॉलोनी में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। मगर उसने अधिकारी और कर्मचारियों को अंधेरे में रखकर बीते साल एमडीए से अनुमति प्राप्त किए बिना कई प्लॉट बेच दिए थे।
विज्ञापन
एमडीए के दो बंधक प्लॉट किस तरह बेच दिए गए। उनकी रजिस्ट्री कैसे कर दी गई। इसकी जांच कराने के लिए उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व को पत्र लिखा है। रजिस्ट्रार कार्यालय को भी पत्र लिखा गया है।- अंजु लता, सचिव एमडीए मुरादाबाद-गजरौला।