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Amroha News: गेंद निकालने सेही के 20 फीट गहरे गड्ढे में घुसे छात्र की मौत
Sat, 26 Aug 2023 01:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:04 AM IST
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अमरोहा। देहात थाना क्षेत्र के जलीलपुर बक्काल गांव में सेही के गड्ढे से गेंद निकालने घुसे रिक्की उर्फ रितिक (12) की दम घुटने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात में जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर पांच घंटे बाद बाहर निकाला। लेकिन तब तक बालक की मौत हो चुकी थी।
संभल जनपद के गौहर नगर में रहने वाले अशोक कुमार की शादी अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के जलीलपुर बक्काल की रहने वाली यशोदा के साथ हुई थी। यशोदा के पास एक बेटी रश्मि और एक बेटा रिक्की उर्फ रितिक थे। रश्मि की शादी हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक करीब पांच साल पहले अशोक की मौत हो गई थी। जिसके बाद यशोदा अपने बेटे रिक्की उर्फ रितिक के साथ अपने मायके में भाई केशव दास के पास रहने लगी। रितिक गांव के ही शांति विद्या निकेतन में कक्षा पांच में पढ़ता था। बृहस्पतिवार की शाम गांव के युवक चामुंडा मंदिर के पास खाली पड़ी जमीन में क्रिकेट खेल रहे थे। जिसमें रिक्की उर्फ रितिक भी शामिल था। क्रिकेट खेलते समय गेंद गांव के रहने वाले वीर सिंह के खेत में पहुंच गई। सभी युवक गेंद को ढूंढने खेत में पहुंचे तो पता चला गेंद सेही के बिल (गड्ढे) में चली गई है। लिहाजा सभी युवक दूसरी गेंद लाकर खेलने लगे। अंधेरा होने पर सभी अपने-अपने घर चले गए। रितिक भी इस दौरान अपने घर चला गया था, लेकिन देर शाम करीब सात बजे रिक्की उर्फ रितिक वापस वहीं पहुंचा और गेंद ढूंढने के लिए चप्पल निकालकर सेही के गड्ढे में घुस गया। काफी देर तक जब रिक्की वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। वह तलाश करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। देर रात करीब डेढ़ बजे परिजन और पुलिसकर्मी तलाश करते हुए उधर से गुजरे तो सेही के बिल (गड्ढे) के पास रिक्की के चप्पल पड़े मिले। सूचना मिलते ही सीओ सतीश चंद पांडेय और थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह पुंडीर भी मौके पर पहुंच गए। थोड़ी देर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जेसीबी से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खोदवाया गया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रितिक का शव बरामद हुआ। सीओ ने बताया की सेही के 20 फीट गहरे बिल (गड्ढे) में गेंद निकालने के लिए घुसा था। गड्ढे में घुसने के बाद वह वापस नहीं निकल सका और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
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ये है सेही जानवर
कृषि उप निदेशक रामप्रवेश सिंह ने बताया कि सेही बड़ी, नाटी और छोटी टांगों वाली होती हैं, जिनकी एक छोटी-सी पूंछ होती है। इसके शरीर के बाल मोटे, मजबूत और नुकीले होते हैं जो इसे परभक्षियों से बचने में मदद करते हैं। इन बालों को सेही के कांटे भी कहते हैं। सेही के शरीर हिलाने पर यह काटे झड़ते हैं, लेकिन यह धारणा गलत है कि सेही इन कांटों को अपने दुश्मन पर फेंक सकता है। यह एक शाकाहारी जानवर है जो पत्ती, घास और छोटे पौधे खाता है। यह एक ऐसा जानवर है जिसके शरीर के ऊपर 30 से भी अधिक कांटे पाए जाते हैं। यह कांटे इस जानवर की सुरक्षा के लिए होते हैं। सेही जानवर के शरीर पर के कांटे नुकीले और 50 सेंटीमीटर की लम्बाई के होते हैं। ये खेत-खलियानों में गहरे गड्ढे बनाकर रहती है। सेही द्वारा बनाया गया गड्ढा सुरंग नुमा होता है। सेही दिन का अधिकांश समय अपने बिल (गड्ढे) में व्यतीत करती है, लेकिन रात के समय फसलों, शाक-सब्जियों और पौधों की जड़ों को खाने के लिए बाहर निकलती है।
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संभल जनपद के गौहर नगर में रहने वाले अशोक कुमार की शादी अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के जलीलपुर बक्काल की रहने वाली यशोदा के साथ हुई थी। यशोदा के पास एक बेटी रश्मि और एक बेटा रिक्की उर्फ रितिक थे। रश्मि की शादी हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक करीब पांच साल पहले अशोक की मौत हो गई थी। जिसके बाद यशोदा अपने बेटे रिक्की उर्फ रितिक के साथ अपने मायके में भाई केशव दास के पास रहने लगी। रितिक गांव के ही शांति विद्या निकेतन में कक्षा पांच में पढ़ता था। बृहस्पतिवार की शाम गांव के युवक चामुंडा मंदिर के पास खाली पड़ी जमीन में क्रिकेट खेल रहे थे। जिसमें रिक्की उर्फ रितिक भी शामिल था। क्रिकेट खेलते समय गेंद गांव के रहने वाले वीर सिंह के खेत में पहुंच गई। सभी युवक गेंद को ढूंढने खेत में पहुंचे तो पता चला गेंद सेही के बिल (गड्ढे) में चली गई है। लिहाजा सभी युवक दूसरी गेंद लाकर खेलने लगे। अंधेरा होने पर सभी अपने-अपने घर चले गए। रितिक भी इस दौरान अपने घर चला गया था, लेकिन देर शाम करीब सात बजे रिक्की उर्फ रितिक वापस वहीं पहुंचा और गेंद ढूंढने के लिए चप्पल निकालकर सेही के गड्ढे में घुस गया। काफी देर तक जब रिक्की वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। वह तलाश करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई। देर रात करीब डेढ़ बजे परिजन और पुलिसकर्मी तलाश करते हुए उधर से गुजरे तो सेही के बिल (गड्ढे) के पास रिक्की के चप्पल पड़े मिले। सूचना मिलते ही सीओ सतीश चंद पांडेय और थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह पुंडीर भी मौके पर पहुंच गए। थोड़ी देर में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जेसीबी से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खोदवाया गया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रितिक का शव बरामद हुआ। सीओ ने बताया की सेही के 20 फीट गहरे बिल (गड्ढे) में गेंद निकालने के लिए घुसा था। गड्ढे में घुसने के बाद वह वापस नहीं निकल सका और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
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ये है सेही जानवर
कृषि उप निदेशक रामप्रवेश सिंह ने बताया कि सेही बड़ी, नाटी और छोटी टांगों वाली होती हैं, जिनकी एक छोटी-सी पूंछ होती है। इसके शरीर के बाल मोटे, मजबूत और नुकीले होते हैं जो इसे परभक्षियों से बचने में मदद करते हैं। इन बालों को सेही के कांटे भी कहते हैं। सेही के शरीर हिलाने पर यह काटे झड़ते हैं, लेकिन यह धारणा गलत है कि सेही इन कांटों को अपने दुश्मन पर फेंक सकता है। यह एक शाकाहारी जानवर है जो पत्ती, घास और छोटे पौधे खाता है। यह एक ऐसा जानवर है जिसके शरीर के ऊपर 30 से भी अधिक कांटे पाए जाते हैं। यह कांटे इस जानवर की सुरक्षा के लिए होते हैं। सेही जानवर के शरीर पर के कांटे नुकीले और 50 सेंटीमीटर की लम्बाई के होते हैं। ये खेत-खलियानों में गहरे गड्ढे बनाकर रहती है। सेही द्वारा बनाया गया गड्ढा सुरंग नुमा होता है। सेही दिन का अधिकांश समय अपने बिल (गड्ढे) में व्यतीत करती है, लेकिन रात के समय फसलों, शाक-सब्जियों और पौधों की जड़ों को खाने के लिए बाहर निकलती है।
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