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Amroha News: देर रात शकरपुर-समसपुर गांव पहुंचे वर्षा और दो बेटों के शव, मायके में पसरा मातम
Tue, 10 Oct 2023 01:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:56 AM IST
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अमरोहा। दक्षिण पूर्व दिल्ली मुनिरका इलाके में दो बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या करने वाली वर्षा का शव पोस्टमार्टम के बाद देर रात अमरोहा के शकरपुर समसपुर गांव पहुंचा। मां और दो बच्चों के शव देखकर मायके वाले बिलख पड़े। पूरे गांव में मातम पसरा रहा। मंगलवार को तिगरी गंगा घाट पर तीनों के शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव शकरपुर समसपुर निवासी हेमंत शर्मा ने अपनी बेटी वर्षा की शादी वर्ष 2017 में मुरादाबाद निवासी जोगेंद्र शर्मा उर्फ लवकुश के साथ की थी। वर्तमान में जोगेंद्र उर्फ लवकुश व वर्षा बच्चों के साथ मुनिरका स्थित ई-ब्लॉक चौथी मंजिल के फ्लैट में किराए पर रहते थे। उनके पास चार साल का बेटा अभिमन्यु और ढाई साल का एक और बेटा व्यांश है। जोगेंद्र नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में सिपाही है। रविवार को छुट्टी होने की वजह से जोगेंद्र मुरादाबाद स्थित अपने घर चला गया। मुनिरका में वर्षा अपने बच्चों के साथ रुकी हुई थी। इस बीच सुबह के समय जोगेंद्र पत्नी को कॉल करने लगा तो उसका फोन नहीं उठा। काफी देर कॉल करने के बाद उसने पड़ोसियों को खबर दी। पड़ोसियों ने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद हैं। संदिग्ध लगने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने दरवाजा तुड़वाया तो अंदर कालीन पर तीनों के खून से लथपथ शव पड़े थे। बच्चों के दोनों हाथों की नस कटी थी। इसके अलावा महिला ने खुद की नस भी काटी थी। शव के पास एक ब्लेड पड़ा था। आशंका व्यक्त की गई कि इसी ब्लेड से नस काटकर वर्षा ने बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या की। दिल्ली पुलिस ने वर्षा का मोबाइल और अन्य सामान कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा है। वर्षा के पिता में बताया कि पति जोगेंद्र का पूजा-पाठ में ज्यादा ध्यान था। इसकी वजह से पत्नी व बच्चों पर भी ध्यान नहीं देता था। इस बात पर दोनों के बीच तनाव रहता था। वर्षा डिप्रेशन का भी शिकार हो गई थी। इतना ही नहीं ससुराल वाले भी वर्षों को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इस मामले में वर्षा के पिता हेमंत शर्मा ने सरोजनी नगर किरन गढ़ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा मजिस्ट्रेट ने हेमंत शर्मा के बयान दर्ज कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी है। पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार की देर रात वर्षा और दोनों बेटों के शव मायके शकरपुर समसपुर गांव पहुंचे। जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर तैयारी कर दी है।
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परिवार की लाडली थी वर्षा
अमरोहा। शकरपुर समसपुर गांव निवासी पेशे से किसान हेमंत शर्मा के परिवार में पत्नी रेखा शर्मा के अलावा एक बेटा रजत और दो बेटियां सोनिका व वर्षा शर्मा हैं। वर्षा ने मैथमेटिक्स से एमएससी किया था। वह परिवार की सबसे ज्यादा होनहार बेटी होने के साथ ही सभी की लाडली भी थी। उसकी मौत के बाद पूरा परिवार टूट सा गया है।
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वर्षा ने छह अक्तूबर को बताया था अपनी जिंदगी का आखिरी दिन
अमरोहा। परिजनों के मुताबिक एक महीना पहले वर्षा ने मोबाइल पर परिजनों से हुई थी। बातचीत के दौरान वर्षा ने 6 अक्तूबर को अपनी जिंदगी का आखिरी दिन बताया था। लेकिन परिजनों ने उसकी इस बात को गंभीरता से नहीं लिया।
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ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग होकर दिल्ली गई थी वर्षा
अमरोहा। परिजनों के मुताबिक शादी के कुछ समय बाद से ही वर्षा को ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। दो बेटे अभिमन्यु व व्यांश को जन्म देने के बाद भी ससुराल वालों का रवैया नहीं सुधरा। जिसके चलते दो साल पहले वर्षा को पति के साथ दिल्ली जाना पड़ा था।
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रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव शकरपुर समसपुर निवासी हेमंत शर्मा ने अपनी बेटी वर्षा की शादी वर्ष 2017 में मुरादाबाद निवासी जोगेंद्र शर्मा उर्फ लवकुश के साथ की थी। वर्तमान में जोगेंद्र उर्फ लवकुश व वर्षा बच्चों के साथ मुनिरका स्थित ई-ब्लॉक चौथी मंजिल के फ्लैट में किराए पर रहते थे। उनके पास चार साल का बेटा अभिमन्यु और ढाई साल का एक और बेटा व्यांश है। जोगेंद्र नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में सिपाही है। रविवार को छुट्टी होने की वजह से जोगेंद्र मुरादाबाद स्थित अपने घर चला गया। मुनिरका में वर्षा अपने बच्चों के साथ रुकी हुई थी। इस बीच सुबह के समय जोगेंद्र पत्नी को कॉल करने लगा तो उसका फोन नहीं उठा। काफी देर कॉल करने के बाद उसने पड़ोसियों को खबर दी। पड़ोसियों ने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद हैं। संदिग्ध लगने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने दरवाजा तुड़वाया तो अंदर कालीन पर तीनों के खून से लथपथ शव पड़े थे। बच्चों के दोनों हाथों की नस कटी थी। इसके अलावा महिला ने खुद की नस भी काटी थी। शव के पास एक ब्लेड पड़ा था। आशंका व्यक्त की गई कि इसी ब्लेड से नस काटकर वर्षा ने बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या की। दिल्ली पुलिस ने वर्षा का मोबाइल और अन्य सामान कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा है। वर्षा के पिता में बताया कि पति जोगेंद्र का पूजा-पाठ में ज्यादा ध्यान था। इसकी वजह से पत्नी व बच्चों पर भी ध्यान नहीं देता था। इस बात पर दोनों के बीच तनाव रहता था। वर्षा डिप्रेशन का भी शिकार हो गई थी। इतना ही नहीं ससुराल वाले भी वर्षों को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इस मामले में वर्षा के पिता हेमंत शर्मा ने सरोजनी नगर किरन गढ़ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा मजिस्ट्रेट ने हेमंत शर्मा के बयान दर्ज कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी है। पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार की देर रात वर्षा और दोनों बेटों के शव मायके शकरपुर समसपुर गांव पहुंचे। जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर तैयारी कर दी है।
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परिवार की लाडली थी वर्षा
अमरोहा। शकरपुर समसपुर गांव निवासी पेशे से किसान हेमंत शर्मा के परिवार में पत्नी रेखा शर्मा के अलावा एक बेटा रजत और दो बेटियां सोनिका व वर्षा शर्मा हैं। वर्षा ने मैथमेटिक्स से एमएससी किया था। वह परिवार की सबसे ज्यादा होनहार बेटी होने के साथ ही सभी की लाडली भी थी। उसकी मौत के बाद पूरा परिवार टूट सा गया है।
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वर्षा ने छह अक्तूबर को बताया था अपनी जिंदगी का आखिरी दिन
अमरोहा। परिजनों के मुताबिक एक महीना पहले वर्षा ने मोबाइल पर परिजनों से हुई थी। बातचीत के दौरान वर्षा ने 6 अक्तूबर को अपनी जिंदगी का आखिरी दिन बताया था। लेकिन परिजनों ने उसकी इस बात को गंभीरता से नहीं लिया।
ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग होकर दिल्ली गई थी वर्षा
अमरोहा। परिजनों के मुताबिक शादी के कुछ समय बाद से ही वर्षा को ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। दो बेटे अभिमन्यु व व्यांश को जन्म देने के बाद भी ससुराल वालों का रवैया नहीं सुधरा। जिसके चलते दो साल पहले वर्षा को पति के साथ दिल्ली जाना पड़ा था।