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साइबर ठगों ने वैज्ञानिक के खातों से उड़ाए 73 हजार
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गजरौला। दवा निर्माता कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग में तैनात वैज्ञानिक साइबर ठगी का शिकार हो गए। कूरियर नहीं मिलने पर उन्होंने कूरियर कंपनी के नंबर पर फोन किया तो पिन कोड गलत होना बताया गया। इसके लिए री-रजिस्टर के नाम पर उनसे दस रुपये एक खाते में डलवाने को कहा गया। इसके बाद उनके तीन बैंक खातों से 73 हजार रुपये उड़ा लिए गए। इसकी जानकारी होने पर उनके होश उड़ गए। उन्होंने थाने पहुंचकर तहरीर दी।
मंगलवार को तेवा एपीआई लिमिटेड के वैज्ञानिक अमरदीप सिंह ने बताया कि फैक्टरी की ही ऑफिसर्स कॉलोनी में रहते हैं। उनका पार्सल 29 अप्रैल को एक कूरियर कंपनी से आना था। उन्होंने उसका स्टेटस चेक किया तो पता चला कि वह रनिंग में था। एक मई को उन्होंने गूगल पर जाकर कूरियर कंपनी का मोबाइल नंबर सर्च किया। वहां से 0832075136 नंबर मिला।
उन्होंने इस पर कॉल की तो बताया गया कि कंपनी प्रतिनिधि कुछ देर के बाद आपसे संपर्क करेंगे। इसके बाद 09382750020 नंबर से उनके पास कॉल आई। उन्हें बताया गया कि उनका कूरियर गलत पिनकोड की वजह से रुका हुआ है। उसे री-रजिस्टर करना होगा। इसके लिए उन्हें दस रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। इसके बाद उसी दिन उन्हें कूरियर मिल जाएगा।
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अमररदीप सिंह ने कहा कि वह कूरियर लेकर आने वाले डिलीवरी मैन को हाथोंहाथ दस रुपये दे देंगे, लेकिन कॉलर नहीं माना और उनके नंबर पर एक लिंक भेज दिया। इसके बाद एक अनरीडेबल मैसेज भेजा और कहा कि इसे 8082807669 पर भेज देना। उनके द्वारा दस रुपये का भुगतान करते ही मैसेज आया कि उनका खाता किसी आरबीएल से कनेक्ट हो गया है और उनके एचडीएफसी बैंक खाते से पांच हजार रुपये कट गए। इस पर उन्होंने अपना बैंक खाता बंद करा दिया।
एक मई की दोपहर को ही उनके मोबाइल पर नए नंबरों से फोन आए, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किए। संदेह होने पर उन्होंने एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंकों में अपने खाते चेक किए तो उनके होश उड़ गए। दोनों खातों से उनके 30 और 38 हजार रुपये भी उड़ा लिए गए थे। अमरदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में थाने में तहरीर दे दी है। पुलिस ने मामला साइबर ठगी का बताते हुए जांच शुरू कर दी है।
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मंगलवार को तेवा एपीआई लिमिटेड के वैज्ञानिक अमरदीप सिंह ने बताया कि फैक्टरी की ही ऑफिसर्स कॉलोनी में रहते हैं। उनका पार्सल 29 अप्रैल को एक कूरियर कंपनी से आना था। उन्होंने उसका स्टेटस चेक किया तो पता चला कि वह रनिंग में था। एक मई को उन्होंने गूगल पर जाकर कूरियर कंपनी का मोबाइल नंबर सर्च किया। वहां से 0832075136 नंबर मिला।
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उन्होंने इस पर कॉल की तो बताया गया कि कंपनी प्रतिनिधि कुछ देर के बाद आपसे संपर्क करेंगे। इसके बाद 09382750020 नंबर से उनके पास कॉल आई। उन्हें बताया गया कि उनका कूरियर गलत पिनकोड की वजह से रुका हुआ है। उसे री-रजिस्टर करना होगा। इसके लिए उन्हें दस रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। इसके बाद उसी दिन उन्हें कूरियर मिल जाएगा।
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अमररदीप सिंह ने कहा कि वह कूरियर लेकर आने वाले डिलीवरी मैन को हाथोंहाथ दस रुपये दे देंगे, लेकिन कॉलर नहीं माना और उनके नंबर पर एक लिंक भेज दिया। इसके बाद एक अनरीडेबल मैसेज भेजा और कहा कि इसे 8082807669 पर भेज देना। उनके द्वारा दस रुपये का भुगतान करते ही मैसेज आया कि उनका खाता किसी आरबीएल से कनेक्ट हो गया है और उनके एचडीएफसी बैंक खाते से पांच हजार रुपये कट गए। इस पर उन्होंने अपना बैंक खाता बंद करा दिया।
एक मई की दोपहर को ही उनके मोबाइल पर नए नंबरों से फोन आए, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किए। संदेह होने पर उन्होंने एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंकों में अपने खाते चेक किए तो उनके होश उड़ गए। दोनों खातों से उनके 30 और 38 हजार रुपये भी उड़ा लिए गए थे। अमरदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में थाने में तहरीर दे दी है। पुलिस ने मामला साइबर ठगी का बताते हुए जांच शुरू कर दी है।