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अभिषेक हत्याकांड : अगर संदिग्ध ही निकला कातिल तो घिर जाएगी पुलिस

Sat, 16 Dec 2017 03:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गजरौला (अमरोहा)।
अमर उजाला ब्यूरो/गजरौला (अमरोहा)। Updated Sat, 16 Dec 2017 03:01 AM IST
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If the suspect gets killer then many questions raise on police role
साक्ष्य जुटाती पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला
अभिषेक के गायब होने के मामले में परिजनों ने जिस व्यक्ति को संदिग्ध माना था। पुलिस ने उसे पकड़ तो लिया था, लेकिन बिना बताए या कार्रवाई के छोड़ दिया। ऐसे में हत्या का मामला सामने आने पर संदिग्ध की ओर परिजनों का शक गहरा रहा है। यदि साक्ष्य संदिग्ध के खिलाफ मिलते हैं तो गजरौला पुलिस पर भी तमाम सवाल खड़े हो जाएंगे। 
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राजमिस्त्री नरेश का मासूम बेटा अभिषेक जब स्कूल से नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तफ्तीश में पता चला कि गेटमैन ने स्कूल देरी से पहुंचने पर उसे लौटा दिया। यही जानकारी पुलिस को परिजनों ने दी। 
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दस दिसंबर को परिजन वसेली फाटक के पास गेटमैन से जानकारी करने पहुंचे तो उसने बताया कि बच्चे को लाल साइकिल वाले युवक के साथ देखा गया था। परिजनों ने पुलिस को यह जानकारी दी तो पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। 
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जांच में पता चला कि संदिग्ध युवक गजरौला की एक दूध की डेयरी पर काम करता है। वह सात तारीख को बिना किसी कारण के डेयरी से सुबह के समय काम छोड़कर गया था। आठ व नौ दिसंबर को भी वह काम पर नहीं गया। अपने घर में ही बैठा रहा। 

पुलिस के मुताबिक संदिग्ध को उसके घर से ही हिरासत में लिया था लेकिन पूछताछ में उसके पास से ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जिससे वह बच्चे तक पहुंचा सके, क्योंकि बच्चे का शव मिल चुका है। संदिग्ध पर परिजनों का शक और बढ़ गया है। पुलिस पर घटना का खुलासा करने का भी दबाव है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि संदिग्ध युवक ही दोषी निकला तो गजरौला पुलिस को कटघरे में जाने से कौन बचा सकता है। 
 

पूर्व थानाध्यक्ष ऐसे ही मामले में हो चुके लाइन हाजिर

ठीक ऐसी ही एक घटना में चार माह पूर्व गजरौला के पूर्व थानाध्यक्ष अशोक सोलंकी लाइन हाजिर हो गए थे। संभल के असमौली थाना क्षेत्र के गांव निवासी एक निजी बस चालक अचानक गायब हो गया था। उसके परिजनों ने गजरौला निवासी उसकी पत्नी व तीन अन्य लोगों को नामजद करते हुए थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। जबकि कातिल वही थे। उस समय एसओजी की टीम में अरविंद मोहन शर्मा ही थे, जो वर्तमान में गजरौला थानाध्यक्ष हैं। उन्होंने वह केस वर्कआउट किया था। मझोला के जंगल में गन्ने के खेत में शव बरामद हुआ था। पत्नी ने ही अपने प्रेमियों संग पति को मौत के घाट उतारने का दावा कर पुलिस ने मामले का खुलासा किया था।


स्कूल बैग भी खेत से मिला

वसेली के जंगल में आठ दिन से लापता मासूम छात्र का शव जिस स्थान पर मिला उससे करीब दस मीटर की दूरी पर ही साइकिल का पैडल व उसका स्कूल बैग भी मिला। यहां बैग से अलग मिट्टी में दबी हुई किताबें मिलीं जिस स्थान पर स्कूल बैग मिला उससे दस मीटर की दूरी पर साइकिल का पैडल मिला। 

शव की हालत देखकर लग रहा था कि उसकी हत्या करीब आठ दिन पहले ही हो चुकी थी। सर्दी के चलते शव से बदबू आनी शुरू नहीं हुई थी। मासूम के चेहरे पर तमाम चोट के निशान ये बयां करने के लिए काफी हैं कि हत्या से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी।
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