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राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुलिस ने महापंचायत में जाने से रोका
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हसनपुर। मंडी धनौरा थाने में पुलिस प्रताड़ना से मारे गए बालकृष्ण को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बसी मुस्तकम में शनिवार को आयोजित दलित महापंचायत में जाने के लिए रवाना हुए दलित महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.टीपी सिंह को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। पूरे दिन पुलिस ने उन्हें अपने साथ रखा। इस दौरान हसनपुर कोतवाली में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि महापंचायत में जाने से पुलिस ने भले ही रोक दिया हो, लेकिन बालकृष्ण को न्याय दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है।
शनिवार को मंडी धनौरा के गांव बसी मुस्तकम में अंबेडकर चौक पर दलित महापंचायत की ओर से महापंचायत का आयोजन किया जाना था। दलित महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. टीपी सिंह हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव कालाखेड़ा के रहने वाले है। शनिवार सुबह को पुलिस राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर पहुंच गई। उनसे पंचायत की अनुमति न होने की बात कहते हुए पंचायत में न जाने के लिए कहा। हालांकि इसके बावजूद भी राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी कार लेकर बसी मुस्तकम के लिए निकल गए। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने उनका पीछा करते हुए गजरौला के पास रोक लिया। यहां से पुलिस उनको अमरोहा देहात थाने ले गई। यहां कई घंटे तक उन्हें बैठाए रखा। इसके बाद पुलिस नौगांवा सादात थाने ले गई। देरशाम को पुलिस राष्ट्रीय अध्यक्ष टीपी सिंह को लेकर हसनपुर कोतवाली पहुंची। यहां पत्रकारों से उन्होंने कहा कि भले ही पुलिस ने पंचायत में जाने से रोक लिया हो, लेकिन बालकृष्ण को न्याय दिलाने के लिए वह संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि मृतक बालकृष्ण के परिवार वालों को सरकार से एक करोड़ मुआवजा एवं उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दलितों का शोषण कतई सहन नहीं किया जाएगा। प्रभारी निरीक्षक संजय प्रताप सिंह ने बताया कि बसी मुस्तकम में पंचायत की कोई अनुमति नहीं थी, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को वहां जाने से रोका गया।
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शनिवार को मंडी धनौरा के गांव बसी मुस्तकम में अंबेडकर चौक पर दलित महापंचायत की ओर से महापंचायत का आयोजन किया जाना था। दलित महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. टीपी सिंह हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव कालाखेड़ा के रहने वाले है। शनिवार सुबह को पुलिस राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर पहुंच गई। उनसे पंचायत की अनुमति न होने की बात कहते हुए पंचायत में न जाने के लिए कहा। हालांकि इसके बावजूद भी राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी कार लेकर बसी मुस्तकम के लिए निकल गए। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने उनका पीछा करते हुए गजरौला के पास रोक लिया। यहां से पुलिस उनको अमरोहा देहात थाने ले गई। यहां कई घंटे तक उन्हें बैठाए रखा। इसके बाद पुलिस नौगांवा सादात थाने ले गई। देरशाम को पुलिस राष्ट्रीय अध्यक्ष टीपी सिंह को लेकर हसनपुर कोतवाली पहुंची। यहां पत्रकारों से उन्होंने कहा कि भले ही पुलिस ने पंचायत में जाने से रोक लिया हो, लेकिन बालकृष्ण को न्याय दिलाने के लिए वह संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि मृतक बालकृष्ण के परिवार वालों को सरकार से एक करोड़ मुआवजा एवं उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दलितों का शोषण कतई सहन नहीं किया जाएगा। प्रभारी निरीक्षक संजय प्रताप सिंह ने बताया कि बसी मुस्तकम में पंचायत की कोई अनुमति नहीं थी, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को वहां जाने से रोका गया।
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