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सलाखों के पीछे ग्राम प्रधान, अकाउंट से निकला 10 लाख

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 02 May 2019 01:22 AM IST
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सलाखों के पीछे ग्राम प्रधान, अकाउंट से निकला 10 लाख
अमरोहा। पंचायती राज विभाग में धांधली का एक और मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान जेल में बंद है, लेकिन ग्राम पंचायत के अकाउंट से रकम की निकासी हो गई है। यह रकम भी 8.51 लाख रुपये बताई जा रही है। अब सवाल उठता है ग्राम प्रधान ने जेल के अंदर चेक पर हस्ताक्षर किए है या उनका फर्जी दस्तखत कर रकम निकाल ली गई है। मामले को विभाग ने संज्ञान लिया है। संबंधित सेक्रेटरी से बैंक स्टेटमेंट तलब किया गया है। जिसे लेकर हड़कंप मच हुआ है।
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सदर तहसील क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान जनवरी से जेल में सलाखों के पीछे है। एडीओ पंचायत ने पंचायती राज विभाग को लिखित तौर पर अवगत कराया है। उस ग्राम पंचायत में निर्माण समेत अन्य कार्य कराए गए हैं। साथ ही इसका बाकायदा संबंधित फर्म का भुगतान भी किया गया है। बैंक से चेक के जरिए 16 जनवरी से 29 मार्च के बीच रकम निकाल ली गई है। अब सवाल उठता है कि जेल में रहने के दौरान चेक पर हस्ताक्षर ग्राम प्रधान के हैं या उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए है। पंचायती राज विभाग को शिकायत मिली है कि ग्राम पंचायत के अकाउंट से रुपये निकाले गए हैं। हालांकि ग्राम प्रधान एक मामले में न्यायिक अभिरक्षा के चलते जेल में हैं। विभाग को आशंका है कि जेल के अंदर जाकर अनियमित रूप से चेक पर हस्ताक्षर कराया गया है। पंचायती राज विभाग ने संबंधित सेक्रेटरी से जवाब मांगा है। डीपीआरओ विमल कुमार ने किस आधार पर धनराशि के आहरण किया गया है। इसके बारे में जानकारी तलब की है।
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सेक्रेटरी ने खुद 1.61 लाख रुपये हासिल किए
अमरोहा। संबंधित ग्राम पंचायत में चकरोड के लिए ईंट का भुगतान किया गया है। इससे ईंट भट्ठे के लिए पांच चेक और चार व्यक्तियों को चेक जारी किया गया। इसके अलावा सेक्रेटरी ने खुद 1.66 लाख रुपये अपने नाम से निकाले हैं।
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संयुक्त हस्ताक्षर से होता है संचालन
अमरोहा। ग्राम पंचायत का अकाउंट ग्राम निधि प्रथम के नाम से संचालित होता है। यह ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित होता है। प्रत्येक चेक पर ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी का संयुक्त हस्ताक्षर और मोहर लगाई जाती है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को रकम का भुगतान होता है।

यह है पंचायती राज एक्ट
अमरोहा। ग्राम प्रधान जेल में है मामला विचाराधीन है तो समिति गठित की जाती है। वह हर तरह के कार्य को संचालित करती है। वहीं किसी केस में सजा मिलने के बाद स्वत: पद से हट जाता है।


ग्राम प्रधान के जेल में रहने के दौरान रकम निकासी का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया गया है। उससे जवाब तलब किया गया है। जवाब असंतोषजनक मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
- विमल कुमार, डीपीआरओ।
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