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गबन कर मौज काट रहे ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी
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अमरोहा। ग्राम निधि के रकम को हड़पने के मामले में पुलिस और विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। अलबत्ता पंचायती राज विभाग ने कार्रवाई के नाम पर सफाई कर्मचारी को सस्पेंड किया है। ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हैं, लेकिन जिले के अधिकारी उनकी मंशा को नाकाम कर रहे हैं।
जिले के हसनपुर ब्लॉक के 25 ग्राम पंचायतों की ग्राम निधि/14वां वित्त/ राज्य वित्त और शासकीय योजनाओं का रकम सफाई कर्मचारी असलम के व्यक्तिगत बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हुआ है। यह रकम 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद सफाई कर्मचारी ने रकम की निकासी भी की है। मामले का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया। लोगों का दावा है कि यह रकम कमीशन की है। प्रभारी डीपीआरओ ने विमल कुमार ने तहरीर दी। सफाई कर्मचारी असलम समेत 25 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ रजबपुर थाना में केस दर्ज हुआ है। हालांकि छह दिन बीतने के बाद भी विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसके चलते विभाग की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर विभाग ने सफाई कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है वहीं ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के मामले में सख्त हैं। इसी कड़ी में अफसरों और कर्मचारियों की स्क्रीनिंग हो रही है, लेकिन जिले के अधिकारी उनकी मंशा को विफल करने में जुटे हैं। केस दर्ज होने के बाद ग्राम प्रधानों का प्रतिनिधिमंडल दो मार्च को डीएम से मिला। एफआईआर को गलत ठहराया। सूत्रों का दावा है कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी क्षेत्र में घूम रहे हैं वह कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने पूछताछ तक नहीं की है। इसको लेेकर राजनीतिक हल्कों में चर्चाओं का माहौल है।
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जिले के हसनपुर ब्लॉक के 25 ग्राम पंचायतों की ग्राम निधि/14वां वित्त/ राज्य वित्त और शासकीय योजनाओं का रकम सफाई कर्मचारी असलम के व्यक्तिगत बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हुआ है। यह रकम 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद सफाई कर्मचारी ने रकम की निकासी भी की है। मामले का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया। लोगों का दावा है कि यह रकम कमीशन की है। प्रभारी डीपीआरओ ने विमल कुमार ने तहरीर दी। सफाई कर्मचारी असलम समेत 25 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ रजबपुर थाना में केस दर्ज हुआ है। हालांकि छह दिन बीतने के बाद भी विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसके चलते विभाग की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर विभाग ने सफाई कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है वहीं ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के मामले में सख्त हैं। इसी कड़ी में अफसरों और कर्मचारियों की स्क्रीनिंग हो रही है, लेकिन जिले के अधिकारी उनकी मंशा को विफल करने में जुटे हैं। केस दर्ज होने के बाद ग्राम प्रधानों का प्रतिनिधिमंडल दो मार्च को डीएम से मिला। एफआईआर को गलत ठहराया। सूत्रों का दावा है कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी क्षेत्र में घूम रहे हैं वह कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने पूछताछ तक नहीं की है। इसको लेेकर राजनीतिक हल्कों में चर्चाओं का माहौल है।
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