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Amroha News: भादों की बारिश में जलमग्न हुईं शहर की सड़कें
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अमरोहा। शनिवार को मौसम ने करवट बदल ली। घुमड़कर आए बादल झमाझम बरस पड़े। भादों की पहली बारिश से एक ओर जहां मौसम सुहावना हो गया, वहीं शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दिनभर में करीब 15 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। यह बारिश गन्ना, धान और सब्जी की फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। वहीं बारिश के चलते करीब तीन घंटे में कई मोहल्लों की बिजली गुल रही। जिससे लोगों पर परेशानी उठानी पड़ी।
पिछले कुछ दिनों से मौसम में खासी गर्मी महसूस हो रही थी। उमस के बीच लोग बेहाल थे। सितंबर में जून जैसी गर्मी महसूस हो रही थी। इसी बीच शुक्रवार शाम को मौसम ने करवट बदली, लेकिन हल्की बूंदा-बांदी होकर रह गई। शनिवार को मौसम फिर से सुहावना हो गया। सुबह आसमान में काले काले बादल उमड़ आए। जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। दिन भर होती रही। जिससे शहर का मुख्य बाजार, कोतवाली, आजाद रोड, कैलसा बाईपास, जामा मस्जिद, नगर पालिका, कोतवाली गेट सहित आदि इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव की मुख्य वजह ये है कि आधे शहर का पानी कोट बाजार से गुजरता है। जिसकी वजह से हल्की बारिश में जलभराव हो जाता है।
उधर, बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया। चिपचिपी और उमस भरी गर्मी से लोगों ने राहत महसूस की। देर शाम तक बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। ठंडा मौसम होने पर लोगों ने मौसम का लुत्फ उठाया। उधर बारिश शुरू होते की शहर की बिजली गुल हो गई। हालांकि बारिश बंद होने के बाद बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। कृषि उप निदेशक रामप्रवेश ने बताया कि दिनभर में करीब 15 एमएम बारिश दर्ज की गई है। ये बारिश गन्ना, धान और सब्जी की फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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कई जगह गिर गई धान की फसल
एक तरफ जहां बारिश से गर्मी पूरी तरह गायब हो गई, वहीं, धान की फसल भी गिर गई। कई हल्की हवा और बारिश के बीच कई जगह धान की फसल गिरी नजर आई। किसानों का कहना है कि यदि अब तेज हवा चली तो धान की फसल ढह सकती है। जो धान की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। हालांकि, वैसे बारिश धान के लिए फायदेमंद है।
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पिछले कुछ दिनों से मौसम में खासी गर्मी महसूस हो रही थी। उमस के बीच लोग बेहाल थे। सितंबर में जून जैसी गर्मी महसूस हो रही थी। इसी बीच शुक्रवार शाम को मौसम ने करवट बदली, लेकिन हल्की बूंदा-बांदी होकर रह गई। शनिवार को मौसम फिर से सुहावना हो गया। सुबह आसमान में काले काले बादल उमड़ आए। जिसके बाद बारिश शुरू हो गई। दिन भर होती रही। जिससे शहर का मुख्य बाजार, कोतवाली, आजाद रोड, कैलसा बाईपास, जामा मस्जिद, नगर पालिका, कोतवाली गेट सहित आदि इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव की मुख्य वजह ये है कि आधे शहर का पानी कोट बाजार से गुजरता है। जिसकी वजह से हल्की बारिश में जलभराव हो जाता है।
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उधर, बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया। चिपचिपी और उमस भरी गर्मी से लोगों ने राहत महसूस की। देर शाम तक बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। ठंडा मौसम होने पर लोगों ने मौसम का लुत्फ उठाया। उधर बारिश शुरू होते की शहर की बिजली गुल हो गई। हालांकि बारिश बंद होने के बाद बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। कृषि उप निदेशक रामप्रवेश ने बताया कि दिनभर में करीब 15 एमएम बारिश दर्ज की गई है। ये बारिश गन्ना, धान और सब्जी की फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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कई जगह गिर गई धान की फसल
एक तरफ जहां बारिश से गर्मी पूरी तरह गायब हो गई, वहीं, धान की फसल भी गिर गई। कई हल्की हवा और बारिश के बीच कई जगह धान की फसल गिरी नजर आई। किसानों का कहना है कि यदि अब तेज हवा चली तो धान की फसल ढह सकती है। जो धान की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। हालांकि, वैसे बारिश धान के लिए फायदेमंद है।