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Amroha News: बदला मौसम का मिजाज, बारिश-ओलावृष्टि का अनुमान
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अमरोहा। लगातार बढ़ते तापमान के बीच अचानक शनिवार की सुबह मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छा गए। जगह-जगह हल्की बूंदाबांदी हुई। ठंडी हवाओं ने ठंड का एहसास कराया। स्थिति ये रही कि पिछले पांच सालों में 18 मार्च सबसे ठंडा रिकॉर्ड किया गया है। बारिश हो ओलावृष्टि का अनुमान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर बारिश और ओलावृष्टि हुई तो सरसों, गेहूं के साथ आम की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ओलावृष्टि के कारण आम के पेड़ों पर लगा बोर झड़ सकता है। मौसम का मिजाज देखकर किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है।
फरवरी माह से लगातार सूरज के तेवर तल्ख हो रहे थे। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। स्थिति ये रही कि तापमान 34 डिग्री तक पहुंच गया था। लेकिन शनिवार की सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज गरज के साथ जगह-जगह हल्की बूंदाबांदी हुई। दिनभर तेज बारिश और ओलावृष्टि होने का अंदाजा लगाया जा रहा था। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान लुढ़क कर 23 डिग्री पहुंच गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा। बात पिछले पांच सालों की करें तो 18 फरवरी 2023 सबसे ठंडा रहा है। बताया कि बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। अगर बारिश और ओलावृष्टि हुई तो जनपद में सरसों गेहूं और आम की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ओलावृष्टि की चोट पड़ने से आम का बोर झड़ जाएगा। सरसों भी खराब हो जाएगी। गेहूं की फसल गिरने से बालियां खराब हो जाएंगी।
इन जनपदों में ओलावृष्टि की संभावना
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुध नगर, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल जनपद में ओलावृष्टि की संभावना अधिक है।
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पिछले पांच साल का तापमान
वर्ष-- -- -- -- -अधिकतम तापमान-- -- -- -- -- न्यूनतम तापमान
वर्ष 2022-- -- -37.6 डिग्री-- -- -- -- -- -- -- 23.8 डिग्री
वर्ष 2021-- -- -35 डिग्री-- -- -- -- -- -- -- -- 17 डिग्री
वर्ष 2020-- -- -- 26 डिग्री-- -- -- -- -- -- -- -13.7 डिग्री
वर्ष 2019-- -- -29 डिग्री-- -- -- -- -- -- -- -- -16 डिग्री
वर्ष 2018-- -- -33 डिग्री-- -- -- -- -- -- -- -- -14 डिग्री
जनपद में फसल की स्थिति
गेंहू-- -- -- -- -- -- 92 हजार हेक्टेयर
सरसों-- -- -- -- -- 7 हजार हेक्टेयर
आम-- -- -- -- -- -20 हजार हेक्टेयर
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फरवरी माह से लगातार सूरज के तेवर तल्ख हो रहे थे। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। स्थिति ये रही कि तापमान 34 डिग्री तक पहुंच गया था। लेकिन शनिवार की सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज गरज के साथ जगह-जगह हल्की बूंदाबांदी हुई। दिनभर तेज बारिश और ओलावृष्टि होने का अंदाजा लगाया जा रहा था। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान लुढ़क कर 23 डिग्री पहुंच गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा। बात पिछले पांच सालों की करें तो 18 फरवरी 2023 सबसे ठंडा रहा है। बताया कि बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। अगर बारिश और ओलावृष्टि हुई तो जनपद में सरसों गेहूं और आम की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ओलावृष्टि की चोट पड़ने से आम का बोर झड़ जाएगा। सरसों भी खराब हो जाएगी। गेहूं की फसल गिरने से बालियां खराब हो जाएंगी।
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इन जनपदों में ओलावृष्टि की संभावना
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुध नगर, बुलंदशहर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल जनपद में ओलावृष्टि की संभावना अधिक है।
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पिछले पांच साल का तापमान
वर्ष
वर्ष 2022
वर्ष 2021
वर्ष 2020
वर्ष 2019
वर्ष 2018
जनपद में फसल की स्थिति
गेंहू
सरसों
आम