चंदौसी: प्रभारी सब रजिस्ट्रार पर हमला करने के आरोपी दोनों अधिवक्ताओं को जेल भेजा, आज हड़ताल पर रहेंगे वकील
चंदौसी में सब रजिस्ट्रार कार्यालय में मारपीट करने के आरोपी वकीलों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। इसके विरोध में वकील आज हड़ताल पर रहेंगे।
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चंदौसी तहसील में सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रभारी सब रजिस्ट्रार पर हमले के आरोपी दोनों अधिवक्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को संभल में रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। वहां पर सौ से अधिक अधिवक्ता एकत्र हो गए। दोनों आरोपियों की रिमांड रिफ्यूज कराने को बहस की पर मजिस्ट्रेट ने उनकी अपील को अस्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। इसके विरोध में चंदौसी बार एसोसिएशन व तहसील बार एसोसिएशन ने कलमबंद हड़ताल का एलान कर दिया है।
शनिवार को सब रजिस्ट्रार कार्यालय में अधिवक्ता ने प्रभारी सब रजिस्ट्रार राजवीर सिंह के कक्ष में घुसकर बाइपर के डंडे से हमला कर दिया था। इस मामले में राजवीर सिंह ने तहरीर देकर आरोपी अधिवक्ता मेहंदी हसन, अन्य अधिवक्ता चिरंजीलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद तहसील व थाने में दिनभर हंगामे की स्थिति बनी रही थी। रविवार को पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी थी। पुलिस ने नामजद आरोपी चिरंजीलाल को दोपहर के बाद गोशाला रोड संभल गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस चिरंजीलाल को लेकर संभल में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने को रवाना हो गई। सूचना पर चंदौसी बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अन्य अधिवक्ता भी संभल पहुंच गए। दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट संभल व्योमा गौड़ के समक्ष पेश किया गया। मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करते समय चंदौसी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार यादव, सचिव नितिन कुमार विक्की, मोहम्मद फारूकी ने आरोपी की तरफ से रिमांड रिफ्यूज का प्रार्थनापत्र दिया और बहस की।
रिमांड मजिस्ट्रेट ने बहस के बाद उनका प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर दिया और रिमांड मंजूर करते हुए चिरंजीलाल को जेल भेजने के आदेश कर दिए। वहीं इस दौरान पुलिस ने दूसरे आरोपी मेहंदी हसन को चंदौसी में संभल तिराहे से गिरफ्तार कर लिया और शाम 7.45 बजे उसे भी संभल में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। दोनों को मजिस्ट्रेट ने उन्हें जेल भेज दिया।
मेडिकल में गंभीर चोट आई है और एक्सरे के लिए रेफर किया गया है। रविवार को छुट्टी के कारण एक्सरे नहीं हुआ। मैं सोमवार को एक्सरे कराने जाऊंगा। आफिस रोजाना की तरह से खुलेगा और अन्य स्टाफ रहेगा। अधिवक्ता चाहेंगे, तो काम होगा। अब यह उनके ऊपर निर्भर है। - राजवीर सिंह, प्रभारी सब रजिस्ट्रार चंदौसी
चंदौसी से संभल दौड़े अधिवक्ता, 100 से अधिक हो गए एकत्र, रही गहमागहमी
दोपहर के बाद पुलिस ने अधिवक्ता चिरंजीलाल को गिरफ्तार कर लिया और उसे लेकर संभल रवाना हो गई। अधिवक्ता पहले से चंदौसी कचहरी को घेरे हुए थे। किसी ने पुलिस के संभल जाने की सूचना सोशल मीडिया व फोन के माध्यम से दी। तुरंत ही अधिवक्ता संभल रवाना हो गए। सूचना मिलने पर संभल के अधिवक्ता भी एकत्र हो गए।
न्यायालय परिसर में चंदौसी, संभल के सौ से अधिक अधिवक्ता एकत्र हो गए। वहां गहमागहमी का माहौल रहा। इस दौरान चंदौसी बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश यादव, सचिव नितिन कुमार विक्की, विनोद कुमार सिंह, नजर कुरैशी, मोहम्मद फारूकी, ब्रजेश सिंह, शकील अहमद, सतेंद्रपाल सिंह, राजन, अमर सिंह, संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद इस्लाम, जमाल पाशा आदि मौजूद रहे।
कचहरी, तहसील, रजिस्ट्रार कार्यालय में आज रहेगी कलमबंद हड़ताल
चंदौसी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने बताया कि अधिवक्ताओं की गिरफ्तार के विरोध में चंदौसी बार एसोसिएशन कलमबंद हड़ताल रखेगी। कोई कार्य नहीं होगा। जनरल बोर्ड की मीटिंग बुलाई जाएगी और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
अधिवक्ताओं के विरोध की संभावना पर तैनात की गई पीएसी
पुलिस ने दोनों की गिरफ्तार की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। अधिवक्ताओं व हंगामे से निपटने के लिए थाने पर पीएसी तैनात कर दी गई थी। पुलिस ने बॉडी प्रोटक्कर आदि सामान बाहर निकाल रख लिया था।
बहस में धारा 307 हटाने को अधिवक्ताओं ने दिए तर्क, अस्वीकृत
प्रभारी सब रजिस्ट्रार पर हमले के आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के दौरान अधिवक्ताओं ने धारा 307 हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। बहस में तर्क दिया कि वादी के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं है। वादी की ओर से अधिवक्ता चिरंजीलाल को गलत नामजद किया गया है। इस दौरान अधिवक्ताओं ने वादी व उनके स्टाफ की ओर से मीडिया को दिए गए बयान की वीडियो भी पेश की किए।
जिस वीडियो में वादी व स्टाफ के लोग एक ही अधिवक्ता द्वारा हमला करने की बात कही गई है। वहीं जवाब में बहस के दौरान प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र पवार ने तर्क रखा कि आरोपी पहले से ही जानलेवा हमला करने की नियत से हाथ में डंडा लेकर आया था और आते ही डंडे से वार शुरू कर दिए थे। प्रभारी निरीक्षक के तर्क पर मजिस्ट्रेट ने अधिवक्ताओं की अपील अस्वीकृत कर दी और धारा 307 के साथ ही आरोपियों की रिमांड स्वीकृत कर जेल भेज दिया।