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Amroha: बदमाशों से मिलीभगत और धोखाधड़ी में दो सीओ, तीन इंस्पेक्टर समेत 12 पर केस दर्ज, 2014 का है पूरा मामला

Tue, 28 Mar 2023 08:32 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 28 Mar 2023 08:32 PM IST
सार

तत्कालीन सीओ जितेंद्र सिंह, उनके बाद रहे तत्कालीन सीओ सोमेंद्र नेगी, इंस्पेक्टर रामपाल भाटी, इंस्पेक्टर इंद्रमणि वर्मा,  इंस्पेक्टर अनिल समानिया समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

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Case registered on 12 including two COs, three inspectors
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में साल 2014 में गजरौला मार्ग पर मनौटा पुल के पास लूटी गई डीसीएम के मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं करने, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट में एफआर लगाने और बरामद डीसीएम को लावारिश दिखाकर नीलाम करने व बदमाशों से मिलीभगत होने का आरोप लगाते हुए आदमपुर निवासी व्यक्ति ने तत्कालीन सीओ जितेंद्र सिंह, उनके बाद रहे तत्कालीन सीओ सोमेंद्र नेगी, तत्कालीन इंस्पेक्टर रामपाल भाटी, तत्कालीन इंस्पेक्टर इंद्रमणि वर्मा, तत्कालीन इंस्पेक्टर अनिल समानिया समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आदमपुर निवासी शब्बीर पुत्र जुम्मा ने कोर्ट को बताया कि एक अप्रैल 2014 की रात करीब 11 बजे मनौटा पुल पर कार सवार चार बदमाशों ने डीसीएम टाटा 1109 को लूट लिया था। इसके साथ दो हजार की नगदी भी लूट ली थी। आरोप है कि थाने में बदमाशों से मिलीभगत के चलते तत्कालीन हसनपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर रामपाल भाटी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद न्यायायल के आदेश पर मुकदमा तो हुआ लेकिन तत्कालीन विवेचक आरके यादव ने मामले में एफआर लगा दी। 

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कुछ समय बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर इंद्रमणि वर्मा व दरोगा विजय सिंह राणा ने वाहन को बरामद कर लिया था। जबकि इसे लूट के केस में दर्ज ना करके 18 अगस्त 2015 को लावारिश वाहन में दर्ज कर लिया था। इंस्पेक्टर से लेकर सीओ तक इसकी शिकायत की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि वाहन की नंबर प्लेट को हटाकर दूसरी नंबर प्लेट लगाकर वाहन की नीलामी कर दी गई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब अदालत के आदेश पर वाहन लूट के आरोप में वसीम, मारूफ, भूरा मिस्त्री निवासीगण कस्बा उझारी, थाना सैदनगली, असलम निवासी फत्तेहपुर मिलक थाना सैदनगली जबकि धोखाधड़ी के आरोप में तत्कालीन इंस्पेक्टर रामपाल भाटी, तत्कालीन इंस्पेक्टर इंद्रमणि वर्मा, तत्कालीन इंस्पेक्टर अनिल समानिया, तत्कालीन सीओ जितेंद्र सिंह, तत्कालीन सीओ सोमेंद्र नेगी, एसआई आरके यादव, एसआई विजय सिंह राणा, सुनील कुमार हैड मोहर्रिर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 406 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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लखनऊ में एएसपी हैं जितेंद्र सिंह
2014 में हसनपुर में सीओ रहे जितेंद्र सिंह का प्रमोशन हो गया। अब वर्तमान में वह एएसपी हैं। उनकी तैनाती लखनऊ में चल रही है। जबकि अनिल समानिया नोएडा से सीओ के पद से सेवानिवृत हो चुके हैं। इंस्पेक्टर रामपाल भाटी मथुरा में तैनात हैं। इंद्रमणि वर्मा सेवानिवृत हो चुके हैं।


 
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