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एसओ-एसएसआई पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:04 AM IST
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कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे और दिल्ली के सिपाही के बीच हुए मारपीट के मामले में थाना धनौरा के तत्कालीन एसओ सतेंद्र कुमार और गजरौला के तत्कालीन एसएसआई पीके शर्मा फंस गए हैं। इस मामले में पीड़ित सिपाही के भाई की ओर से अदालत के आदेश पर एसओ और एसएसआई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की विवेचना थाना गजरौला के एसएसआई संजय चंचल को सौंपी गई है।
बता दें कि चार अप्रैल की रात करीब नौ बजे रेशम एवं वस्त्र उद्योग मंत्री महबूब अली के बड़े भाई गनी मोहम्मद निवासी शकरपुर (अमरोहा) का बेटा इफ्तिखार अली धनौरा के गांव शेरपुर के पास स्थित अपने पेट्रोल पम्प से कार से लौट रहा था। भानपुर फाटक पर इफ्तिखार की कार का टायर दिल्ली पुलिस फर्स्ट बटालियन में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह पुत्र हरगोविंद सिंह निवासी आरिफपुर थाना रजबपुर की कार से टकरा गया था।
इसी बात पर सिपाही और मंत्री के भतीजे में मारपीट हो गई थी। इसमें इफ्तिखार घायल हो गया। मामला मंत्री का होने पर पुलिस भी तत्काल हरकत में आ गई और मौके पर पहुंच कर सिपाही और उसके बहनोई हरवीर को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
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इस मामले में पुलिस ने आनन-फानन में सिपाही और उसके बहनोई के खिलाफ जानलेवा हमले और लूट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। रात भर थाने पर सपाइयों का जमघट लगा रहा। सिपाही गजेंद्र पक्ष से पहुंचे लोगों को सपाइयों ने थाने के बाहर से ही भगा दिया। वहीं देर रात 12 बजे के बाद कुछ सपाई और तत्कालीन थाना धनौरा के एसओ सतेंद्र कुुमार सिपाही गजेंद्र को हवालात से बाहर खींच लिया और जम कर पिटाई लगा दी थी।
उस समय ये बात भी सामने आयी जब गजरौला थाने के तत्कालीन एसओ उपेंद्र यादव को अनहोनी की सुगबुगाहट हुई तो सपाइयों ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। इस मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने सिपाही के भाई राजेंद्र पुत्र स्वर्गीय हरगोविंद की ओर से तत्कालीन एसओ धनौरा सतेंद्र कुमार और गजरौला थाने के तत्कालीन एसएसआई प्रमोद कुमार शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 385 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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बता दें कि चार अप्रैल की रात करीब नौ बजे रेशम एवं वस्त्र उद्योग मंत्री महबूब अली के बड़े भाई गनी मोहम्मद निवासी शकरपुर (अमरोहा) का बेटा इफ्तिखार अली धनौरा के गांव शेरपुर के पास स्थित अपने पेट्रोल पम्प से कार से लौट रहा था। भानपुर फाटक पर इफ्तिखार की कार का टायर दिल्ली पुलिस फर्स्ट बटालियन में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह पुत्र हरगोविंद सिंह निवासी आरिफपुर थाना रजबपुर की कार से टकरा गया था।
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इसी बात पर सिपाही और मंत्री के भतीजे में मारपीट हो गई थी। इसमें इफ्तिखार घायल हो गया। मामला मंत्री का होने पर पुलिस भी तत्काल हरकत में आ गई और मौके पर पहुंच कर सिपाही और उसके बहनोई हरवीर को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
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इस मामले में पुलिस ने आनन-फानन में सिपाही और उसके बहनोई के खिलाफ जानलेवा हमले और लूट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। रात भर थाने पर सपाइयों का जमघट लगा रहा। सिपाही गजेंद्र पक्ष से पहुंचे लोगों को सपाइयों ने थाने के बाहर से ही भगा दिया। वहीं देर रात 12 बजे के बाद कुछ सपाई और तत्कालीन थाना धनौरा के एसओ सतेंद्र कुुमार सिपाही गजेंद्र को हवालात से बाहर खींच लिया और जम कर पिटाई लगा दी थी।
उस समय ये बात भी सामने आयी जब गजरौला थाने के तत्कालीन एसओ उपेंद्र यादव को अनहोनी की सुगबुगाहट हुई तो सपाइयों ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। इस मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने सिपाही के भाई राजेंद्र पुत्र स्वर्गीय हरगोविंद की ओर से तत्कालीन एसओ धनौरा सतेंद्र कुमार और गजरौला थाने के तत्कालीन एसएसआई प्रमोद कुमार शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 385 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।