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लॉकडाउन में मिली छूट तो हुआ 31 का अस्थि विसर्जन

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2020 01:51 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)। लॉकडाउन में जिंदगी मानो ठहर सी गई है। खुशी हो या फिर गम... इसका असर सभी पर है। लॉकडाउन 4 में आंशिक छूट मिलने के बाद गंगानगरी ब्रजघाट में विभिन्न प्रांतों के लोग परलोक सिधार चुके अपनों की अस्थियां लेकर विसर्जन के लिए पहुंचे। लॉकडाउन 4.0 के पहले दिन यानी सोमवार को 14 और मंगलवार को 17 लोगों की अस्थियां विसर्जित की गईं। गंगा में अस्थियां विसर्जन के दौरान परिवारों ने नम आंखों से अपनों को विदाई दी।
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मंगलवार को गांव माणेसर (गुरुग्राम) हरियाणा से ब्रजघाट में अपने पिता गूगनराम की अस्थियां विसर्जित कर लौट रहे उनके पुत्र महेंद्र ने बताया कि 30 अप्रैल को उनके पिता की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। लॉकडाउन होने के कारण अंतिम संस्कार भी औपचारिक ही हो सका। सभी रस्में पूरी नहीं हो सकी थीं। यही वजह रही कि उनकी अस्थियों को संभालकर रखा गया था। सोमवार को लॉकडाउन में कुछ छूट मिली तो अपनी मां मेवा देवी और पत्नी ममता देवी को साथ लेकर यहां आए और अस्थियां विसर्जित कीं। हांसी (हिसार) हरियाणा से आए अनिल सैनी ने बताया कि उनके पिता महावीर सैनी की मृत्यु 17 मई को हुई थी। 18 मई को लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद भाई सोनू, चाचा बिहारी लाल और बलवान सैनी के साथ यहां पिता की अस्थियां विसर्जन करने आ गए। वहीं सुल्तानपुर दिल्ली से आए हरीश ने बताया कि उनके पिता राजकुमार की मृत्यु 24 मार्च को हुई थी। तब से अस्थियां संभालकर रखे हुए थे। अब गंगा में विसर्जन को आए हैं। घाट पर रहने वाले लोगों की मानें तो दो दिन में लगभग 31 परिवारों ने अस्थियां विसर्जित की हैं।
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