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बेटियां मनचलों से डरें नहीं, उत्पीड़न सहें नहीं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2019 11:12 PM IST
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aprajita 100 millian smiles
अमरोहा के हिल्टन कॉन्वेंट स्कूल में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं। - फोटो : JPNAGAR
अमरोहा। अमर उजाला की अनूठी पहल अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत नगर के हिल्टन कांवेंट स्कूल में आयोजित कार्यक्रम छात्राओं को आत्मरक्षा का पाठ पढ़ाया गया। वक्ताओं ने कहा कि छात्रा अपनी सुरक्षा के प्रति हमेशा सतर्क रहें। मनचलों से डटकर मुकाबला करें। मनचलों से डरें नहीं, उत्पीड़न सहे नहीं। पुलिस बेटियों की रक्षा और सुरक्षा के लिए हैं। इस दौरान सैकड़ों छात्राएं संकल्प पत्र भर कर अभियान से जुड़ीं।
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देहात थाना प्रभारी अरिहंत कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि छात्राएं सोशल मीडिया और व्हाट्सअप से दूर रहें। रास्ते में छात्राओं के साथ अगर कोई छेड़छाड़ करता है तो उसका डट कर सामना करें। छात्राओं को घबराना नहीं चाहिए। हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से पुलिस को सूचना दें, ताकि आरोपी पकड़ा जा सके। बेटियों की सबसे अच्छी दोस्त उसकी मां होती है। अपने साथ होने वाली छोटी बड़ी घटनाओं को उन्हें जरूर बताएं। अपनी अध्यापिका को भी इसकी जानकारी दें। पुलिस को सूचना देने पर छात्रा का नाम गोपनीय रखा जाता है। उन्होंने छात्राओं को हेल्पलाइन 1090, 1090, 181, 100 की जानकारी दी। अधिवक्ता इफ्तेखार सैफी ने कहा कि सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए नारी को भी जागरूक होने के साथ आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। नारी अब अबला नहीं है, उन्हें हर चुनौती का डरकर नहीं, डटकर सामना करना चाहिए। नारी सुरक्षा के लिए पुलिस 24 घंटे तत्पर है। सरकार ने कई कानून महिलाओं के लिए बनाए हैं। जिसके लिए उन्हें जागरूक होना पड़ेेगा। मुश्किल आए तो तत्काल 100 डॉयल कर दें। दस मिनट के भीतर सुरक्षा और सुविधा मिलेगी। पुलिस का पहला कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा करना हैं, जिसमें महिलाएं सर्वोपरि हैं। उन्होंने बेटियों को आत्मरक्षा के टिप्स दिए, ताकि वह विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा कर सकें। जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य अनिल कुमार जग्गा ने यातायात नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी के चलते देश में प्रतिवर्ष साढ़े चार लाख सड़क हादसे होते हैं। इसमें पांच लाख लोग घायल और उनमें से एक लाख लोग पूर्ण रूप से अपंग हो जाते हैं। पिछले आठ वर्षों से हर साल डेढ़ लाख लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है। सैकड़ों घरों के चिराग बुझ जाते हैं। इसलिए बाइक पर हेलमेट लगाकर चलें। कार में सीट बेल्ट का प्रयोग कर यातायात के नियमों का पालन करें। इस दौरान स्कूल के बच्चों और वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। प्रधानाचार्य अवनीश कुमार शर्मा ने अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम की तारीफ की। कार्यक्रम का संचालन छात्रा अंशिका गुप्ता और आशीष तोमर ने किया।
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