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Amroha News: फार्मर रजिस्ट्री के आवेदन में आधार कार्ड बना अड़ंगा
Fri, 31 Jan 2025 02:20 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 31 Jan 2025 02:20 AM IST
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अमरोहा के जन सेवा केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री कराने को किसानों की लगी भीड़। संवाद
अमरोहा। फार्मर रजिस्ट्री के आवेदन में आधार कार्ड अड़ंगा बना हुआ है। आधार कार्ड और खतौनी में नाम अलग होने से लाखों किसानों की फार्मर रजिस्ट्री रुकी पड़ी है।
ऐसे में किसान जनसेवा केंद्र से लेकर आधार कार्ड सेंटर तक की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। लेकिन, आधार कार्ड में संशोधन नहीं होने कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। कभी सर्वर डाउन तो कभी बुजुर्ग किसानों की अंगुलियों के निशान का मिलान नहीं हो पा रहा है। अगर फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई तो किसानों के सम्मान निधि भी रुक जाएगी। किसानों की समस्या से जिम्मेदार भी अंजान बने हुए हैं।
जिले में 2,38,638 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जानी है। अब तक केवल 97,470 यानी 41.72 प्रतिशत किसानों की बन पाई है। अन्य किसान जन सेवा केंद्र से आधार कार्ड सेंटर तक के चक्कर लगा रहे हैं। फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण कराने पहुंच रहे किसानों के नाम में बदलाव के कारण आवेदन पूर्ण नहीं हो रहा है। किसान रूप किशोर ने बताया कि उनके आधार में रूप नाम लिखा है और खतौनी में रूप किशोर लिखा है, इसके चलते फार्मर रजिस्ट्री में आवेदन नहीं हो पा रहा है। इस कारण पीएम किसान सम्मान निधि भी रुक जाएगी। किसानों को दस-दस किलोमीटर दूर जाकर अपने आधार कार्ड में मोबाइल नंबर और नाम सही कराने पड़ रहे हैं, जिसके कारण किसानों का पूरा दिन बर्बाद हो रहा है। आलम ये है कि आधार कार्ड व खतौनी में नाम एक होने पर ही फार्मर रजिस्ट्री बन पाएगी। अलग होने पर नहीं बन सकेगी।
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क्या है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसान विवरण तैयार कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संकलित किया जाएगा। इसके लिए किसानों की उपलब्ध भूमि का सत्यापन आधार सीडिंग, किसानों की ई-केवाईसी की जाएगी। किसान की सहमति प्राप्त की जाएगी। इसके लिए किसान वेब पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in व मोबाइल एप फार्मर रजिस्ट्री यूपी के माध्यम से स्वयं रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इसके अलावा किसान जन सुविधा केंद्र पर जाकर अपना आधार कार्ड, उससे लिंक मोबाइल नंबर एवं जमीन की खतौनी लेकर अपना फार्म रजिस्ट्री में दर्ज करा सकते हैं।
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फार्मर रजिस्ट्री के लाभ
फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगा। किसानों को ऋण, केसीसी आदि बिना कठिनाई के सुगमता से मिल सकेगी। फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में कृषकों का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हो सकेगा।
- जिले के हर किसान की फार्मर रजिस्ट्री होगी। ऐसा होने के बाद ही पात्र किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिल सकेगी। अब तक केवल 41.72 प्रतिशत किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री बनी है। अन्य किसान भी अपनी फार्मर रजिस्ट्री बना लें। - डा. रामप्रवेश, कृषि उपनिदेशक
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ऐसे में किसान जनसेवा केंद्र से लेकर आधार कार्ड सेंटर तक की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। लेकिन, आधार कार्ड में संशोधन नहीं होने कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। कभी सर्वर डाउन तो कभी बुजुर्ग किसानों की अंगुलियों के निशान का मिलान नहीं हो पा रहा है। अगर फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई तो किसानों के सम्मान निधि भी रुक जाएगी। किसानों की समस्या से जिम्मेदार भी अंजान बने हुए हैं।
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जिले में 2,38,638 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जानी है। अब तक केवल 97,470 यानी 41.72 प्रतिशत किसानों की बन पाई है। अन्य किसान जन सेवा केंद्र से आधार कार्ड सेंटर तक के चक्कर लगा रहे हैं। फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण कराने पहुंच रहे किसानों के नाम में बदलाव के कारण आवेदन पूर्ण नहीं हो रहा है। किसान रूप किशोर ने बताया कि उनके आधार में रूप नाम लिखा है और खतौनी में रूप किशोर लिखा है, इसके चलते फार्मर रजिस्ट्री में आवेदन नहीं हो पा रहा है। इस कारण पीएम किसान सम्मान निधि भी रुक जाएगी। किसानों को दस-दस किलोमीटर दूर जाकर अपने आधार कार्ड में मोबाइल नंबर और नाम सही कराने पड़ रहे हैं, जिसके कारण किसानों का पूरा दिन बर्बाद हो रहा है। आलम ये है कि आधार कार्ड व खतौनी में नाम एक होने पर ही फार्मर रजिस्ट्री बन पाएगी। अलग होने पर नहीं बन सकेगी।
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क्या है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसान विवरण तैयार कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संकलित किया जाएगा। इसके लिए किसानों की उपलब्ध भूमि का सत्यापन आधार सीडिंग, किसानों की ई-केवाईसी की जाएगी। किसान की सहमति प्राप्त की जाएगी। इसके लिए किसान वेब पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in व मोबाइल एप फार्मर रजिस्ट्री यूपी के माध्यम से स्वयं रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इसके अलावा किसान जन सुविधा केंद्र पर जाकर अपना आधार कार्ड, उससे लिंक मोबाइल नंबर एवं जमीन की खतौनी लेकर अपना फार्म रजिस्ट्री में दर्ज करा सकते हैं।
फार्मर रजिस्ट्री के लाभ
फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगा। किसानों को ऋण, केसीसी आदि बिना कठिनाई के सुगमता से मिल सकेगी। फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में कृषकों का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हो सकेगा।
- जिले के हर किसान की फार्मर रजिस्ट्री होगी। ऐसा होने के बाद ही पात्र किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिल सकेगी। अब तक केवल 41.72 प्रतिशत किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री बनी है। अन्य किसान भी अपनी फार्मर रजिस्ट्री बना लें। - डा. रामप्रवेश, कृषि उपनिदेशक