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Amroha News: जिला अस्पताल में बनेगा दस बेड का आईसीयू, तैयारियां तेज

Sun, 06 Jul 2025 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sun, 06 Jul 2025 02:06 AM IST
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A 10-bed ICU will be built in the district hospital, preparations are in full swing
अमरोहा। जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है। जिला अस्पताल में ही मरीज को आईसीयू की सुविधा मिलेगी। इसके लिए मेटरनिटी विंग की दूसरी मंजिल पर पर वार्ड चिह्नित कर जिला अस्पताल प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। एक समाजसेवी ने दस एसी वार्ड के लिए देने का करार किया है।
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जिला अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को जरूरत के हिसाब से आईसीयू में शिफ्ट किया जा सकेगा। इस पर सभी गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए डॉक्टर तो है लेकिन आईसीयू नहीं होने के कारण मरीज को रेफर करना पड़ता था। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा।
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अमरोहा जिले की स्थापना 15 अप्रैल, 1997 को हुई थी। इससे पहले अमरोहा मुरादाबाद का हिस्सा हुआ करता था। वजूद में आने के बाद जोया रोड किनारे पुलिस ऑफिस के पास संयुक्त जिला चिकित्सालय के नींव रखी गई। जिला अस्पताल में डॉक्टर व अन्य स्टाफ के 52 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां कई पद खाली है। जिस समय यह जिला बना था उसे समय जिले की जनसंख्या करीब 18 लाख थी, जो अब 25 लाख के करीब पहुंच गई है।
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एक लोकसभा और चार विधानसभा वाले इस जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तो हुईं, लेकिन अब तक जिला अस्पताल में आईसीयू वार्ड नहीं बन सका। जिसकी वजह से हर गंभीर मरीज को दिल्ली मुरादाबाद या मेरठ के लिए रेफर किया जाता है। कई बार आईसीयू की फैसिलिटी नहीं मिलने के कारण मरीज दम तोड़ देता है। पिछले छह महीने में करीब 360 मरीज जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर करने की बात सामने आई थी। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। आईसीयू के अभाव में किसी की जान नहीं जाएगी।

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जिला अस्पताल में दस बेड का आईसीयू संचालित करने की योजना है। मेटरनिटी विंग की दूसरी मंजिल पर वार्ड चिन्हित कर लिया गया है। सभी वार्डाें में चार बेड वेंटिलेटर सपोर्ट वाले हैं। यहां रखे वेंटिलेटरों को चलाकर देख लिया जाता है, जिससे यह खराब न हो जाएं। कोरोना काल में अस्पताल को मिलीं सीपैप व एचएफएनसी मशीनें भी सुरक्षित रखी हैं। स्टाफ के प्रशिक्षित होने के बाद जरूरत पड़ने पर इनका संचालन भी किया जा सकेगा। शहर के ही रहने वाले एक समाजसेवी व्यक्ति ने आईसीयू के लिए दस एसी देने की भी हामी भरी है। आईसीयू बनने के बाद मरीज को रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।- डॉ. चरन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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