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खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंगा, खादर क्षेत्र के लोगों की बढ़ी बैचेनी

Thu, 13 Jul 2017 02:11 AM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 02:11 AM IST
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खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंगा, खादर क्षेत्र के लोगों की बढ़ी बैचेनी
गंगा दो सौ गेज मीटर के पार, कड़ी चौकसी के निर्देश
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अब तक सबसे ज्यादा पानी गंगा में छोड़ा, बुधवार को छोड़ा गया 1.34 लाख क्यूसेक पानी

अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
लगातार बारिश से गंगा में पानी बढ़ता रहा है। तेजी से गंगा खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को 93 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद अचानक बुधवार को गंगा का जलस्तर 55 सेंटी मीटर बढ़ गया। मंगलवार को पिछले 11 दिनों में सबसे ज्यादा पानी छोड़ा गया था। अब तक औसतन 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। लेकिन दो दिनोें से भारी बारिश और बुधवार को देहरादून में हुई झमाझम बरसात के बाद नदियों में पानी बढ़ गया। बुधवार दोपहर को गंगा में हरिद्वार और बिजनौर से अब तक की मात्रा का सबसे अधिक पानी छोड़ा गया है। 1.34 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। जो गुरुवार तड़के ही आ जाएगा। पानी के आने के बाद गंगा के जलस्तर में अनुमानित तौर पर 80 सेंटीमीटर तक बढ़ोत्तरी दर्ज की जा सकती है। बुधवार को गंगा 200 मीटर के निशान को पार कर गई।
पहाड़ों पर लगातार तेज बरसात का सिलसिला जारी है। इससे पहाड़ी इलाकों के बड़े जलाशयों में भारी मात्रा में पानी जमा हो रहा है। जमा पानी को मैदानी इलाकों में छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार डिस्चार्ज किए जा रहे पानी से गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का सिलसिला भी जारी है। गंगा धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। चार दिन पहले तिगरी गंगा का जलस्तर दो सौ गेज मीटर तक पहुंच गया था। इससे खादर क्षेत्र के किसानों में बैचेनी बढ़ गई थी। लेकिन रविवार व सोमवार को गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से गंगा किनारे बसे लोगों ने राहत की सांस ली। मंगलवार को जलस्तर पांच सेमी बढ़ा तो किसानों की बैचेनी फिर जाग उठी। बुधवार को जलस्तर अचानक से 55 सेमी बढ़ने की सूचना से किसान परेशान हो उठे हैं। उधर, बुधवार को अब तक का सबसे ज्यादा मात्रा का पानी हरिद्वार से छोड़ा गया। गंगा में 1.34 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने पूरे इलाके में हाईअलर्ट जारी कर दिया है। गंगा किनारे और खादर क्षेत्र में बसे गांव वालों को सतर्क कर दिया है। बुधवार को ब्रजघाट में 200.5 व तिगरी में 200.40 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।
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तिगरी बाढ़ खंड जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर में बुधवार को 55 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, जबकि बुधवार सुबह को भी बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। हालांकि गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे बह रह रही है।
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जिले में ग्यारह बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट किया
अमरोहा। धनौरा तहसील क्षेत्र में पांच बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की गई हैं। जिसमें तिगरी, चकनवाला, शेरपुर, आजमपुर, वाजिदपुर में बाढ़ राहत चौकी स्थापित की गई हैं। उक्त बाढ़ राहत चौकियों के अंतर्गत तहसील क्षेत्र के 51 गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। इसमें रसूलपुर भांवर, पपसरी खादर, मोहकमपुर, चांदरा, एतमाली, बसतोरा रानी, दारा नगर, चकनवाला, बिसावली समेत 51 गांव बाढ़ प्रभावित की क्षेणी में आते हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ते ही उक्त गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है।

हसनपुर तहसील के 49 गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में
अमरोहा। हसनपुर तहसील के खादर क्षेत्रों में सबसे अधिक बाढ़ का खतरा हर साल मंडराता है। बाढ़ से बचाव को क्षेत्र में छह बाढ़ राहत चौकियां स्थापित हैं। इसमें जयतौली, श्यामपुरी, दयावली खालसा, सतेड़ा एतमाली, खड़कपुर, काकाठेर में बाढ़ राहत चौकी स्थापित है। उक्त बाढ़ राहत चौकियों के अंतर्गत क्षेत्र के जयतौली, शहवाजपुर, खरखौदा, सिरसा गुर्जर, पाइंदापुर, पिपलौती कला, गंगाचोली, जाजरोला, ओसीता समेत 49 गांव बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं। उक्त गांवों को बाढ़ से बचाव के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी तटबंधों पर कड़ा पहरा बैठा दिया गया है।

बाढ़ आई तो एनडीआरएफ और सेना बुलाई जाएगी
अमरोहा। बाढ़ से बचाव को एनडीआरएफ और सेना के जवानों को बुलाया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर ही एनडीआरएफ और सेना को बुुलाया जाता है। बाढ़ के संबंध में समय-समय पर एनडीआरएफ और सेना को सूचना दी जाती रहती है।

बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने को स्थापित हुआ कंट्रोल रूम
अमरोहा। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने जिला मुख्यालय और तीनों तहसीलों पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। जो अक्टूबर तक चालू रहेगा। वहीं बाढ़ खंड विभाग की ओर से कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम के नंबर पर बाढ़ के संबंध में प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर तत्काल एक्शन किया जाएगा। बाढ़ खंड विभाग के कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर है 05922- 259917, जिले पर स्थापित कंट्रोल रूम का नंबर, 05922- 252289 है, उक्त नंबर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्काल एक्शन होगा।

बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन के पास हैं सब उपकरण
अमरोहा। लाइफ जेकिट, मेगाफोन, ट्यूब, वायरलेस सिस्टम, स्ट्रेचर, फर्स्ट एड किट, सर्च लाइट, रस्सा आदि उपकरण व सामान तीनों तहसीलों पर उपलब्ध हैं। बाढ़ आने पर ही उक्त उपकरण और सामान का प्रयोग किया जाता है।

प्रशासन के पास नहीं हैं गोताखोर और नांव
अमरोहा। बाढ़ से निपटने के लिए यहां प्रशासन ने सभी तैयारियां कर ली हैं, वहीं प्रशासन के पास गोताखोर और नांव की व्यवस्था नहीं है। जबकि ये दोनों ही आवश्यक हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है बाढ़ आने पर ब्रजघाट से नाव और गोताखोर बुलाए जाएंगे।


कहां कितना खतरे का निशान
तिगरी में गंगा के जलस्तर का खतरे का निशान 202 मीटर पर है। गत वर्ष 2016 में 13 अगस्त को सर्वाधिक जलस्तर 201 सेेमी पर पहुंच गया था। यहां गंगा खतरे के निशान से एक मीटर नीचे रह गई थी। उधर, ब्रजघाट में गंगा के जलस्तर का खतरे का निशान 199.34 सेमी है। गत वर्ष 19 जुलाई को सर्वाधिक जलस्तर 198.50 सेमी पहुंच गया था।
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