{"_id":"685affaedd72f1e8120494f1","slug":"23397-cusecs-of-water-released-from-bijnor-barrage-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-142424-2025-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: बिजनौर बैराज से 23,397 क्यूसेक पानी छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: बिजनौर बैराज से 23,397 क्यूसेक पानी छोड़ा
विज्ञापन
गजरौला (अमरोहा)।
बिजनौर बैराज से 23,397 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने से गंगा उफान पर है। गंगा का पानी किनारे पर बनी झाेंपड़ियों तक पहुंच गया है। फिलहाल गंगा का जलस्तर 199.70 मीटर दर्ज किया गया।
बाढ़ से गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। जेई सुभाष चंद गहलौत ने बताया कि मंगलवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.70 मीटर दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि बिजनौर बैराज से गंगा में पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। पानी ने गंगा किनारे बनीं झोंपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया हैं, जिससे गंगा तट के पंडा, पुजारियों, दुकानदारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।
उधर, गंगा का जलस्तर बढ़ने से टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, जाटों वाली, मंदिर वाली आदि गांवों के लोग भी चिंतित है। उनको खेतों में पानी भर जाने से हरा चारा, मक्का, सब्जी, लोभिया आदि की फसल मर जाने का डर सता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर बैराज से 23,397 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने से गंगा उफान पर है। गंगा का पानी किनारे पर बनी झाेंपड़ियों तक पहुंच गया है। फिलहाल गंगा का जलस्तर 199.70 मीटर दर्ज किया गया।
बाढ़ से गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। जेई सुभाष चंद गहलौत ने बताया कि मंगलवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.70 मीटर दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि बिजनौर बैराज से गंगा में पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। पानी ने गंगा किनारे बनीं झोंपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया हैं, जिससे गंगा तट के पंडा, पुजारियों, दुकानदारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
उधर, गंगा का जलस्तर बढ़ने से टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, जाटों वाली, मंदिर वाली आदि गांवों के लोग भी चिंतित है। उनको खेतों में पानी भर जाने से हरा चारा, मक्का, सब्जी, लोभिया आदि की फसल मर जाने का डर सता रहा है।
विज्ञापन