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कुशाग्रहणी अमावस्या पर श्रद्घालुओं ने किया गंगा स्नान
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:20 AM IST
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गजरौला। कुशा ग्रहणी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगाघाट पर श्रद्घालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। डुबकी लगाने का तड़के से लेकर दोपहर तक सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान-दान कर पितरों की आत्मशांति के लिए कामना की।
रविवार को भाद्रपद्र माह की अमावस्या रही। इस अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहते हैं। माना जाता है कि इस अमावस्या पर कुश एकत्र किया जाता है जोकि साल भर तक चलता है। अगर यह यह अमावस्या सोमवार को पड़ जाए तो ज्यादा शुभ मानी जाती है। कहते हैं कि कुशाग्रहणी अमावस्या पर स्नान दान करने से पितरों का आशीर्वाद बना बरता है और उनकी आत्म शांति भी होती है। जिसके चलते पर गंगा स्नान के लिए सवेरे से ही ब्रजघाट और तिगरी धाम में श्रद्धालु उमडने शुरु हो गए थे। दोपहर होने तक गंगा स्नान का सिलसिला चलता रहा। रविवार की तड़के गंगा घाट पर पहुंचे और स्नान किया। गौरतलब है कि गंगा स्नान करने से मां गंगा की कृपा प्राप्त होती है। वहीं पुण्य मिलता है। कहा जाता है कि गंगा में श्रद्घा के साथ स्नान करने से पाप धुल जाते हैं।
काफी श्रद्धालुओं ने अपने अपने छोटे छोटे बच्चो को भी गंगा स्नान कराया। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने सूरज को अर्घ्य भी दिया। वहीं कुछ लोगों और महिलाओं ने पुरोहितों से बाकायदा पूजा अर्चना कराते हुए परिवार की मंगल कामना की। बुजुर्गों ने श्रद्धा भाव के साथ स्नान किया। इसके अलावा गंगा घाट पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने अपनी क्षमता के अनुसार दान आदि भी दिया। वहीं महिलाओं ने अपनी रीति के अनुसार तमाम धर्म कर्म किए। महिलाएं और बुजुर्ग भक्तिभाव के साथ स्नान करते देखे गए। दोपहर होने तक गंगा में डुबकी लगाने का सिलसिला चलता रहा।
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स्नान के चलते तिगरी में रहा जाम
गजरौला। ब्रजघाट के अलावा तिगरी में भी काफी लोगों की भीड़ स्नान करने पहुंची। श्रद्धालुओं के वाहनों से तिगरी गांव के तंग रास्तों पर जाम लग गया। जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। उधर गंगा स्नान के चलते ब्रजघाट पुल पर कई बार जाम की स्थिति बनी। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने ट्रैफिक को किसी तरह से सुचारु रखा। ब्रजघाट पुल पर श्रद्धालुओं के वाहनों का ठहराव होने से कई बार जाम के हालात पैदा हो जाते हैं। इसके साथ ही बसे भी ब्रजघाट पुल पर ही यात्रियों को उतारती है। जिस कारण से हाईवे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों की रफ्तार पुल पर आकर थम जाती है।
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रविवार को भाद्रपद्र माह की अमावस्या रही। इस अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहते हैं। माना जाता है कि इस अमावस्या पर कुश एकत्र किया जाता है जोकि साल भर तक चलता है। अगर यह यह अमावस्या सोमवार को पड़ जाए तो ज्यादा शुभ मानी जाती है। कहते हैं कि कुशाग्रहणी अमावस्या पर स्नान दान करने से पितरों का आशीर्वाद बना बरता है और उनकी आत्म शांति भी होती है। जिसके चलते पर गंगा स्नान के लिए सवेरे से ही ब्रजघाट और तिगरी धाम में श्रद्धालु उमडने शुरु हो गए थे। दोपहर होने तक गंगा स्नान का सिलसिला चलता रहा। रविवार की तड़के गंगा घाट पर पहुंचे और स्नान किया। गौरतलब है कि गंगा स्नान करने से मां गंगा की कृपा प्राप्त होती है। वहीं पुण्य मिलता है। कहा जाता है कि गंगा में श्रद्घा के साथ स्नान करने से पाप धुल जाते हैं।
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काफी श्रद्धालुओं ने अपने अपने छोटे छोटे बच्चो को भी गंगा स्नान कराया। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने सूरज को अर्घ्य भी दिया। वहीं कुछ लोगों और महिलाओं ने पुरोहितों से बाकायदा पूजा अर्चना कराते हुए परिवार की मंगल कामना की। बुजुर्गों ने श्रद्धा भाव के साथ स्नान किया। इसके अलावा गंगा घाट पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने अपनी क्षमता के अनुसार दान आदि भी दिया। वहीं महिलाओं ने अपनी रीति के अनुसार तमाम धर्म कर्म किए। महिलाएं और बुजुर्ग भक्तिभाव के साथ स्नान करते देखे गए। दोपहर होने तक गंगा में डुबकी लगाने का सिलसिला चलता रहा।
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स्नान के चलते तिगरी में रहा जाम
गजरौला। ब्रजघाट के अलावा तिगरी में भी काफी लोगों की भीड़ स्नान करने पहुंची। श्रद्धालुओं के वाहनों से तिगरी गांव के तंग रास्तों पर जाम लग गया। जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। उधर गंगा स्नान के चलते ब्रजघाट पुल पर कई बार जाम की स्थिति बनी। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने ट्रैफिक को किसी तरह से सुचारु रखा। ब्रजघाट पुल पर श्रद्धालुओं के वाहनों का ठहराव होने से कई बार जाम के हालात पैदा हो जाते हैं। इसके साथ ही बसे भी ब्रजघाट पुल पर ही यात्रियों को उतारती है। जिस कारण से हाईवे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों की रफ्तार पुल पर आकर थम जाती है।