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गंगा के उफान में आई दस सेमी की कमी
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:25 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)। गंगा में जलस्तर तो धीरे धीरे कम होने लगा है, लेकिन बहाव में अभी भी तेजी बनी हुई है। खेतों में गंगा का पानी अभी भी खड़ा हुआ है। तिगरी में दस सेमी की गिरावट के साथ 199.10 और ब्रजघाट में 198.30 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है।
शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। गौरतलब है कि तिगरी में जलस्तर दौ सौ का आंकड़ा पार कर गया था। उधर पहाड़ पर बारिश थमी तो जलस्तर नीचे खिसकना शुरू हो गया है। खादर के ग्रामीणों की मानें तो यह बेहद मामूली कमी है। गंगा का बहाव अभी भी काफी तेज बना हुआ है जोकि, ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। आर पार जाने वाले ग्रामीणों की जान जोखिम हैं। इसके अलावा जलस्तर के बढ़ने से खेतों में घुसा हुआ पानी जस का तस बना हुआ है। अगर ज्यादा दिनों तक पानी खेतों में खड़ा रहा तो फसलें चौपट होने का अंदेशा है। खादर में धान की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। वहीं चारे का संकट खादर में पशुपालकों को परेशानी में डाल रहा है। कई कई फीट पानी से होकर लोग चारा लाने को मजबूर हैं। उधर शुक्रवार को बिजनौर से 85667 और हरिद्वार से 50717 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। खैर बिजनौर से पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है। जिसके चलते जलस्तर नीचे खिसक रहा है। गुरुवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200 मीटर और ब्रजघाट में 198.35 मीटर दर्ज किया गया था। ब्रजघाट में खतरे का निशान 199.34 और तिगरी में 202 पर लगा हुआ है। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर ने जलस्तर की पुष्टि की।
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शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। गौरतलब है कि तिगरी में जलस्तर दौ सौ का आंकड़ा पार कर गया था। उधर पहाड़ पर बारिश थमी तो जलस्तर नीचे खिसकना शुरू हो गया है। खादर के ग्रामीणों की मानें तो यह बेहद मामूली कमी है। गंगा का बहाव अभी भी काफी तेज बना हुआ है जोकि, ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। आर पार जाने वाले ग्रामीणों की जान जोखिम हैं। इसके अलावा जलस्तर के बढ़ने से खेतों में घुसा हुआ पानी जस का तस बना हुआ है। अगर ज्यादा दिनों तक पानी खेतों में खड़ा रहा तो फसलें चौपट होने का अंदेशा है। खादर में धान की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। वहीं चारे का संकट खादर में पशुपालकों को परेशानी में डाल रहा है। कई कई फीट पानी से होकर लोग चारा लाने को मजबूर हैं। उधर शुक्रवार को बिजनौर से 85667 और हरिद्वार से 50717 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। खैर बिजनौर से पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है। जिसके चलते जलस्तर नीचे खिसक रहा है। गुरुवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200 मीटर और ब्रजघाट में 198.35 मीटर दर्ज किया गया था। ब्रजघाट में खतरे का निशान 199.34 और तिगरी में 202 पर लगा हुआ है। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर ने जलस्तर की पुष्टि की।
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