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पहाड़ों पर लगातार बरसात होने से बड़ा गंगा का जलस्तर
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:48 AM IST
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पहाड़ों पर बारिश से बढ़ा गंगा का जलस्तर, स्नान पर अलर्ट
तिगरी और बृजघाट में बढ़ गया जलस्तर, आज पूर्णिमा स्नान से पहले की गई बैरिकेडिंग
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पानी में अभी और इजाफा होगा। गंगा हालांकि अभी खतरे के निशान से नीचे ही है। लेकिन प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का स्नान है। इसके चलते घाट पर चेतावनी दी जा चुकी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों के साथ ही अमरोहा जनपद में भी देखा जा रहा है। पिछले दो दिनों में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। बिजनौर और हरिद्वार बैराज से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। तिगरी में गंगा किनारे बनी झोपड़ियों के पास पानी पहुंच चुका है। कई जगह से कटान की भी बात की जा री है। पानी बहुत गति से किनारों को काट रहा है। गंगा का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है। गंगा के आसपास रहने वाले लोग अपने स्तर से सुरक्षा के बंदोबस्त कर रहे हैं। खादर क्षेत्र में बसे गांव के लोगों ने अपने लिए एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को खास हिदायत दी गयी है कि वे चौकन्ने रहें और पल-पल की जानकारी पहुंचाएं। गुरुवार को गंगा का जलस्तर और बढ़ा है। ब्रजघाट में गंगा के खतरे का निशान 201.9 मीटर पर तथा तिगरी में खतरे का निशान 202.5 मीटर पर है। जबकि दोनों जगहों पर मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर और 20 सेंटीमीटर नीचे है। इस अंतर को भी तय करने में काफी समय लगेगा। प्रशासन हालांकि अभी खतरा न होने की बात कह रहा है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को गंगा पर पूर्णिमा स्नान को देखते हुए प्रशासन ने हिदायत जारी कर दी हैं। ब्रजघाट में पक्के घाट की ओर चेतावनी गढ़ पालिका प्रशासन की ओर से लगाई गई है। निर्धारित बैरिकेडिंग से आगे स्नान की अनुमति नहीं है। जबकि गजरौला की ओर घाट पर स्नान न करने की बात प्रशासन ने कही है। तिगरी में भी खतरे के संभावित क्षेत्र को लकड़ी के पोल से दर्शा दिया गया है। यहां कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस के सिपाही तैनात रहेंगे।
पूर्णिमा पर स्नान आज, जाम के लिए किए इंतजाम
गजरौला। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा स्नान के चलते प्रशासन सतर्क है। पांच दिन पूर्व ही गंगा दशहरा का स्नान बीता है। प्रशासन के इंतजामों और रूट डायवर्जन के चलते राहगीरों को जाम से तो नहीं जूझना पड़ा लेकिन वाहनों की रफ्तार सुबह छह बजे से 12 बजे तक प्रभावित जरूर रही। अब शुक्रवार को जब पूर्णिमा स्नान है और रूट डायवर्जन भी नहीं है ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौतियां ज्यादा हैं। हालांकि अंदेशा जताया जा रहा है कि पूर्णिमा पर इस पर बार श्रद्धालु कम आएंगे क्योंकि पांच दिन पूर्व ही स्नान का प्रमुख पर्व बीता है। लेकिन प्रशासन कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता। ब्रजघाट चौकी को अलर्ट कर दिया गया है। पुल पर जाम न लगे इसके लिए डग्गामार वाहनों को गजरौला की ओर हाईवे पर पार्क नहीं होने दिया जाएगा। जबकि गढ़ प्रशासन ने भी डग्गामार वाहनों को पुल पर न आने देने की हिदायत पुलिस को दी है। प्रशासन का दावा है कि जाम नहीं लगने दिया जाएगा। तड़के तीन बजे से स्नान और दीपदान शुरू हो गया।
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तिगरी और बृजघाट में बढ़ गया जलस्तर, आज पूर्णिमा स्नान से पहले की गई बैरिकेडिंग
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पानी में अभी और इजाफा होगा। गंगा हालांकि अभी खतरे के निशान से नीचे ही है। लेकिन प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का स्नान है। इसके चलते घाट पर चेतावनी दी जा चुकी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों के साथ ही अमरोहा जनपद में भी देखा जा रहा है। पिछले दो दिनों में पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। बिजनौर और हरिद्वार बैराज से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। तिगरी में गंगा किनारे बनी झोपड़ियों के पास पानी पहुंच चुका है। कई जगह से कटान की भी बात की जा री है। पानी बहुत गति से किनारों को काट रहा है। गंगा का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है। गंगा के आसपास रहने वाले लोग अपने स्तर से सुरक्षा के बंदोबस्त कर रहे हैं। खादर क्षेत्र में बसे गांव के लोगों ने अपने लिए एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को खास हिदायत दी गयी है कि वे चौकन्ने रहें और पल-पल की जानकारी पहुंचाएं। गुरुवार को गंगा का जलस्तर और बढ़ा है। ब्रजघाट में गंगा के खतरे का निशान 201.9 मीटर पर तथा तिगरी में खतरे का निशान 202.5 मीटर पर है। जबकि दोनों जगहों पर मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर और 20 सेंटीमीटर नीचे है। इस अंतर को भी तय करने में काफी समय लगेगा। प्रशासन हालांकि अभी खतरा न होने की बात कह रहा है, लेकिन सतर्कता बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को गंगा पर पूर्णिमा स्नान को देखते हुए प्रशासन ने हिदायत जारी कर दी हैं। ब्रजघाट में पक्के घाट की ओर चेतावनी गढ़ पालिका प्रशासन की ओर से लगाई गई है। निर्धारित बैरिकेडिंग से आगे स्नान की अनुमति नहीं है। जबकि गजरौला की ओर घाट पर स्नान न करने की बात प्रशासन ने कही है। तिगरी में भी खतरे के संभावित क्षेत्र को लकड़ी के पोल से दर्शा दिया गया है। यहां कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस के सिपाही तैनात रहेंगे।
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पूर्णिमा पर स्नान आज, जाम के लिए किए इंतजाम
गजरौला। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा स्नान के चलते प्रशासन सतर्क है। पांच दिन पूर्व ही गंगा दशहरा का स्नान बीता है। प्रशासन के इंतजामों और रूट डायवर्जन के चलते राहगीरों को जाम से तो नहीं जूझना पड़ा लेकिन वाहनों की रफ्तार सुबह छह बजे से 12 बजे तक प्रभावित जरूर रही। अब शुक्रवार को जब पूर्णिमा स्नान है और रूट डायवर्जन भी नहीं है ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौतियां ज्यादा हैं। हालांकि अंदेशा जताया जा रहा है कि पूर्णिमा पर इस पर बार श्रद्धालु कम आएंगे क्योंकि पांच दिन पूर्व ही स्नान का प्रमुख पर्व बीता है। लेकिन प्रशासन कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता। ब्रजघाट चौकी को अलर्ट कर दिया गया है। पुल पर जाम न लगे इसके लिए डग्गामार वाहनों को गजरौला की ओर हाईवे पर पार्क नहीं होने दिया जाएगा। जबकि गढ़ प्रशासन ने भी डग्गामार वाहनों को पुल पर न आने देने की हिदायत पुलिस को दी है। प्रशासन का दावा है कि जाम नहीं लगने दिया जाएगा। तड़के तीन बजे से स्नान और दीपदान शुरू हो गया।
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