{"_id":"6153534f8ebc3e831b32c3ec","slug":"villagers-protested-by-keeping-the-body-of-the-girl-student-amethi-news-lko5976942183","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा का शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रा का शव रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
26 : भादर : आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते एसडीएम व सीओ। -संवाद
- फोटो : AMETHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भादर (अमेठी)। घटकौर गांव के पास सोमवार को सड़क हादसे में हुई प्रशिक्षु छात्रा की मौत का मामला मंगलवार को गर्म हो गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिवारीजन व ग्रामीण आर्थिक मदद व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ गए। मामले की जानकारी के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा गया।
पीपरपुर थाने के वैदिकपुर गांव निवासी मानिकराम की पुत्री लक्ष्मी (19) की सोमवार को घटकौर के पास सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई थी। मौत के बाद ट्रक कब्जे में लेकर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद मंगलवार सुबह परिवारीजनों को सुपुर्द किया।
शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीण परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा अज्ञात चालक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। परिवारीजन व ग्रामीण बिना मांगेें पूरी हुए शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ गए।
विज्ञापन
शव का अंतिम संस्कार नहीं होने की जानकारी के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पीपरपुर व संग्रामपुर समेत कई थानों की फोर्स के साथ गांव पहुंचे एसडीएम महात्मा सिंह व सीओ अर्पित कपूर ने काफी देर समझाने के बाद हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए आक्रोशित परिवारीजन व ग्रामीणों को शांत कराया। शांत होने के बाद ग्रामीणों ने देर शाम शव का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
पीपरपुर थाने के वैदिकपुर गांव निवासी मानिकराम की पुत्री लक्ष्मी (19) की सोमवार को घटकौर के पास सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई थी। मौत के बाद ट्रक कब्जे में लेकर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद मंगलवार सुबह परिवारीजनों को सुपुर्द किया।
विज्ञापन
शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीण परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा अज्ञात चालक पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। परिवारीजन व ग्रामीण बिना मांगेें पूरी हुए शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ गए।
विज्ञापन
शव का अंतिम संस्कार नहीं होने की जानकारी के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पीपरपुर व संग्रामपुर समेत कई थानों की फोर्स के साथ गांव पहुंचे एसडीएम महात्मा सिंह व सीओ अर्पित कपूर ने काफी देर समझाने के बाद हरसंभव मदद का आश्वासन देते हुए आक्रोशित परिवारीजन व ग्रामीणों को शांत कराया। शांत होने के बाद ग्रामीणों ने देर शाम शव का अंतिम संस्कार किया।