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Amethi News: 14 पीएचसी पर नहीं है प्रसव की व्यवस्था
Fri, 01 Aug 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:43 AM IST
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अमेठी सिटी। 14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव की व्यवस्था नहीं है। इन पीएचसी पर कहीं संसाधन तो कहीं मैन पॉवर की कमी से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में गर्भवती संग तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए सीएचसी के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हैं। इस समय मात्र 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिसमें रामगंज, शिवगंज, भेटुआ, चंडेरिया, कस्थूनी, रानीगंज, महोना, सत्थिन, सैठा, भटगवां, हरदों, दखिनवारा, शाहमऊ, राजा फत्तेपुर, सातन का पुरवा, ओदारी, जायस में ही प्रसव कराने की व्यवस्था है।
14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां पर प्रसव की व्यवस्था नहीं है। गौरतलब हो कि वर्ष 2024 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चंडेरिया व भटगवां पीएचसी सहित 24 एएनएम सेंटरों को प्रसव केंद्र बनाया गया है। एएनएम सेंटर पर मात्र एक बेड व कुछ संसाधन ही हैं, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर छह बेड के वार्ड उपलब्ध होने संग जांच की सुविधाएं भी हैं। चिकित्सकों की भी तैनाती है। इसके बावजूद 14 पीएचसी पर प्रसव की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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बढ़े प्रसव केंद्र, फिर भी घटी प्रसव की संख्या
स्वास्थ्य विभाग के दो वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14 पीएचसी पर 4098 प्रसव हुए हैं। दो पीएचसी शामिल होने के बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन 16 केंद्रों पर प्रसव की संख्या घटकर 3834 हो गई। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि प्रसव केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सभी पीएचसी पर प्रसव की सुविधा हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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ग्रामीण स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए सीएचसी के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हैं। इस समय मात्र 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिसमें रामगंज, शिवगंज, भेटुआ, चंडेरिया, कस्थूनी, रानीगंज, महोना, सत्थिन, सैठा, भटगवां, हरदों, दखिनवारा, शाहमऊ, राजा फत्तेपुर, सातन का पुरवा, ओदारी, जायस में ही प्रसव कराने की व्यवस्था है।
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14 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां पर प्रसव की व्यवस्था नहीं है। गौरतलब हो कि वर्ष 2024 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चंडेरिया व भटगवां पीएचसी सहित 24 एएनएम सेंटरों को प्रसव केंद्र बनाया गया है। एएनएम सेंटर पर मात्र एक बेड व कुछ संसाधन ही हैं, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर छह बेड के वार्ड उपलब्ध होने संग जांच की सुविधाएं भी हैं। चिकित्सकों की भी तैनाती है। इसके बावजूद 14 पीएचसी पर प्रसव की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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बढ़े प्रसव केंद्र, फिर भी घटी प्रसव की संख्या
स्वास्थ्य विभाग के दो वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14 पीएचसी पर 4098 प्रसव हुए हैं। दो पीएचसी शामिल होने के बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन 16 केंद्रों पर प्रसव की संख्या घटकर 3834 हो गई। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि प्रसव केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सभी पीएचसी पर प्रसव की सुविधा हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।