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शिक्षकों के कंधों पर युग निर्माण की जिम्मेदारी : रामयश
Mon, 15 Dec 2025 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:26 AM IST
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पीपरपुर स्थित आसलदेव इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम गायत्री परिवार के लोग। स्रोत : गायत्री पर
भादर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रविवार को पीपरपुर स्थित आसलदेव इंटर कॉलेज में शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें अमेठी के साथ ही सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ जनपद के शिक्षक, कार्यकर्ता, अभिभावक और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रतिनिधि रामयश तिवारी ने कहा कि युग निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2026 में शांतिकुंज हरिद्वार में 25 हजार शिक्षकों की गोष्ठी आयोजित की जाएगी। कहा कि इतिहास गवाह है कि हर बड़े सामाजिक परिवर्तन में शिक्षकों की भूमिका निर्णायक रही है। राष्ट्र निर्माण के लिए छात्रों को उत्कृष्ट नागरिक बनाना समय की आवश्यकता है।
सुल्तानपुर जिले के समन्वयक डॉ. सुधाकर सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जुड़ी शिक्षाओं को बच्चों की दिनचर्या और आदतों में शामिल करना जरूरी है, जिसकी जिम्मेदारी शिक्षकों को निभानी होगी। अमेठी समन्वयक डॉ. त्रिवेणी सिंह और प्रतापगढ़ समन्वयक गंगा प्रसाद शुक्ल ने भी विचार रखे।
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कार्यक्रम के संयोजक पं. राधेश्याम तिवारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संचालन माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष शिव भूषण उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक मिश्र, महामंत्री शशांक शुक्ल, डॉ. प्रवीण सिंह दीपक, विद्यालय प्रबंधक रवींद्र प्रताप सिंह, प्राचार्य डॉ. लाल सिंह, डॉ. संगीता सिंह आदि मौजूद रहे।
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संगोष्ठी में मुख्य अतिथि शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रतिनिधि रामयश तिवारी ने कहा कि युग निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2026 में शांतिकुंज हरिद्वार में 25 हजार शिक्षकों की गोष्ठी आयोजित की जाएगी। कहा कि इतिहास गवाह है कि हर बड़े सामाजिक परिवर्तन में शिक्षकों की भूमिका निर्णायक रही है। राष्ट्र निर्माण के लिए छात्रों को उत्कृष्ट नागरिक बनाना समय की आवश्यकता है।
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सुल्तानपुर जिले के समन्वयक डॉ. सुधाकर सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जुड़ी शिक्षाओं को बच्चों की दिनचर्या और आदतों में शामिल करना जरूरी है, जिसकी जिम्मेदारी शिक्षकों को निभानी होगी। अमेठी समन्वयक डॉ. त्रिवेणी सिंह और प्रतापगढ़ समन्वयक गंगा प्रसाद शुक्ल ने भी विचार रखे।
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कार्यक्रम के संयोजक पं. राधेश्याम तिवारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संचालन माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष शिव भूषण उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक मिश्र, महामंत्री शशांक शुक्ल, डॉ. प्रवीण सिंह दीपक, विद्यालय प्रबंधक रवींद्र प्रताप सिंह, प्राचार्य डॉ. लाल सिंह, डॉ. संगीता सिंह आदि मौजूद रहे।