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Amethi News: आधी-अधूरी तैयारियों के बीच बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति शुरू
Fri, 16 Feb 2024 02:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 16 Feb 2024 02:07 AM IST
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अमेठी सिटी। आधी अधूरी तैयारियों के बीच बृहस्पतिवार को परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था शुरू हुई। पहले दिन योजना लागू की गई लेकिन, प्रेरणा पोर्टल पर सूचना अपलोड करने में शिक्षकों के पसीने छूटते दिखे।
शिक्षकों के सहयोग के लिए एआरपी की ड्यूटी लगाई गई थी। कई स्कूलों में शिक्षकों के रूचि नहीं दिखाई। विभाग का दावा है कि 24 घंटे बाद परियोजना कार्यालय की रिपोर्ट मिलने के बाद जिले में कितने बच्चों की उपस्थिति व एमडीएम सूचना अपलोड हुई है कि जानकारी मिलेगी। इसके बाद स्थिति साफ हो सकेगी।
परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में विभिन्न कामों का ब्योरा दर्ज करने के लिए ऑनलाइन अभियान बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। जिले में 2431 शिक्षकों को शासन की ओर टैबलेट भी दिए गए हैं। जिले के1570 परिषदीय स्कूल व 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आधी-अधूरी तैयारियों व आनन-फानन में योजना का प्रभावी करने की कोशिश की गई।
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बृहस्पतिवार की सुबह स्कूल खुलने के बाद शिक्षकों के पास अफसरों का फरमान पहुंचा कि प्रत्येक दशा में एक घंटे में प्रेरणा एप पर उपस्थिति बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करें। दोपहर में 1:30 बजे तक मिड-डे-मील की उपस्थिति मेन्यू, खाद्यान्न आदि का विवरण अपडेट किया जाएगा।
फरमान मिलने के बाद शिक्षकों ने कोशिश में भी की। लेकिन, धरातल पर कितना कार्य हुआ यह तो परियोजना से रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ होगा। शिक्षकों के सहयोग के लिए एआपी की भी ड्यूटी लगाई गई थी। आनॅलाइन अपडेशन से मिड-डे-मील बनाने और उपस्थिति पंजिका में गड़बड़ियां की जांच हो सके। शासन ने स्कूलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी हो सकेगी।
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश परिषद द्वारा जारी किए गए हैं। मिड-डे-मील पंजिका ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। बृहस्पतिवार को कितने स्कूलों में कितने बच्चों की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड होगी, इसकी जानकारी परियोजना कार्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद होगी। योजना को प्रभावी तौर पर लागू करवाया जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद योजना क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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शिक्षकों के सहयोग के लिए एआरपी की ड्यूटी लगाई गई थी। कई स्कूलों में शिक्षकों के रूचि नहीं दिखाई। विभाग का दावा है कि 24 घंटे बाद परियोजना कार्यालय की रिपोर्ट मिलने के बाद जिले में कितने बच्चों की उपस्थिति व एमडीएम सूचना अपलोड हुई है कि जानकारी मिलेगी। इसके बाद स्थिति साफ हो सकेगी।
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परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में विभिन्न कामों का ब्योरा दर्ज करने के लिए ऑनलाइन अभियान बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। जिले में 2431 शिक्षकों को शासन की ओर टैबलेट भी दिए गए हैं। जिले के1570 परिषदीय स्कूल व 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आधी-अधूरी तैयारियों व आनन-फानन में योजना का प्रभावी करने की कोशिश की गई।
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बृहस्पतिवार की सुबह स्कूल खुलने के बाद शिक्षकों के पास अफसरों का फरमान पहुंचा कि प्रत्येक दशा में एक घंटे में प्रेरणा एप पर उपस्थिति बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करें। दोपहर में 1:30 बजे तक मिड-डे-मील की उपस्थिति मेन्यू, खाद्यान्न आदि का विवरण अपडेट किया जाएगा।
फरमान मिलने के बाद शिक्षकों ने कोशिश में भी की। लेकिन, धरातल पर कितना कार्य हुआ यह तो परियोजना से रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ होगा। शिक्षकों के सहयोग के लिए एआपी की भी ड्यूटी लगाई गई थी। आनॅलाइन अपडेशन से मिड-डे-मील बनाने और उपस्थिति पंजिका में गड़बड़ियां की जांच हो सके। शासन ने स्कूलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी हो सकेगी।
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश परिषद द्वारा जारी किए गए हैं। मिड-डे-मील पंजिका ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। बृहस्पतिवार को कितने स्कूलों में कितने बच्चों की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड होगी, इसकी जानकारी परियोजना कार्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद होगी। योजना को प्रभावी तौर पर लागू करवाया जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद योजना क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।