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Amethi News: कान्हा के शृंगार से सजे बाजार, झूलों की बढ़ी मांग
Fri, 04 Sep 2026 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:43 AM IST
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गौरीगंज शहर में श्रीकृष्ण जन्माटमी के पूर्व खरीदारी करती महिलाएं। -संवाद
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अमेठी सिटी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के बाजार कान्हा के रंग में रंगने लगे हैं। चार सितंबर को होने वाले जन्मोत्सव से पहले चौक बाजार में लड्डू गोपाल के शृंगार और सजावट की वस्तुओं की खरीदारी बढ़ गई है। दुकानों पर रंग-बिरंगी पोशाक, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, मटकियां और झूले सज गए हैं। घरों और मंदिरों में भी जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही हैं।
इस बार लड्डू गोपाल के लिए लकड़ी के झूलों की मांग अधिक है। सामान्य डिजाइन के साथ सोफा और बेड की शक्ल वाले झूले भी बाजार में आकर्षण का केंद्र बने हैं। लकड़ी और धातु के झूलों में कई डिजाइन उपलब्ध हैं। कमल की आकृति वाले सिंहासन भी ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक जन्माष्टमी नजदीक आने के साथ खरीदारी लगातार बढ़ रही है।
श्रद्धालु लड्डू गोपाल की नई पोशाक के साथ मुकुट, बांसुरी, हार, कंगन, पायल और मोरपंख भी खरीद रहे हैं। स्कूलों और घरों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए कान्हा और राधारानी की पोशाक की भी मांग है। गौरीगंज के चौक बाजार के व्यापारी सुनील हरिवंशी ने बताया कि जन्माष्टमी के लिए शृंगार और सजावट की नई सामग्री मंगाई गई है। झूले 300 से 1,500 रुपये तक में उपलब्ध हैं। मटकी और आकर्षक मुकुट की मांग भी है। मुकुट 15 रुपये प्रति ग्राम की दर से मिल रहा है।
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दुकानदार अजय जायसवाल और बब्लू कसौधन ने बताया कि कुछ सामान के दाम पिछले वर्ष से बढ़े हैं, फिर भी बिक्री पर खास असर नहीं पड़ा। सुशील जायसवाल के मुताबिक लकड़ी के झूलों की सबसे अधिक मांग है। इनकी कीमत 600 से 3,000 रुपये तक है।
इंसेट
सामान और कीमत
झूला : 150 से 3,000 रुपये
सोफा-बेड कॉम्बिनेशन झूला : 450 रुपये
बांसुरी : 20 से 50 रुपये
राधारानी के कपड़े : 150 से 300 रुपये
मटकी : 40 से 100 रुपये
पीतल की लड्डू गोपाल मूर्ति : 100 से 2,000 रुपये
मुकुट : 10 से 200 रुपये
मोरपंख : 10 से 80 रुपये
लड्डू गोपाल के कपड़े : 50 से 300 रुपये
खिलौने : 150 से 350 रुपये
सिंहासन : 100 से 1,000 रुपये
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इस बार लड्डू गोपाल के लिए लकड़ी के झूलों की मांग अधिक है। सामान्य डिजाइन के साथ सोफा और बेड की शक्ल वाले झूले भी बाजार में आकर्षण का केंद्र बने हैं। लकड़ी और धातु के झूलों में कई डिजाइन उपलब्ध हैं। कमल की आकृति वाले सिंहासन भी ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक जन्माष्टमी नजदीक आने के साथ खरीदारी लगातार बढ़ रही है।
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श्रद्धालु लड्डू गोपाल की नई पोशाक के साथ मुकुट, बांसुरी, हार, कंगन, पायल और मोरपंख भी खरीद रहे हैं। स्कूलों और घरों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए कान्हा और राधारानी की पोशाक की भी मांग है। गौरीगंज के चौक बाजार के व्यापारी सुनील हरिवंशी ने बताया कि जन्माष्टमी के लिए शृंगार और सजावट की नई सामग्री मंगाई गई है। झूले 300 से 1,500 रुपये तक में उपलब्ध हैं। मटकी और आकर्षक मुकुट की मांग भी है। मुकुट 15 रुपये प्रति ग्राम की दर से मिल रहा है।
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दुकानदार अजय जायसवाल और बब्लू कसौधन ने बताया कि कुछ सामान के दाम पिछले वर्ष से बढ़े हैं, फिर भी बिक्री पर खास असर नहीं पड़ा। सुशील जायसवाल के मुताबिक लकड़ी के झूलों की सबसे अधिक मांग है। इनकी कीमत 600 से 3,000 रुपये तक है।
इंसेट
सामान और कीमत
झूला : 150 से 3,000 रुपये
सोफा-बेड कॉम्बिनेशन झूला : 450 रुपये
बांसुरी : 20 से 50 रुपये
राधारानी के कपड़े : 150 से 300 रुपये
मटकी : 40 से 100 रुपये
पीतल की लड्डू गोपाल मूर्ति : 100 से 2,000 रुपये
मुकुट : 10 से 200 रुपये
मोरपंख : 10 से 80 रुपये
लड्डू गोपाल के कपड़े : 50 से 300 रुपये
खिलौने : 150 से 350 रुपये
सिंहासन : 100 से 1,000 रुपये