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Amethi News: पाठ्यक्रम अधूरा, बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यार्थियों पर बढ़ा दबाव
Sun, 30 Nov 2025 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 30 Nov 2025 12:17 AM IST
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अमेठी सिटी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी हो चुका है। परीक्षा फरवरी में शुरू होगी। इसके बावजूद माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है। इसको लेकर विद्यार्थी परेशान हैं। अभिभावकों में भी चिंता बढ़ रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी स्कूलों को तय समय सीमा में कोर्स समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि कई विद्यालयों में अभी भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का 20 से 30 प्रतिशत कोर्स शेष है। उन्होंने इसे गंभीर माना है। निर्देश दिए हैं कि नियमित कक्षाओं के साथ आवश्यकतानुसार अतिरिक्त क्लास संचालित की जाएं। शिक्षकों की जवाबदेही तय की जा रही है।
कोर्स प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजने का आदेश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान डीआईओएस ने पाया कि कुछ विद्यालयों में पढ़ाई की रफ्तार काफी धीमी है।
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उन्होंने कहा कि लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित करने वाली किसी स्थिति को अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी स्कूलों से समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ प्रैक्टिकल कार्यों पर ध्यान देने को कहा गया है। उधर, परीक्षा तिथि घोषित होने के बाद बच्चे तैयारी में जुट गए हैं। कई विद्यालयों ने रिवीजन टेस्ट, मॉडल प्रश्न पत्र और पूर्व-परीक्षा अभ्यास शुरू किया है। उद्देश्य है कि छात्र नए पैटर्न से परिचित हो सकें।
अभिभावकों ने मांग की है कि कोर्स पूरा होते ही स्कूल प्रशासन समय से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराए। शिक्षा विभाग का कहना है कि बोर्ड परीक्षा नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। छात्रों को नियमित अध्ययन पर जोर देना चाहिए।
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डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि कई विद्यालयों में अभी भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का 20 से 30 प्रतिशत कोर्स शेष है। उन्होंने इसे गंभीर माना है। निर्देश दिए हैं कि नियमित कक्षाओं के साथ आवश्यकतानुसार अतिरिक्त क्लास संचालित की जाएं। शिक्षकों की जवाबदेही तय की जा रही है।
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कोर्स प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजने का आदेश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान डीआईओएस ने पाया कि कुछ विद्यालयों में पढ़ाई की रफ्तार काफी धीमी है।
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उन्होंने कहा कि लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित करने वाली किसी स्थिति को अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी स्कूलों से समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ प्रैक्टिकल कार्यों पर ध्यान देने को कहा गया है। उधर, परीक्षा तिथि घोषित होने के बाद बच्चे तैयारी में जुट गए हैं। कई विद्यालयों ने रिवीजन टेस्ट, मॉडल प्रश्न पत्र और पूर्व-परीक्षा अभ्यास शुरू किया है। उद्देश्य है कि छात्र नए पैटर्न से परिचित हो सकें।
अभिभावकों ने मांग की है कि कोर्स पूरा होते ही स्कूल प्रशासन समय से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराए। शिक्षा विभाग का कहना है कि बोर्ड परीक्षा नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। छात्रों को नियमित अध्ययन पर जोर देना चाहिए।