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Amethi News: प्रसूता की मौत में लापरवाही बरतने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त
Sat, 29 Jun 2024 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 29 Jun 2024 01:39 AM IST
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अमेठी सिटी। जगदीशपुर कस्बे में संचालित एकता नर्सिंग होम में ऑपरेशन से प्रसव के बाद बीमारी की हालत में लखनऊ अस्पताल में मौत थी। इस मामले में लापरवाही पाते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के सूरपुर काशीपुर गांव निवासी राजकरन यादव की पत्नी संगीता यादव (30) को 14 जून को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जगदीशपुर स्थित एकता नर्सिंग होम में लेकर आए थे, और वहां उसे भर्ती कराया था। 16 जून को ऑपरेशन से प्रसव हुआ। हालत बिगड़ने पर लखनऊ के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां 24 जून की रात्रि में उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजन शव लेकर जगदीशपुर थाने पहुंचे। यहां पर मृतका के परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा तहरीर दी थी। इसके बाद सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। साथ ही जांच टीम बनाई थी।
एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद संग डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. अभय गोयल ने इसकी जांच की थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीएमओ ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। सीएमओ ने बताया कि लाइसेंस निरस्त करने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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संचालक बोले, बिना समय दिए एक तरफा की कार्रवाई
नर्सिंग होम संचालक खलील अमहद ने बताया कि प्रसूता के उपचार में कोई लापरवाही नहीं हुई थी। उसकी उपचार के दौरान लखनऊ के अस्पताल में मौत हुई है। फर्जी आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में बिना समय दिए व उनका पक्ष सुने कार्रवाई की है।
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मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के सूरपुर काशीपुर गांव निवासी राजकरन यादव की पत्नी संगीता यादव (30) को 14 जून को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जगदीशपुर स्थित एकता नर्सिंग होम में लेकर आए थे, और वहां उसे भर्ती कराया था। 16 जून को ऑपरेशन से प्रसव हुआ। हालत बिगड़ने पर लखनऊ के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया था। जहां 24 जून की रात्रि में उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद परिजन शव लेकर जगदीशपुर थाने पहुंचे। यहां पर मृतका के परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा तहरीर दी थी। इसके बाद सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। साथ ही जांच टीम बनाई थी।
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एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद संग डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. अभय गोयल ने इसकी जांच की थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीएमओ ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। सीएमओ ने बताया कि लाइसेंस निरस्त करने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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संचालक बोले, बिना समय दिए एक तरफा की कार्रवाई
नर्सिंग होम संचालक खलील अमहद ने बताया कि प्रसूता के उपचार में कोई लापरवाही नहीं हुई थी। उसकी उपचार के दौरान लखनऊ के अस्पताल में मौत हुई है। फर्जी आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में बिना समय दिए व उनका पक्ष सुने कार्रवाई की है।