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Amethi News: यूरिया के लिए घंटों कतार में खड़े रहे किसान
Thu, 17 Sep 2026 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:40 AM IST
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गौरीगंज स्थित इफको केंद्र पर लगी किसानों की कतार। -संवाद
अमेठी सिटी। धान के खेत में यूरिया डालने के समय किसानों को खाद के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार को गौरीगंज, मुसाफिरखाना, जायस और अमेठी की साधन सहकारी समितियों व इफको केंद्रों पर सुबह से ही कतार लगी रही। खाद मिलने में देरी से किसानों के खेती-बाड़ी से जुड़े दूसरे काम प्रभावित हुए।
किसानों का आरोप है कि दो बोरी से अधिक यूरिया लेने पर नैनो यूरिया लेने का दबाव बनाया जा रहा है। निजी दुकानों पर यूरिया के साथ जिंक और सल्फर समेत दूसरे उत्पाद लेने के लिए कहा जा रहा है।
किसानों का कहना है कि अतिरिक्त उत्पाद लेने से खेती की लागत बढ़ती है। गौरीगंज इफको केंद्र पर रामेंद्र कुमार और सतीशचंद्र ने बताया कि नंबर आने में काफी समय लग रहा है। कमलाकांत ने कहा कि कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
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रोहित पांडेय और रामसिंह ने बताया कि धान के खेत में समय पर यूरिया न पड़ा तो पैदावार प्रभावित हो सकती है। जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। 26 हजार क्विंटल इफको यूरिया की रैक मिली है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किसानों को यूरिया दी जा रही है।
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किसानों का आरोप है कि दो बोरी से अधिक यूरिया लेने पर नैनो यूरिया लेने का दबाव बनाया जा रहा है। निजी दुकानों पर यूरिया के साथ जिंक और सल्फर समेत दूसरे उत्पाद लेने के लिए कहा जा रहा है।
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किसानों का कहना है कि अतिरिक्त उत्पाद लेने से खेती की लागत बढ़ती है। गौरीगंज इफको केंद्र पर रामेंद्र कुमार और सतीशचंद्र ने बताया कि नंबर आने में काफी समय लग रहा है। कमलाकांत ने कहा कि कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
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रोहित पांडेय और रामसिंह ने बताया कि धान के खेत में समय पर यूरिया न पड़ा तो पैदावार प्रभावित हो सकती है। जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। 26 हजार क्विंटल इफको यूरिया की रैक मिली है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किसानों को यूरिया दी जा रही है।