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Amethi News: 45 गांवों में बिजली संकट,लोग बेहाल
Wed, 28 May 2025 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 28 May 2025 12:08 AM IST
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कमरौली (अमेठी)। भीषण गर्मी में क्षेत्र के 45 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति 24 घंटे से बाधित है। इस समस्या के चलते करीब 50 हजार लोग परेशान हैं। ऊर्जा निगम की लापरवाही को लेकर लोगों में आक्रोश है। वहीं ऊर्जा निगम के जिम्मेदार इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं।
महोना पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले पलिया पश्चिम फीडर से जुड़े तिवारी का पुरवा, गंगा का पुरवा, जुग्गा सिंह का पुरवा, ठाकुर का पुरवा सहित 12 से अधिक गांवों में सोमवार शाम से ही बिजली गुल है। इससे करीब 16 हजार लोग बेहाल हैं। इसी तरह सिन्दुरवा गांव के प्रधान आवेश ठाकुर ने बताया कि उनके गांव सहित 24 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति पिछले 24 घंटे से ठप है, जिससे 25 हजार लोग प्रभावित हैं। बरसंडा गांव में बिजली आपूर्ति की हालत और भी बदतर है। यहां मंगलवार शाम चार बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे पूरे शैमसी, ठकुराइन का पुरवा, पांडेय का पुरवा सहित आठ गांवों की करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित है।
गर्मी और उमस से हालात और भी गंभीर हो गए हैं। बीमार लोगों को इलाज में परेशानी हो रही है, वहीं पानी की भी किल्लत उत्पन्न हो गई है। बरसंडा निवासी आफताब हुसैन ने बताया कि जब उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की तो किसी ने फोन नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग का रवैया गैर जिम्मेदाराना है। महोना उपकेंद्र पर तैनात जेई सुरेश कुमार ने बताया कि री-कन्डक्टरिंग के तहत तार बदले जा रहे थे, जिससे लंबा शटडाउन लिया गया। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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50 से अधिक दुकानों का कामकाज ठप
बीते 24 घंटे से बिजली गुल होने से क्षेत्र के पलिया, सिंदुरवा और बरसंडा के 50 से अधिक दुकानदारों का कामकाज प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक नुकसान शीतल पेय, डेयरी व बिजली की दुकानों का हुआ है। दूध, पनीर और खोवा जैसे उत्पाद के खराब होने का डर दुकानदारों को सता रहा है। दुकानदार श्रीराम सोनी, हौसिला प्रसाद यादव आदि का कहना है कि बिजली कटौती से पहले विभाग को सूचना देनी थी।
गांव के 10 से अधिक कारखाने बंंद
क्षेत्र के करीब 45 गांवों को बीते 24 घंटे से बिजली नहीं मिली है। इन इलाके में करीब 10 से अधिक लघु उद्योग या कारखाने हैं, जिनमें पिसाई और पेराई का काम किया जाता है। बिजली न होने से इन कारखानों पर गेहूं और सरसों की बोरियां डंप हैं, लेकिन पेराई व पेराई नहीं हो पा रही है। राइस मिल संचालक संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि बिजली आने का इंतजार किया जा रहा है।
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महोना पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले पलिया पश्चिम फीडर से जुड़े तिवारी का पुरवा, गंगा का पुरवा, जुग्गा सिंह का पुरवा, ठाकुर का पुरवा सहित 12 से अधिक गांवों में सोमवार शाम से ही बिजली गुल है। इससे करीब 16 हजार लोग बेहाल हैं। इसी तरह सिन्दुरवा गांव के प्रधान आवेश ठाकुर ने बताया कि उनके गांव सहित 24 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति पिछले 24 घंटे से ठप है, जिससे 25 हजार लोग प्रभावित हैं। बरसंडा गांव में बिजली आपूर्ति की हालत और भी बदतर है। यहां मंगलवार शाम चार बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे पूरे शैमसी, ठकुराइन का पुरवा, पांडेय का पुरवा सहित आठ गांवों की करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित है।
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गर्मी और उमस से हालात और भी गंभीर हो गए हैं। बीमार लोगों को इलाज में परेशानी हो रही है, वहीं पानी की भी किल्लत उत्पन्न हो गई है। बरसंडा निवासी आफताब हुसैन ने बताया कि जब उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की तो किसी ने फोन नहीं उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग का रवैया गैर जिम्मेदाराना है। महोना उपकेंद्र पर तैनात जेई सुरेश कुमार ने बताया कि री-कन्डक्टरिंग के तहत तार बदले जा रहे थे, जिससे लंबा शटडाउन लिया गया। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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50 से अधिक दुकानों का कामकाज ठप
बीते 24 घंटे से बिजली गुल होने से क्षेत्र के पलिया, सिंदुरवा और बरसंडा के 50 से अधिक दुकानदारों का कामकाज प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक नुकसान शीतल पेय, डेयरी व बिजली की दुकानों का हुआ है। दूध, पनीर और खोवा जैसे उत्पाद के खराब होने का डर दुकानदारों को सता रहा है। दुकानदार श्रीराम सोनी, हौसिला प्रसाद यादव आदि का कहना है कि बिजली कटौती से पहले विभाग को सूचना देनी थी।
गांव के 10 से अधिक कारखाने बंंद
क्षेत्र के करीब 45 गांवों को बीते 24 घंटे से बिजली नहीं मिली है। इन इलाके में करीब 10 से अधिक लघु उद्योग या कारखाने हैं, जिनमें पिसाई और पेराई का काम किया जाता है। बिजली न होने से इन कारखानों पर गेहूं और सरसों की बोरियां डंप हैं, लेकिन पेराई व पेराई नहीं हो पा रही है। राइस मिल संचालक संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि बिजली आने का इंतजार किया जा रहा है।