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हमें जीना सिखाती है शिक्षा : किरणलता
Wed, 18 Jun 2025 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:17 AM IST
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परतोष में चल रहे 10 दिवसीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में शामिल नव चयनित आचार्य। आयोजक।
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अमेठी सिटी। परतोष स्थित एक विद्यालय में विद्या भारती जन शिक्षा समिति काशी प्रदेश की ओर से 10 दिवसीय नव चयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जा रहा है। मंगलवार को विद्या लखनऊ विवि शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष की डॉ. किरणलता गंगवाल ने कहा कि जो सीख एवं सिखा सके वही शिक्षक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें जीना सिखाती है। शिक्षक को अपने बारे में सोचना और अपने को जानना आवश्यक है। शिक्षक एक अभिभावक, एक वयस्क के रूप में समाज में और प्रशिक्षण के समय शिक्षक एक बच्चे के रूप में होता है। कहा कि कृष्णा स्वामी कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में एनईपी-2020 की योजना बनी, जिसमें स्कूली बैग के बोझ को हटाकर सीखने की योजना बनाई गई। हमें बच्चों को कुछ करने के लिए मजबूर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 21वीं शताब्दी में स्किल के अनुसार हम नहीं बनेंगे तो आगे चलकर हमारा स्थान एआई और रोबोट ले लेगा। जब शिक्षक के अंदर अहंकार आ जाता है, तब उसी दिन उसका शिक्षकत्व समाप्त हो जाता है। हमें सदैव कुछ सीखते रहना चाहिए। पहले के समय में शिक्षा गुरुकुलों में मिलती थी, आज इंटरनेट, कंप्यूटर के माध्यम से शिक्षा अपने घर में मिल रही है। इस दौरान प्रदेश निरीक्षक राज बहादुर दीक्षित, संभाग निरीक्षक वीरेंद्र सिंह व कमलेश, प्रदेश मीडिया प्रमुख संतोष मिश्र, सुल्तानपुर जिला प्रमुख सुधाकर, संतोष पांडेय, विवेक शर्मा, रमाकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें जीना सिखाती है। शिक्षक को अपने बारे में सोचना और अपने को जानना आवश्यक है। शिक्षक एक अभिभावक, एक वयस्क के रूप में समाज में और प्रशिक्षण के समय शिक्षक एक बच्चे के रूप में होता है। कहा कि कृष्णा स्वामी कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में एनईपी-2020 की योजना बनी, जिसमें स्कूली बैग के बोझ को हटाकर सीखने की योजना बनाई गई। हमें बच्चों को कुछ करने के लिए मजबूर करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि 21वीं शताब्दी में स्किल के अनुसार हम नहीं बनेंगे तो आगे चलकर हमारा स्थान एआई और रोबोट ले लेगा। जब शिक्षक के अंदर अहंकार आ जाता है, तब उसी दिन उसका शिक्षकत्व समाप्त हो जाता है। हमें सदैव कुछ सीखते रहना चाहिए। पहले के समय में शिक्षा गुरुकुलों में मिलती थी, आज इंटरनेट, कंप्यूटर के माध्यम से शिक्षा अपने घर में मिल रही है। इस दौरान प्रदेश निरीक्षक राज बहादुर दीक्षित, संभाग निरीक्षक वीरेंद्र सिंह व कमलेश, प्रदेश मीडिया प्रमुख संतोष मिश्र, सुल्तानपुर जिला प्रमुख सुधाकर, संतोष पांडेय, विवेक शर्मा, रमाकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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