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डोर-टू-डोर अभियान में चिह्नित होंगे कुपोषित बच्चे
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अमेठी। गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए डोर-टू-डोर चिन्हांकन अभियान चलेेगा। शासन का निर्देश मिलने के बाद इस कार्य के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीएम को जिले को कुपोषण मुक्त बनाने का निर्देश दिया था। जिसके डीएम अरुण कुमार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए सभी 682 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एएनएम की टीम गठित कर गर्भवती महिलाओं व कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
टीम को चिह्नित महिलाओं व बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही पोषाहार वितरित करते हुए उनके स्वास्थ्य सुधार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इतना ही नहीं बेसिक शिक्षा विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग, पंचायत विभाग व स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से इन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर किचन गार्डन तैयार कर हरी सब्जियों के प्रयोग के प्रति तथा कुपोषण को दूर किये जाने हेतु जन जागरूकता, जन सहभागिता के सहयोग से विविध कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा गया है। डीएम ने कहा कि कुपोषण को चुनौती के रूप में लेकर इसे दूर करने की जरूरत है। बच्चे व माताएं स्वस्थ रहेंगी, तभी स्वस्थ एवं समर्थ राष्ट्र का निर्माण होगा।
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पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीएम को जिले को कुपोषण मुक्त बनाने का निर्देश दिया था। जिसके डीएम अरुण कुमार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए सभी 682 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एएनएम की टीम गठित कर गर्भवती महिलाओं व कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
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टीम को चिह्नित महिलाओं व बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही पोषाहार वितरित करते हुए उनके स्वास्थ्य सुधार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इतना ही नहीं बेसिक शिक्षा विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग, पंचायत विभाग व स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से इन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर किचन गार्डन तैयार कर हरी सब्जियों के प्रयोग के प्रति तथा कुपोषण को दूर किये जाने हेतु जन जागरूकता, जन सहभागिता के सहयोग से विविध कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा गया है। डीएम ने कहा कि कुपोषण को चुनौती के रूप में लेकर इसे दूर करने की जरूरत है। बच्चे व माताएं स्वस्थ रहेंगी, तभी स्वस्थ एवं समर्थ राष्ट्र का निर्माण होगा।